उत्पादन ऑटोमेशन क्या है?
ऑटोमेशन यानी चीज़ें बनाने का काम मशीनें करें और इंसान योजना, सेटअप और निगरानी करें। क्यों? मशीनें तेज़ हैं, थकती नहीं और काम ठीक वैसा ही दोहराती हैं। वे ख़तरनाक काम भी कर सकती हैं। कमियाँ: मशीनें महँगी हैं, कुशल लोग चाहिए और नौकरियों का स्वरूप बदलता है।
CAD/CAM
CAD (कंप्यूटर-सहायित डिज़ाइन) यानी कंप्यूटर पर उत्पाद का चित्र बनाना और जाँचना। माप सटीक होती हैं और बदलना आसान। CAM (कंप्यूटर-सहायित निर्माण) उस चित्र से मशीन के बनाने की योजना बनाता है: कौन सा औज़ार, कितनी गति, कौन सा रास्ता। नतीजा एक प्रोग्राम है। पूरा पाठ देखिए: CAD/CAM।
संख्यात्मक नियंत्रित (NC और CNC) मशीन औज़ार
संख्यात्मक नियंत्रित (NC) मशीन संख्याओं के अनुसार अपना औज़ार चलाती है। शुरुआती NC मशीनों में संख्याएँ छेद वाली पट्टी से आती थीं। CNC (कंप्यूटर संख्यात्मक नियंत्रण) मशीन में अपना छोटा कंप्यूटर होता है, इसलिए प्रोग्राम सहेजा, बदला और फिर चलाया जा सकता है।
प्रोग्राम अक्सर G-code में होता है। "G01 X40 Y20 F100" का मतलब: सीधी रेखा में x = 40 mm, y = 20 mm तक चलो, फ़ीड गति 100 mm प्रति मिनट। मशीन अक्षों पर चलती है: X (दाएँ-बाएँ), Y (आगे-पीछे), Z (ऊपर-नीचे)। हर अक्ष की मोटर सटीक कदम चलती है और सेंसर स्थिति जाँचता है (बंद लूप)।
फ़ायदे: सटीक, दोहराने योग्य, जटिल आकार बनाती है। उदाहरण: खराद, मिलिंग मशीन, लेज़र कटर।
औद्योगिक उत्पादन में ऑटोमेशन सिस्टम
स्वचालित लाइन में मशीनें कन्वेयर, सेंसर, एक्चुएटर (मोटर, सिलेंडर) और कंट्रोलर जैसे PLC (प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर) से जुड़ी होती हैं। ढर्रा: सेंसर पढ़ता है, कंट्रोलर तय करता है, एक्चुएटर काम करता है। जैसे प्रकाश सेंसर पुर्ज़ा देखता है, PLC पट्टा रोकता है, प्रेस नीचे आता है, फिर पट्टा चल पड़ता है।
प्रकार: स्थिर ऑटोमेशन (एक ही उत्पाद, बहुत तेज़, जैसे बोतल भरने की लाइन), प्रोग्राम योग्य ऑटोमेशन (खेप में बनता है, नए उत्पाद पर प्रोग्राम बदलता है) और लचीला ऑटोमेशन (लगभग बिना रुके उत्पाद बदलता है)। रोबोट अक्सर पुर्ज़े चढ़ाते, वेल्डिंग और पेंट करते हैं।
उत्पादन की नेटवर्किंग
नेटवर्क वाले कारखाने में हर मशीन तार या वायरलेस से मुख्य कंप्यूटर से जुड़ी होती है। आदेश नीचे जाते हैं: क्या बनाना है और कितना। रिपोर्ट ऊपर आती हैं: कितने पुर्ज़े बने, ख़राबी, तापमान। प्रबंधक पूरा कारखाना एक स्क्रीन पर देखता है। इसे स्मार्ट फ़ैक्टरी (Industry 4.0) का विचार कहते हैं।
फ़ायदे: कम इंतज़ार, ख़राबी जल्दी पकड़ना, कम बर्बादी। जोखिम: नेटवर्क बंद हुआ तो काम रुक सकता है और हैकर हमला कर सकते हैं, इसलिए पासवर्ड, अपडेट और बैकअप ज़रूरी हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- प्रति घंटा उत्पादन = 3600 s / चक्र समय (s)
- फ़ीड समय = दूरी / फ़ीड गति
- दक्षता (%) = अच्छे पुर्ज़े / कुल पुर्ज़े x 100
- अक्ष: X दाएँ-बाएँ, Y आगे-पीछे, Z ऊपर-नीचे
हल किए गए उदाहरण
1. CNC मशीन एक पुर्ज़ा 30 s में बनाती है। एक घंटे में कितने पुर्ज़े?
पुर्ज़े = 3600 / 30 = 120।
2. औज़ार 120 mm प्रति मिनट की फ़ीड से 60 mm चलता है। कितना समय लगेगा?
समय = 60 / 120 = 0.5 मिनट = 30 s।
3. "G01 X40 Y20 F100" मशीन को क्या बताता है?
सीधे x = 40 mm, y = 20 mm तक, 100 mm प्रति मिनट की गति से चलो।
4. लाइन ने 500 पुर्ज़े बनाए और 25 ख़राब निकले। अच्छे पुर्ज़ों का प्रतिशत?
अच्छे = 475। 475 / 500 x 100 = 95 प्रतिशत।
5. पट्टा 12 s में 3 m दूरी तय करता है। उसकी चाल?
चाल = 3 / 12 = 0.25 m/s।
6. लाइन A प्रति घंटा 90 पुर्ज़े बनाती थी। ऑटोमेशन के बाद चक्र समय 20 s है। प्रति घंटा कितने ज़्यादा?
नया उत्पादन = 3600 / 20 = 180 प्रति घंटा। बढ़त = 180 - 90 = 90 पुर्ज़े प्रति घंटा।
आम गलतियाँ
- CAD और CAM को एक समझना। CAD चित्र है, CAM निर्माण की योजना।
- CNC मशीन अपने आप सोचती है ऐसा मानना। वह सिर्फ प्रोग्राम चलाती है, ग़लत प्रोग्राम से ग़लत पुर्ज़ा बनेगा।
- ऑटोमेशन यानी इंसान नहीं। इंसान डिज़ाइन, प्रोग्राम, सेटअप और मरम्मत करते हैं।
- भूल जाना कि सेंसर ही मशीन को पुर्ज़े की जगह बताता है।