स्थिर चित्र से अभिव्यक्ति (Expression with still images)
स्थिर चित्र वह चित्र है जो हिलता नहीं: फ़ोटो, ड्रॉइंग, पोस्टर या चार्ट। एक चित्र से हम भाव या विचार दिखा सकते हैं।
- फ्रेमिंग: चित्र के अंदर क्या रखें और क्या बाहर छोड़ें।
- कंपोज़िशन: चीज़ें कहाँ रखी हैं। रूल ऑफ थर्ड्स चित्र को 3 × 3 हिस्सों में बाँटता है। मुख्य चीज़ को लाइनों के कटान पर रखने से संतुलन लगता है।
- रंग: लाल-पीला जैसे गर्म रंग जोश देते हैं; नीला-हरा जैसे ठंडे रंग शांति देते हैं।
- रोशनी: चमकीला चित्र खुशी जैसा लगता है, गहरा चित्र गंभीर।
- कोण और आकार: क्लोज़-अप में बारीकी दिखती है, वाइड शॉट में जगह।
डिजिटल चित्र कैसे संग्रहित होता है
डिजिटल चित्र छोटे चौकोरों की जाली है, जिन्हें पिक्सेल कहते हैं। हर पिक्सेल एक रंग को तीन संख्याओं में रखता है: लाल, हरा, नीला (RGB), हर एक 0 से 255 तक। 16 × 16 के चित्र में 256 पिक्सेल होते हैं।
रिज़ॉल्यूशन यानी चित्र में कितने पिक्सेल हैं, जैसे 1600 × 1200। पिक्सेल ज़्यादा तो बारीकी ज़्यादा, पर फ़ाइल बड़ी। छोटे चित्र को खींचकर बड़ा करें तो वह खुरदुरा हो जाता है। मेगापिक्सेल = दस लाख पिक्सेल।
चित्र दो तरह के होते हैं। रास्टर चित्र पिक्सेल से बनता है (फ़ोटो)। वेक्टर चित्र रेखाओं और आकृतियों के गणित से बनता है, इसलिए कितना भी बड़ा करो तेज़ रहता है (लोगो)।
स्थिर चित्र की एडिटिंग (Editing still images)
एडिटिंग यानी चित्र बनने के बाद उसे बदलना। आम काम:
- क्रॉप: किनारे काटकर फ्रेम सुधारना। पिक्सेल कम हो जाते हैं।
- रिसाइज़: पिक्सेल की गिनती बदलना, जैसे वेब पेज में फिट करने के लिए।
- ब्राइटनेस और कंट्रास्ट: सब पिक्सेल हल्के या गहरे करना, या हल्के-गहरे हिस्सों का फ़र्क बढ़ाना।
- रंग सुधार: बहुत पीले या नीले चित्र को ठीक करना।
- रीटच: कोई दाग या फ़ालतू चीज़ हटाना।
- लेयर: लिखावट, आकृति और फ़ोटो को अलग-अलग परतों में रखना, ताकि एक बदलने पर बाकी न छुएँ।
अच्छी आदत: हमेशा कॉपी पर एडिट करें, असली फ़ाइल बचाकर रखें।
स्थिर चित्र का कंटेंट बनाना (Producing still-image content)
तैयार चित्र बनाने के चरण: (1) मक़सद और दर्शक तय करें; (2) चित्र खींचें या बनाएँ; (3) एडिट करें; (4) ज़रूरत हो तो लिखावट या ग्राफ़िक जोड़ें; (5) सही फ़ॉर्मेट में सेव करें; (6) प्रकाशित करें और लोगों की प्रतिक्रिया देखें।
फ़ाइल फ़ॉर्मेट: JPEG छोटा और फ़ोटो के लिए अच्छा है, पर हर बार सेव करने पर थोड़ी बारीकी खोता है (लॉसी)। PNG हर पिक्सेल रखता है (लॉसलेस) और पारदर्शी हो सकता है, इसलिए लोगो और स्क्रीनशॉट के लिए ठीक है। GIF में रंग कम होते हैं और वह चल सकता है। RAW कैमरे का बिना छुआ डेटा है।
प्रिंट के लिए स्क्रीन से ज़्यादा पिक्सेल चाहिए (लगभग 300 प्रति इंच)। दूसरों का चित्र लें तो नाम दें और कॉपीराइट का सम्मान करें।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- पिक्सेल की संख्या = चौड़ाई × ऊँचाई
- मेगापिक्सेल = (चौड़ाई × ऊँचाई) ÷ 10,00,000
- बिना कंप्रेस आकार (बाइट) = चौड़ाई × ऊँचाई × 3 (24-बिट रंग)
- प्रिंट आकार (इंच) = पिक्सेल ÷ पिक्सेल प्रति इंच (ppi)
हल किए गए उदाहरण
1. एक फ़ोटो 1600 × 1200 पिक्सेल की है। कुल पिक्सेल और मेगापिक्सेल कितने?
पिक्सेल = 1600 × 1200 = 19,20,000। मेगापिक्सेल = 19,20,000 ÷ 10,00,000 = 1.92 MP।
2. 4000 × 3000 की फ़ोटो को आधी चौड़ाई और आधी ऊँचाई में क्रॉप किया। कितने पिक्सेल बचे?
नया आकार = 2000 × 1500 = 30,00,000 पिक्सेल। यह मूल 1,20,00,000 का चौथा हिस्सा है।
3. 1000 × 800 पिक्सेल का 24-बिट चित्र बिना कंप्रेस कितना बड़ा होगा?
हर पिक्सेल को 3 बाइट चाहिए। आकार = 1000 × 800 × 3 = 24,00,000 बाइट, यानी लगभग 2.4 MB।
4. 300 ppi पर 6 इंच चौड़े प्रिंट के लिए चित्र कितने पिक्सेल चौड़ा चाहिए?
पिक्सेल = 6 × 300 = 1800 पिक्सेल चौड़ा। इससे कम हुए तो प्रिंट खुरदुरा दिखेगा।
5. आप कौन-सा फ़ॉर्मेट चुनेंगे: (क) चैट ऐप पर भेजने की छुट्टी की फ़ोटो, (ख) पारदर्शी बैकग्राउंड वाला स्कूल का लोगो?
(क) JPEG: छोटी फ़ाइल, फ़ोटो के लिए ठीक। (ख) PNG: किनारे तेज़ रखता है और पारदर्शिता देता है।
आम गलतियाँ
- छोटे चित्र को बड़ा करके ज़्यादा बारीकी की उम्मीद करना। खींचने से सिर्फ़ पिक्सेल बड़े होते हैं और चित्र खुरदुरा बनता है।
- असली फ़ाइल पर ही एडिट करके उसी नाम से सेव कर देना। हमेशा कॉपी सेव करें।
- फ़ोटो को बार-बार JPEG में सेव करना। हर बार थोड़ी बारीकी जाती है।
- मुख्य चीज़ को हर बार ठीक बीच में रखना। ज़्यादा जीवंत चित्र के लिए रूल ऑफ थर्ड्स आज़माएँ।