जगह का उपयोग और उधार का दृश्य
जगह (साइट) वह ज़मीन है जो हमें मिली है। अच्छा डिज़ाइनर ज़मीन से लड़ता नहीं। ढलान पत्थरों का टीला बन सकती है। नीचा कोना तालाब बन सकता है। पुराना बड़ा पेड़ वहीं रहता है।
उधार का दृश्य (बॉरोड सीनरी) का मतलब है बाग़ के बाहर का दृश्य, जैसे पहाड़ी, मीनार या दूर का पेड़, अपने बाग़ का हिस्सा बना लेना। पेड़ों के बीच खाली जगह छोड़ते हैं या ऐसा मंडप रखते हैं जो उसकी ओर देखे। तब बाग़ दीवारों से बड़ा लगता है।
नक्शा: रास्ते, हॉल और मंडप
नक्शा (लेआउट) बताता है कि कौन-सी चीज़ कहाँ रहेगी। रास्ता जगहों को जोड़ता है। क्लासिकल बाग़ों में रास्ते सीधे नहीं होते। वे मुड़ते हैं, ऊपर-नीचे जाते हैं, इसलिए सब कुछ एक बार में नहीं दिखता।
हॉल बैठने और मिलने की बड़ी इमारत है। मंडप खंभों और छत वाला छोटा खुला घर है, बिना दीवारों के, आराम और देखने के लिए। उसे वहाँ रखो जहाँ सबसे अच्छा दृश्य हो। कुछ जगह खुली रखो, कुछ बंद; कुछ बड़ी, कुछ छोटी; कुछ धूप वाली, कुछ छाँव वाली।
पत्थरों का टीला और तालाब बनाना
रॉकरी (पत्थरों का टीला) छोटे पहाड़ जैसा लगाया हुआ पत्थरों का ढेर है। अलग-अलग आकार के पत्थर लो। बड़े नीचे, छोटे ऊपर। पौधों के लिए बीच में जगह छोड़ो।
तालाब ठहरा हुआ पानी है। उसका किनारा नरम और घुमावदार रखो, डिब्बे जैसा नहीं। पानी आसमान और पेड़ों को दिखाता है और बाग़ को गहरा बनाता है। पत्थर और पानी साथ चलते हैं: कठोर-नरम, ऊँचा-नीचा।
मिनी बाग़ का मॉडल बनाओ
करके देखो: जूते के डिब्बे का ढक्कन ज़मीन मानो। मिट्टी या मुड़े कागज़ से पत्थर, नीले कागज़ के गोले से तालाब, कार्ड की पट्टी से टेढ़ा रास्ता और माचिस की डिब्बी पर कार्ड की छत से मंडप बनाओ। ढक्कन के पीछे कागज़ का शंकु पहाड़ी की तरह रखो, यह उधार का दृश्य है। चीज़ें तब तक खिसकाओ जब तक रास्ता दो बार मुड़े और मंडप से पानी और पहाड़ी दोनों दिखें।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- जगह (साइट): जो ज़मीन हमें मिली
- उधार का दृश्य: दूर का दृश्य बाग़ का हिस्सा बनाना
- नक्शा: रास्ते, हॉल और मंडप कहाँ रहें
- रॉकरी: छोटे पहाड़ जैसा पत्थरों का ढेर
- विपरीत जोड़े: ऊँचा-नीचा, कठोर-नरम, खुला-बंद, धूप-छाँव
हल किए गए उदाहरण
1. एक ज़मीन में नीचा गीला कोना और छोटा टीला है। वहाँ क्या बनाओगे?
गीले कोने को गहरा करके तालाब बनाओ और टीले पर पत्थर लगाकर रॉकरी बनाओ। इससे जगह का सही उपयोग होता है।
2. दीवार के बाहर मंदिर की ऊँची मीनार है। उसका क्या उपयोग करोगे?
पेड़ों में खाली जगह छोड़ो और मीनार की ओर देखने वाला मंडप या बैठने की जगह रखो। मीनार उधार का दृश्य बन जाएगी।
3. छोटे बाग़ में टेढ़ा रास्ता सीधे रास्ते से अच्छा क्यों है?
मोड़ कुछ हिस्सा छिपा देता है। चलते हुए नए दृश्य मिलते हैं, इसलिए बाग़ बड़ा और रोचक लगता है।
आम गलतियाँ
- उधार के दृश्य का मतलब पड़ोसी की चीज़ें लेना समझना। इसका मतलब सिर्फ़ दृश्य का उपयोग है।
- रास्ता साफ़-सुथरा दिखने के लिए सीधा बनाना। तब सब एक साथ दिख जाता है।
- सब पत्थर एक आकार के और एक कतार में रखना। टीले में अलग आकार और प्राकृतिक ढेर चाहिए।
- मंडप को ऐसे कोने में रखना जहाँ कोई दृश्य नहीं।