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मूर्तिकला में ढलाई: साँचे से नकल बनाना

ढलाई (कास्टिंग) का मतलब है किसी मॉडल की नकल बनाना। इसके लिए साँचे में प्लास्टर, पतली मिट्टी, मोम या पिघली धातु जैसा तरल डालते हैं और उसे जमने देते हैं। साँचे में मॉडल का उल्टा आकार होता है। अपशिष्ट साँचा एक बार ही काम आता है; टुकड़ों वाला और रबर का साँचा बार-बार काम आता है। टेराकोटा की मूर्ति खोखली और पतली दीवार वाली बनाते हैं, ताकि वह बराबर सूखे और भट्ठी में फटे नहीं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. मूर्तिकार सीधे बड़ी मूर्ति नहीं बनाता। पहले कागज़ पर रेखाचित्र, फिर मिट्टी का छोटा नमूना (मैकेट), फिर पूरे आकार का मॉडल।
  2. अब पूरे आकार के मॉडल के चारों ओर साँचा बनता है। यह साँचा दो टुकड़ों का है और मिट्टी पर कसकर बंद होता है।
  3. साँचा खोलो और मॉडल को बाहर निकालो। अंदर की खाली जगह देखो। उसका आकार मॉडल जैसा ही है, पर उल्टा, जैसे रेत में पैर का निशान।
  4. साँचा फिर बंद करो और उसमें तरल प्लास्टर या मिट्टी डालो। देखो, वह ऊपर चढ़ता है और खाली जगह के हर कोने को भर देता है।
  5. साँचा खोलो। नई मूर्ति को यहाँ बीच से कटा दिखाया है ताकि अंदर दिखे: वह खोखली है, दीवार पतली है और एक छोटा हवा का छेद है। फिर उसे भट्ठी में पकाते हैं।
  6. अब खुद करो। साँचा खोलो-बंद करो, घोल कितना भरा है बदलो, और अपशिष्ट, टुकड़ों वाले व रबर के साँचे में फ़र्क देखो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

साँचा मॉडल का उल्टा क्यों होता है?

साँचा मॉडल के चारों ओर बनता है। जहाँ मॉडल उभरा है, वहाँ साँचा दबा होता है। इसलिए उसकी खाली जगह उल्टी है, पैर के निशान की तरह।

कलाकार पहले छोटा मैकेट क्यों बनाते हैं?

उसे बदलना जल्दी और सस्ता है। मुद्रा या संतुलन की गलती बड़ा मॉडल बनाने से पहले ही पकड़ में आ जाती है।

साँचा दो टुकड़ों में क्यों बनता है?

एक ही गुटका मॉडल को फँसा लेता। दो हिस्से एक रेखा पर खुलते हैं, तो मॉडल या नकल बाहर आ जाती है।

तरल ठीक वही आकार कैसे ले लेता है?

तरल खाली जगह के हर कोने में बह जाता है। जमने पर वह उसी आकार में रह जाता है।

टेराकोटा खोखला क्यों बनता है?

पतली, बराबर दीवार बराबर सूखती है और भाप हवा के छेद से निकल जाती है। मोटा ठोस टुकड़ा फट या फूट सकता है।

साँचा दोबारा कब इस्तेमाल हो सकता है?

टुकड़ों वाला और रबर का साँचा दोबारा काम आता है। अपशिष्ट साँचा नकल निकालने के लिए तोड़ना पड़ता है।

रेखाचित्र, छोटा नमूना (मैकेट) और मॉडल

मूर्तिकार कदम-कदम पर योजना बनाता है। रेखाचित्र (स्केच) कागज़ पर आगे और बगल का चित्र है। मैकेट हाथ में पकड़ने लायक छोटा 3D नमूना है, जो मिट्टी या मोम का होता है। इससे मुद्रा और संतुलन सस्ते में जाँच लेते हैं। मॉडल पूरे आकार की मिट्टी की मूर्ति है। साँचा इसी मॉडल से बनता है।

छोटा नमूना क्यों? छोटे नमूने की गलती सुधारने में मिनट लगते हैं, बड़े मॉडल की गलती में दिन लग सकते हैं।

ढलाई क्या है? साँचे का विचार

ढलाई यानी तरल चीज़ को साँचे में डालकर, जमने पर नकल पाना। साँचा ऋणात्मक (नेगेटिव) होता है: उसकी खाली जगह मॉडल से उल्टी है। नकल धनात्मक (पॉज़िटिव) है।

डाली जा सकने वाली चीज़ें: प्लास्टर, पतली घुली मिट्टी (स्लिप), मोम, रेज़िन और पिघली धातु। ढलाई से कमज़ोर मिट्टी की मूर्ति सालों टिक सकती है, और उसकी कई नकलें भी बन सकती हैं।

प्लास्टर का अपशिष्ट साँचा (वेस्ट मोल्ड)

प्लास्टर ऑफ़ पेरिस सफ़ेद पाउडर है। पानी में मिलाने पर पतला रहता है, फिर थोड़ा गर्म होकर करीब 20 मिनट में सख्त हो जाता है। अपशिष्ट साँचा बनाने के लिए मूर्तिकार मॉडल पर प्लास्टर चढ़ाता है। अक्सर पहले रंगीन पतली परत और ऊपर सफ़ेद परत लगाते हैं। नकल तैयार होने पर साँचे को छेनी से तोड़ते हैं। जब रंगीन परत के टुकड़े दिखने लगें, तो पता चलता है कि नकल पास है।

इसे अपशिष्ट इसलिए कहते हैं कि वह फेंक दिया जाता है। इससे सिर्फ़ एक नकल मिलती है। गहरे, मुड़े हुए आकार (जैसे खुली उँगलियों वाला हाथ) के लिए यह अच्छा है।

टुकड़ों वाला साँचा और रबर का साँचा

टुकड़ों वाला साँचा (पीस मोल्ड) दो या ज़्यादा प्लास्टर टुकड़ों का होता है, जो जोड़ की रेखा पर खुलते हैं। टुकड़े बिना टूटे अलग होते हैं, इसलिए साँचा बार-बार काम आता है। टुकड़े ऐसे बनाते हैं कि मॉडल का कोई भाग साँचे को अटका न दे (जोड़ पर कोई अंडरकट न हो)।

रबर का साँचा सिलिकॉन या लेटेक्स से बनता है। रबर नरम है, खिंचकर मॉडल से निकल जाता है और वापस अपने आकार में आ जाता है, इसलिए बहुत बारीक नक्काशी (जैसे पत्ते की नसें) भी पकड़ता है। नरम रबर झुक जाता है, इसलिए उस पर सख्त प्लास्टर का कवच (जैकेट) बनाते हैं।

साँचाकितनी बारकिसके लिए अच्छा
अपशिष्टएक बारगहरे, कठिन आकार
टुकड़ों वालाकई बारसरल आकार, कई नकलें
रबरकई बारबारीक नक्काशी

टेराकोटा: खोखला करना और पकाना

टेराकोटा का मतलब है पकी हुई मिट्टी: मिट्टी को 900 से 1000 °C के आसपास पकाने पर वह लाल-भूरी हो जाती है। मिट्टी में पानी होता है। सूखने पर वह सिकुड़ती है। मोटा ठोस टुकड़ा धीरे और असमान सूखता है, इसलिए फट सकता है। अंदर फँसा पानी भट्ठी में भाप बनकर टुकड़े को फोड़ भी सकता है।

इसलिए टेराकोटा की मूर्तियाँ खोखली बनाते हैं: दीवार लगभग 1 से 2 सेमी और बराबर मोटी रखते हैं। एक छोटा हवा का छेद छोड़ते हैं ताकि भाप निकल सके। क्रम: मिट्टी को साँचे में दबाओ या स्लिप भरो, थोड़ा जमने दो, निकालो, अंदर से खोखला करो, कई दिन धीरे-धीरे सुखाओ, फिर भट्ठी में पकाओ।

पकी मिट्टी की देखभाल भी आसान है: सूखी जगह रखो, दोनों हाथों से उठाओ, नरम ब्रश से साफ़ करो। किसी कलाकृति को अच्छी हालत में रखना संरक्षण (कंज़र्वेशन) कहलाता है।

खुद करके देखो: प्लास्टर का पदचिह्न बनाओ

  1. किसी खिलौने या सिक्के को गीली रेत की ट्रे में दबाओ और निकाल लो। यह गड्ढा तुम्हारा साँचा (नेगेटिव) है।
  2. प्लास्टर ऑफ़ पेरिस को पानी में क्रीम जितना गाढ़ा घोलकर गड्ढे में डालो। बड़े की मदद लो। 30 मिनट रुको।
  3. नकल निकालकर खिलौने से मिलाओ। क्या आकार वही है? किस तरफ़ बारीकी सबसे अच्छी आई?
  4. सोचो: रेत सूखी और ढीली होती तो क्या होता?

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एक मूर्तिकार को 20 एक जैसी छोटी मूर्तियाँ बनानी हैं। कौन-सा साँचा चुने और क्यों?

टुकड़ों वाला या रबर का साँचा, क्योंकि दोनों बार-बार काम आते हैं। अपशिष्ट साँचा एक नकल के बाद टूट जाता है, तो 20 साँचे बनाने पड़ते।

2. प्लास्टर के साँचे में सफ़ेद परत के नीचे रंगीन परत क्यों रखते हैं?

साँचा तोड़ते समय जब रंगीन परत के टुकड़े दिखने लगते हैं, तो मूर्तिकार समझ जाता है कि नकल पास है और छेनी धीरे चलाता है। इससे नकल बची रहती है।

3. मोटी मिट्टी की मूर्ति को पकाने से पहले खोखला क्यों करते हैं?

मोटी मिट्टी धीरे और असमान सूखती है, और फँसा पानी भट्ठी में भाप बन जाता है। दोनों से मूर्ति फट सकती है। पतली, बराबर दीवार बराबर सूखती है और भाप हवा के छेद से निकल जाती है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. मूर्ति से पहले बनाया गया मिट्टी का छोटा 3D नमूना क्या कहलाता है?
2. कौन-सा साँचा नकल निकालने के लिए तोड़ा जाता है?
3. टेराकोटा को खोखला क्यों बनाते हैं?
4. कौन-सा साँचा नरम है और बारीक नक्काशी पकड़ता है?
5. साँचे की खाली जगह मॉडल का ___ है।

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मूर्तिकला में ढलाई क्या है?

किसी मॉडल की नकल बनाने के लिए साँचे में प्लास्टर, मोम, स्लिप या पिघली धातु जैसा तरल डालकर उसे जमाना ढलाई है।

अपशिष्ट साँचे और टुकड़ों वाले साँचे में क्या अंतर है?

अपशिष्ट साँचा तोड़कर हटाया जाता है और एक बार काम आता है। टुकड़ों वाला साँचा खुलता है, इसलिए कई नकलों के लिए बार-बार काम आता है।

मूर्तिकार मैकेट क्यों बनाते हैं?

मैकेट छोटा और सस्ता नमूना है। इससे बड़े काम में दिन लगाने से पहले मुद्रा, संतुलन और आकार जाँच लेते हैं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

इटलीSecondaria di secondo grado – classe 1ªModelling and sculpture
इटलीSecondaria di secondo grado – classe 2ªModelling and sculpture

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