1. ध्वनि और आवाज़ से अभिव्यक्ति
ध्वनि वह बात बता देती है जो कागज़ पर लिखे शब्द नहीं बता पाते। "मैं ठीक हूँ" वाक्य खुशी से, थकान से या गुस्से से बोला जा सकता है। यह फ़र्क आवाज़ से आता है: कितनी ज़ोर से, कितनी तेज़, कितनी ऊँची, और कहाँ रुककर बोला।
ध्वनि सामग्री के चार रूप
- बोली (स्पीच): भाषण, खबर पढ़ना, वॉइस-ओवर (वीडियो में सुनाई देने वाली आवाज़)।
- संगीत: माहौल और लय देता है।
- ध्वनि प्रभाव (साउंड इफ़ेक्ट): दरवाज़ा, बारिश, घंटी। ये जगह या काम के बारे में बताते हैं।
- चुप्पी: छोटा ठहराव भी कुछ कहता है। सुनने वाले को सोचने का समय मिलता है।
ध्वनि कब चुनें?
जब आँखें व्यस्त हों (गाड़ी चलाना, खाना बनाना), जब कम दिखता हो, और भावना के लिए ध्वनि अच्छी है। नक्शे, तालिका और लंबी संख्याओं के लिए चित्र बेहतर है। अच्छी आवाज़ साफ़ होती है: बहुत तेज़ नहीं, एक बार में एक बात, और पीछे शोर नहीं।
2. ध्वनि संख्याएँ कैसे बनती हैं
असली ध्वनि हवा में चलने वाली चिकनी तरंग है। माइक्रोफ़ोन उसे बदलते बिजली के संकेत में बदलता है। फिर कंप्यूटर उसका सैंपल लेता है: हर सेकंड में कई बार तरंग की ऊँचाई नापता है और हर नाप को एक संख्या में लिखता है।
- सैंपलिंग रेट: एक सेकंड में कितनी नाप। सीडी की क्वालिटी में 44,100 प्रति सेकंड (44.1 kHz) होती हैं। बोली के लिए कम चलता है, संगीत को ज़्यादा चाहिए।
- बिट डेप्थ: हर नाप कितनी बारीकी से लिखी गई। 16 बिट से 65,536 ऊँचाइयाँ मिलती हैं।
- वेवफ़ॉर्म: इन सब संख्याओं का चित्र। ऊँचाई = वॉल्यूम। प्रति सेकंड तरंगों की गिनती = तारत्व।
ज़्यादा सैंपल और ज़्यादा बिट से आवाज़ अच्छी आती है पर फ़ाइल बड़ी हो जाती है। सीडी क्वालिटी की एक मिनट की स्टीरियो ध्वनि लगभग 10 MB की होती है।
3. ध्वनि और आवाज़ की एडिटिंग
ऑडियो एडिटर में वेवफ़ॉर्म दिखता है। आप कोई हिस्सा चुनकर उसे बदल सकते हैं।
- ट्रिम या कट: चुप्पी, खाँसी और गलतियाँ हटाओ।
- फ़ेड-इन / फ़ेड-आउट: वॉल्यूम धीरे-धीरे बढ़ाओ या घटाओ ताकि ध्वनि अचानक "टक" से शुरू या खत्म न हो।
- वॉल्यूम या नॉर्मलाइज़: तेज़ और धीमे हिस्सों को बराबर करो।
- शोर हटाना: पंखे जैसी लगातार भिनभिनाहट घटाओ।
- इक्वलाइज़र (EQ): भारी या पतली आवाज़ों को बढ़ाओ-घटाओ।
- मिक्सिंग: कई ट्रैक (आवाज़, संगीत, इफ़ेक्ट) साथ रखकर हर एक का स्तर तय करो। नियम: संगीत आवाज़ से धीमा रखो।
नॉन-डिस्ट्रक्टिव एडिटिंग में मूल फ़ाइल सुरक्षित रहती है और आप गलती वापस कर सकते हैं। असली रिकॉर्डिंग की कॉपी हमेशा रखो।
फ़ाइल के प्रकार
WAV सारी संख्याएँ रखता है (बड़ी फ़ाइल, सबसे अच्छी क्वालिटी)। MP3 और AAC वे आवाज़ें हटा देते हैं जो लोगों को मुश्किल से सुनाई देती हैं, इसलिए फ़ाइल छोटी होती है (संपीड़ित, "लॉसी")। WAV में रिकॉर्ड और एडिट करो, साझा करने के लिए MP3 में निकालो।
4. ध्वनि और आवाज़ की सामग्री बनाना
निर्माण का मतलब है श्रोताओं के लिए पूरा तैयार काम बनाना, जैसे पॉडकास्ट, ऑडियो गाइड, रेडियो विज्ञापन या वीडियो की आवाज़। इन चरणों पर चलो।
- योजना: कौन सुनेगा, उसे क्या चाहिए, कितनी देर का? स्क्रिप्ट और ध्वनियों की सूची बनाओ।
- रिकॉर्डिंग: शांत कमरा लो, माइक मुँह से हथेली भर दूर रखो, पहले जाँच करो और कुछ अतिरिक्त टेक रिकॉर्ड करो।
- एडिटिंग: गलतियाँ काटो, शोर साफ़ करो।
- मिक्स: आवाज़, संगीत और इफ़ेक्ट का संतुलन बनाओ।
- एक्सपोर्ट: साफ़ नाम के साथ MP3 या AAC में सहेजो।
- जाँच और साझा: फ़ोन और स्पीकर दोनों पर सुनो, फिर प्रकाशित करो।
नियम
किसी और की आवाज़ इस्तेमाल करने से पहले अनुमति लो। ऐसा संगीत लो जो मुफ़्त इस्तेमाल के लिए हो या जिसका लाइसेंस आपके पास हो। मदद करने वालों का नाम बताओ।
खुद करके देखो
घर पर: वही दो पंक्तियाँ तीन बार पढ़कर रिकॉर्ड करो: शांत, उत्साह से, उदास। सुनो। आवाज़ में क्या-क्या बदला? अब किसी मुफ़्त ऑडियो एडिटर में शुरू की चुप्पी काटो और 1 सेकंड का फ़ेड-आउट जोड़ो। पहले और बाद की तुलना करो।
3D में: वॉल्यूम स्लाइडर चलाने से पहले अंदाज़ा लगाओ कि तरंग का क्या होगा। फिर जाँचो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- वॉल्यूम = तरंग की ऊँचाई (आयाम)
- तारत्व = प्रति सेकंड तरंगों की संख्या (आवृत्ति, हर्ट्ज़ Hz में)
- फ़ाइल का आकार = सैंपलिंग रेट × बिट डेप्थ × चैनल × समय (बिट में)
- सीडी क्वालिटी: 44,100 सैंपल प्रति सेकंड, 16 बिट
हल किए गए उदाहरण
1. वेवफ़ॉर्म में पहली क्लिप की तरंगें ऊँची हैं और दूसरी की छोटी। कौन ज़्यादा ज़ोर की है?
पहली क्लिप। तरंग की ऊँचाई वॉल्यूम है, इसलिए ऊँची तरंग ज़्यादा ज़ोर की है।
2. क्लिप A में एक सेकंड में 200 तरंगें हैं और क्लिप B में 400। किसका सुर ऊँचा है?
B का। प्रति सेकंड ज़्यादा तरंगें यानी ऊँचा सुर। B, A से दुगना ऊँचा है।
3. 10 सेकंड की मोनो ध्वनि 8,000 सैंपल प्रति सेकंड और 16 बिट पर रिकॉर्ड की। कच्ची फ़ाइल कितनी बड़ी होगी?
बिट = 8,000 × 16 × 1 × 10 = 12,80,000 बिट। बाइट = 12,80,000 ÷ 8 = 1,60,000 बाइट, यानी लगभग 160 KB।
आम गलतियाँ
- ज़ोर की आवाज़ को ऊँचा सुर समझना। ज़ोर यानी ऊँचाई; ऊँचा सुर यानी तरंगों की गिनती।
- एकमात्र कॉपी पर एडिट करना। कच्ची फ़ाइल हमेशा रखो।
- संगीत को आवाज़ जितना तेज़ कर देना, जिससे शब्द समझ नहीं आते।
- हर बार MP3 में सहेजना। हर बार थोड़ी क्वालिटी घटती है। WAV में काम करो, अंत में MP3 बनाओ।