समकालीन नृत्य क्या है?
समकालीन नृत्य (contemporary dance) तय स्टेप से ज़्यादा खुले, सच्चे भाव को महत्व देता है। यह 1900 के शुरुआती वर्षों के आधुनिक नृत्य (modern dance) से निकला, जब नर्तक बैले से ज़्यादा स्वाभाविक ढंग से चलना चाहते थे।
- बैले शरीर को ऊपर उठाता है और मेहनत छिपाता है। कंटेम्पररी अक्सर गुरुत्व के आगे झुकता है और वज़न दिखाता है।
- नर्तक अक्सर नंगे पाँव नाचते हैं, फ़र्श का उपयोग करते हैं और रीढ़ को खूब हिलाते हैं।
- संगीत कुछ भी हो सकता है, या चुप्पी भी।
मुख्य तकनीकें
- गिरना और उठना (fall and recovery): वज़न गुरुत्व को देना, फिर उठना। बीच का ठहरा पल ठहराव (suspension) है।
- संकुचन और विमोचन (contraction and release): साँस छोड़ते हुए रीढ़ गोल, साँस लेते हुए लंबी।
- घुमाव (spiral): कमर या पैर टिके रहें और धड़ रीढ़ के चारों ओर मुड़े।
- झूला (swing): अंग गुरुत्व से गिरकर लोलक की तरह झूलता है।
- फ़र्श का काम (floor work): फ़र्श के पास लुढ़कना, फिसलना, वज़न बदलना।
- रिलीज़ तकनीक: कम से कम तनाव के साथ चलना।
- संपर्क तात्कालिक नृत्य (contact improvisation): दो नर्तक छुअन के एक बिंदु से वज़न बाँटते हैं और उसी पल चालें बनाते हैं।
अभ्यास और सुरक्षा
अच्छी तकनीक के लिए सीध (alignment) (सिर, रीढ़ और कूल्हे एक रेखा में), पेट-कमर की ताक़त, लचीलापन, साँस पर नियंत्रण और नरम, लुढ़कती लैंडिंग चाहिए। पहले हमेशा वार्म-अप करो।
छोटा इतिहास (20वीं और 21वीं सदी)
अमेरिका और यूरोप में आधुनिक नृत्य के शुरुआती कलाकारों, जैसे इसाडोरा डंकन, मार्था ग्राहम (संकुचन-विमोचन), डोरिस हम्फ़्री (गिरना-उठना) और होसे लिमोन ने अपनी तकनीकें बनाईं। जर्मनी में भाव-नृत्य (Ausdruckstanz) बढ़ा, जिससे आगे पीना बाउश का नृत्य-रंगमंच बना। मर्स कनिंघम ने चालें चुनने में संयोग (chance) का उपयोग किया। 1970 के दशक में स्टीव पैक्सटन ने संपर्क तात्कालिक नृत्य शुरू किया। आज कंटेम्पररी कई संस्कृतियों की शैलियाँ मिलाता है, जैसे भारतीय शास्त्रीय, अफ़्रीकी नृत्य और हिप-हॉप, और वीडियो व तकनीक के साथ भी काम करता है।
भाव और रचना
किसी नृत्य का भाव (interpretation) समझने के लिए नर्तक पूछता है: विचार क्या है, मैं क्या महसूस करता हूँ, और शरीर, स्थान, समय और ऊर्जा से इसे कैसे दिखाऊँ? कोरियोग्राफ़र एक प्रेरणा (stimulus) लेते हैं (कविता, चित्र, ख़बर), तात्कालिक चालें बनाते हैं, फिर अच्छी चालें चुनकर जोड़ते हैं।
करके देखो
घुटने ढीले रखकर खड़े हो। 4 गिनती तक साँस छोड़ो और पीठ को C जैसा गोल करो (संकुचन)। 4 गिनती तक साँस लो और लंबे हो जाओ (विमोचन)। फिर एक बाँह को गिरने दो, झूलने दो, और ऊपर एक गिनती रोको (ठहराव)। पहले धीरे, फिर तेज़ करो। देखो भाव कैसे बदलता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- पाँच मुख्य गुण: गिरना-उठना, संकुचन-विमोचन, घुमाव, झूला-ठहराव, संपर्क
- साँस का नियम: साँस छोड़ना = संकुचन, साँस लेना = विमोचन
- ठहराव = गिरने और उठने के बीच का तैरता पल
- बैले गुरुत्व से लड़ता है; कंटेम्पररी उसका उपयोग करता है
- भाव: विचार → भावना → चाल का चुनाव
हल किए गए उदाहरण
1. संकुचन-विमोचन से 8 गिनती का एक वाक्यांश बनाओ।
गिनती 1–4: साँस छोड़ो, रीढ़ को C में मोड़ो और सिर झुकाओ (संकुचन)। गिनती 5–8: साँस लो, सीना खोलो, बाँहें बगल में उठाओ (विमोचन)।
2. 'थका हुआ पर आशा भरा' भाव कंटेम्पररी शैली में कैसे दिखाओगे?
भारी गिराव और फ़र्श पर धीमे लुढ़कने से शुरू करो (थकान, गुरुत्व के आगे झुकना)। फिर लंबे ठहराव के साथ उठो और ऐसा घुमाव करो जो सीने को ऊपर-बाहर खोले (आशा)।
3. संगीत 60 BPM है। गिरना 3 गिनती और उठना 5 गिनती लेता है। एक गिरना-उठना कितना लंबा है?
एक गिनती = 60 ÷ 60 = 1 s। कुल = 3 + 5 = 8 गिनती = 8 s।
आम गलतियाँ
- सोचना कि कंटेम्पररी में कोई तकनीक नहीं। इसमें सीध, पेट की ताक़त और साँस का मज़बूत अभ्यास चाहिए।
- अकड़कर गिरना। गिरना नरम हो और शरीर में घूमते हुए नीचे जाए ताकि जोड़ बचें।
- साँस रोकना। साँस ही संकुचन और विमोचन का समय तय करती है।
- वीडियो की हूबहू नकल करना और चाल का अर्थ न पूछना। भाव के लिए अपना विचार चाहिए।