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कला अभ्यास: चित्रकला, मूर्तिकला, वास्तुकला और परिसर डिज़ाइन

इस पाठ में चार कला अभ्यास जुड़ते हैं। चित्रकला: स्याही-ब्रश में रेखा और खाली जगह बोलती है, तैल रंग में रंग परत दर परत चढ़ता है। मूर्तिकला: मिट्टी गढ़ी जाती है, पत्थर और लकड़ी तराशे जाते हैं, धातु ढाली जाती है। वास्तुकला: विचार नक्शे, सामने के दृश्य और पैमाने वाले मॉडल बनते हैं। परिसर डिज़ाइन में ये सब जुड़कर शोर, धूप और चलने की दूरी जाँचते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. दो चित्र परंपराएँ। स्याही-ब्रश में कुछ रेखाएँ और खाली जगह बहुत कुछ कहती हैं, और स्ट्रोक वापस नहीं होता। तैल रंग में रंग परत पर परत चढ़ते हैं।
  2. सामग्री तरीका तय करती है। मिट्टी जोड़कर दबाई जाती है। पत्थर और लकड़ी तराशकर हटाई जाती हैं। धातु साँचे में उड़ेलकर ढाली जाती है।
  3. वास्तुकार नक्शे से शुरू करता है, यानी ऊपर से बना चित्र। फिर दीवारें उठती हैं, फिर छत लगती है। अब यह मॉडल है।
  4. परिसर एक डिज़ाइन प्रोजेक्ट है। कक्षा-भवन, पुस्तकालय, खेल का मैदान और बगीचा रखने हैं। यह योजना A है।
  5. तीन चीज़ें जाँचो: शोर, धूप और चलने की दूरी। A में मैदान कक्षाओं के पास है। C में वह दूर है और बगीचे को धूप मिलती है।
  6. अब खुद करो। योजनाएँ बदलो और मंज़िलों का स्लाइडर चलाओ। देखो ऊँची इमारत की छाया कैसे गिरती है।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

स्याही के चित्र में गलती क्यों नहीं सुधरती?

स्याही कागज़ में सोख जाती है। चरण 0 में स्याही का बटन दबाओ: हर स्ट्रोक वैसा ही रहता है। तैल रंग पर नई परत चढ़ सकती है।

कुछ मूर्तियाँ तराशी क्यों जाती हैं और कुछ ढाली क्यों?

कठोर टुकड़े तराशकर हटाए जाते हैं; नरम या तरल सामग्री जोड़कर या उड़ेलकर आकार पाती है। चरण 1 में हर सामग्री छुओ।

सपाट नक्शा 3D इमारत को कैसे दिखाता है?

नक्शा ऊपर से बनावट दिखाता है; दीवारें और छत एलिवेशन और मॉडल से जुड़ते हैं। चरण 2 नक्शे से इमारत खड़ी करता है।

परिसर की शुरुआत ब्रीफ़ से क्यों करें?

ब्रीफ़ बताती है कि कौन इस्तेमाल करेगा और क्या चाहिए, ताकि नक्शा उपयोग करने वालों के अनुकूल हो। चरण 3 में रखने वाले चारों हिस्से दिखते हैं।

मैदान कक्षाओं से दूर क्यों होना चाहिए?

वह शोर करता है और पढ़ाई में बाधा डालता है। चरण 4 में योजना C उसे दूर ले जाती है।

ऊँचे कक्षा-भवन की छाया ज़्यादा ज़मीन क्यों ढकती है?

ऊँचाई बढ़ने पर छाया लंबी हो जाती है। फ्री प्ले में मंज़िलों का स्लाइडर चलाओ।

चित्रकला अभ्यास: स्याही-ब्रश और तैल रंग

अलग-अलग संस्कृतियों ने चित्रकला के अलग तरीके बनाए। दोनों सीखने लायक हैं।

स्याही-ब्रश (पूर्वी एशियाई परंपरा)

औज़ार हैं नरम ब्रश, स्याही और सोखने वाला कागज़ या रेशम। ब्रश का स्ट्रोक चित्र की जान है: मोटा या पतला, गीला या सूखा। चित्रकार कागज़ का कुछ भाग जानबूझकर खाली छोड़ता है; वह खाली जगह कुहासा, पानी या आसमान बन सकती है। स्याही सोख ली जाती है, इसलिए स्ट्रोक दोबारा नहीं किया जा सकता। कलाकार पहले देखता और सोचता है। प्राकृतिक दृश्य, बाँस, पक्षी और फूल पुराने विषय हैं।

तैल चित्र (पश्चिमी परंपरा)

रंग-चूर्ण को तेल में मिलाकर कैनवास पर लगाते हैं। तेल देर से सूखता है, इसलिए रंग मिलाए जा सकते हैं और परतें चढ़ाई जा सकती हैं: पहले पतला आधार, फिर मध्य रंग, फिर चमकदार ब्योरे। गहराई के लिए परिप्रेक्ष्य और रूप के लिए प्रकाश-छाया (काइरोस्क्यूरो) इस्तेमाल होती है।

क्लासिक चित्रों से सीखना

किसी बड़े कलाकार की ब्रश-शैली या रंग-योजना सीखने के लिए नकल करो, अपना बताने के लिए नहीं। फिर अपना चित्र बनाओ। भारत की भी अपनी क्लासिक कला है, जैसे लघुचित्र और मंदिरों के भित्तिचित्र।

मूर्ति की सामग्री और उनके तरीके

हर सामग्री का अपना स्वभाव है, इसलिए अपना तरीका भी।

मूर्ति के रूप

पूर्ण (चारों ओर से) मूर्ति हर तरफ से दिखती है। उभार (रिलीफ) पृष्ठभूमि से जुड़ा होता है (कम उभार उथला, ज़्यादा उभार बाहर निकला)। जालीदार काम में छेद कटे होते हैं जिनसे रोशनी निकलती है।

वास्तुकला के चित्र और मॉडल

वास्तुकार 3D इमारत समझाने के लिए सपाट चित्र बनाता है:

ये सब पैमाने पर बनते हैं। 1:100 के पैमाने का मतलब है कागज़ पर 1 सेमी असल में 100 सेमी (1 मी) है। 5 मी की दीवार 5 सेमी की बनेगी।

गत्ते, फ़ोम बोर्ड या मिट्टी का मॉडल इमारत को हर तरफ से देखने देता है। उसे साफ़ बनाओ: सीधा काटो, साफ़ चिपकाओ, आधार लगाओ और पैमाने की एक छोटी मानव आकृति रखो। मॉडल से ग्राहक और लोग इमारत बनने से पहले ही विचार समझ लेते हैं।

परिसर डिज़ाइन प्रोजेक्ट

परिसर (स्कूल या कॉलेज का मैदान) एक डिज़ाइन प्रोजेक्ट है, जिसकी एक ब्रीफ़ होती है: कौन इस्तेमाल करेगा, क्या चाहिए, और कितना पैसा व ज़मीन है। चरण:

  1. जगह देखो: सूर्य का रास्ता, हवा, ढलान, पेड़, सड़क का शोर।
  2. उपयोग के क्षेत्र बाँटो: शांत (कक्षाएँ, पुस्तकालय), सक्रिय (खेल का मैदान), हरा शांत स्थान (बगीचा)।
  3. रास्ते (आवागमन) तय करो, ताकि चलना छोटा और सुरक्षित हो, व्हीलचेयर वालों के लिए भी।
  4. जाँचों से परखो: शोर, धूप-छाया, चलने की दूरी, सुरक्षा।
  5. नक्शा और मॉडल बनाओ, फिर उपयोग करने वालों से राय लेकर सुधारो।

अच्छे विचार: छायादार पेड़ और छज्जे, वर्षा-जल संग्रह, सोलर पैनल, साइकिल स्टैंड, सभा के लिए खुली जगह।

धूप, छाया और शोर: तीन जाँचें

धूप: उत्तरी गोलार्ध के ज़्यादातर भाग में (भारत सहित) दिन में अधिकतर समय सूर्य दक्षिण दिशा में होता है, इसलिए इमारत की छाया उत्तर में गिरती है। इमारत जितनी ऊँची, छाया उतनी लंबी। बगीचे और खेल की जगह धूप वाली तरफ रखो, उस छाया में नहीं।

शोर: खेल का मैदान और कैंटीन शोर करते हैं। उन्हें कक्षाओं से दूर रखो, या बीच में बगीचा या पुस्तकालय रखो।

चलने की दूरी: जो जगहें साथ इस्तेमाल होती हैं, जैसे कक्षा और पुस्तकालय, पास होनी चाहिए। रास्ते की दूरी नक्शे पर पैमाने से नापो।

करके देखो

3D में: स्याही का बटन दबाकर तीन स्ट्रोक बनते देखो; तैल का बटन दबाकर परतें अलग होते देखो। हर मूर्ति-सामग्री छुओ। फिर योजना A, B, C बदलो और मंज़िलें 4 कर दो। किस योजना में बगीचे को धूप मिलती रहती है?

घर पर: (1) एक ब्रश और पानी मिली काली स्याही से पहाड़ बनाओ, आसमान खाली छोड़ो। (2) मिट्टी या आटे से छोटी आकृति गढ़ो। (3) अपने कमरे का नक्शा 1:50 के पैमाने पर बनाओ और गत्ते का मॉडल बनाओ। (4) अपने स्कूल का मैदान बनाकर देखो कि कहाँ शोर है और धूप कहाँ पड़ती है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एक दीवार 5 मी लंबी है। 1:100 के पैमाने पर कागज़ पर उसकी लंबाई कितनी होगी?

5 मी = 500 सेमी। 500 ÷ 100 = 5 सेमी।

2. 1:50 के नक्शे पर एक कमरा 8 सेमी × 6 सेमी है। असली कमरा कितना बड़ा है?

8 × 50 = 400 सेमी = 4 मी; 6 × 50 = 300 सेमी = 3 मी। असली माप 4 मी × 3 मी = 12 वर्ग मीटर।

3. एक मूर्तिकार एक छोटी आकृति की 12 एक जैसी प्रतियाँ चाहता है। कौन-सा तरीका ठीक है और क्यों?

ढलाई। एक साँचा बार-बार इस्तेमाल हो सकता है, इसलिए एक मॉडल से कई प्रतियाँ बन जाती हैं।

4. 1:200 के परिसर नक्शे पर कक्षा-भवन और पुस्तकालय 4.5 सेमी दूर हैं। विद्यार्थी को कितना चलना पड़ेगा?

4.5 × 200 = 900 सेमी = 9 मी (सीधी रेखा में; रास्ता थोड़ा लंबा हो सकता है)।

5. स्याही-ब्रश के चित्र में गलती हो जाए तो तैल रंग की तुलना में उसे सुधारना कठिन क्यों है?

स्याही कागज़ में सोख जाती है, उसे खुरचकर या ऊपर से रंगकर नहीं हटा सकते। तैल रंग देर तक काम लायक रहता है और उसे दूसरी परत से ढका जा सकता है।

6. आपके परिसर नक्शे में बगीचा 3 मंज़िला कक्षा-भवन के ठीक उत्तर में है। क्या यह अच्छी जगह है? बेहतर जगह बताओ।

नहीं। उत्तरी गोलार्ध में छाया उत्तर की ओर गिरती है, इसलिए बगीचा छाया में रहेगा। उसे भवन के दक्षिण में, या किसी और धूप वाली खुली जगह पर ले जाओ।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. नरम सामग्री को जोड़कर और दबाकर मूर्ति बनाने को कहते हैं:
2. आमतौर पर किस सामग्री की ढलाई होती है?
3. नक्शा (प्लान) वह दृश्य है जो:
4. 1:100 के चित्र में 3 सेमी का असली माप है:
5. किसे कक्षाओं से दूर रखना चाहिए?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तराशने और गढ़ने में क्या अंतर है?

तराशने में ठोस टुकड़े (पत्थर, लकड़ी) से सामग्री हटाई जाती है। गढ़ने में नरम सामग्री (मिट्टी, मोम) जोड़कर आकार दिया जाता है।

नक्शा, एलिवेशन और सेक्शन क्या हैं?

नक्शा ऊपर से दृश्य है, एलिवेशन बाहर के एक पक्ष का सपाट दृश्य है, और सेक्शन इमारत को बीच से कटा मानकर बना दृश्य है।

परिसर प्रोजेक्ट में शोर और धूप क्यों जाँचते हैं?

कक्षाओं को शांति और रोशनी चाहिए, बगीचे को धूप, और मैदान शोर करता है। सही जगह रखने से परिसर आरामदायक बनता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

चीन八年级(初二)Sem.2 U4 Space design
चीन高二Sel.1 Creative fine-art practice

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