Italy Secondaria di secondo grado – classe 3ª Dance techniques
अध्याय: 1
1. Advanced technique (classical or contemporary section)
Classical technique · Contemporary technique
- बैले तकनीक – शास्त्रीय बैले तीन बातों पर टिका है: शरीर की सीधी रेखा (अप्लोम्ब), कूल्हे से बाहर घूमे पैर और उनकी पाँच स्थितियाँ, और स्प्रिंग जैसा प्लिए। कक्षा बार से शुरू होकर बीच (सेंटर) तक आती है: धीमा अडाज्यो, स्पॉटिंग के साथ घुमाव, फिर छोटी, मध्यम और बड़ी छलाँगें, बटरी और बाद में पॉइंट का काम। ब्लासिस, चेक्केती और वगानोवा ने इसे साफ़ पद्धतियों में बाँधा।
- समकालीन नृत्य (कंटेम्पररी डांस): तकनीक, इतिहास और भाव – समकालीन नृत्य एक खुली, भाव-भरी शैली है जो 20वीं सदी में बनी, जब नर्तकों ने बैले के सख़्त नियमों से हटकर नाचना शुरू किया। ये नर्तक गुरुत्व से लड़ते नहीं, उसका इस्तेमाल करते हैं: गिरते हैं, फ़र्श पर लुढ़कते हैं और फिर उठते हैं। मुख्य तकनीकें हैं गिरना-उठना, संकुचन-विमोचन (साँस के साथ रीढ़ को मोड़ना और खोलना), घुमाव, झूला और ठहराव, फ़र्श का काम, और संपर्क तात्कालिक नृत्य (साथी के साथ वज़न बाँटना)। नर्तक सही सीध, पेट की ताक़त, साँस और सुरक्षित उतरना सीखते हैं। भाव (interpretation) का मतलब है इन तरीकों से अपना विचार या भावना दिखाना, सिर्फ़ स्टेप की नकल नहीं।