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मछली और समुद्र के काम में IT का उपयोग

आज के जहाज़ और मछुआरे सूचना प्रौद्योगिकी (IT) का उपयोग करते हैं। सोनार आवाज़ की गूँज से मछली ढूँढता है, GPS जगह बताता है, रडार और AIS टक्कर से बचाते हैं, बॉय और उपग्रह समुद्र नापते हैं और तट केंद्र सारा डेटा जोड़कर सलाह देता है। गूँज से गहराई = ध्वनि की चाल x समय / 2।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. समुद्र देखो। ऊपर जहाज़ है, नीचे मछलियाँ हैं। जहाज़ उन्हें देख नहीं सकता। अभी कोई डेटा नहीं है।
  2. सोनार नीचे आवाज़ भेजता है। वह मछलियों से टकराकर गूँज बनकर लौटती है। गूँज का समय गहराई बताता है।
  3. उपग्रह जहाज़ को संकेत भेजता है। यही GPS है। अब जहाज़ को अपनी ठीक जगह पता है।
  4. पानी पर एक बॉय तैरता है। वह तापमान और लहरें नापकर संख्याएँ तट केंद्र को भेजता है।
  5. तट केंद्र सारा डेटा जोड़ता है। वह जहाज़ को सलाह भेजता है: मछली यहाँ है, मौसम सुरक्षित है।
  6. अब तुम्हारी बारी। सोनार, GPS और बॉय चालू या बंद करो। मछली को गहरा ले जाओ और गूँज का समय बढ़ते देखो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

बिना डोरी के जहाज़ को गहराई कैसे पता चलती है?

वह नीचे ध्वनि भेजकर गूँज का समय नापता है। गहराई = चाल x समय / 2। 3D में छल्ले को नीचे जाते और लौटते देखो।

गहरी मछली की गूँज देर से क्यों आती है?

ध्वनि को नीचे और वापस ज़्यादा दूर जाना पड़ता है। आख़िरी चरण में गहराई स्लाइडर चलाओ और गूँज का समय बढ़ते देखो।

क्या GPS जहाज़ से कुछ भेजता है?

नहीं। जहाज़ केवल उपग्रहों के संकेत लेता है। जहाज़ की जगह भेजने का काम AIS करता है।

उपग्रह होते हुए भी बॉय क्यों चाहिए?

उपग्रह दूर से सतह देखता है। बॉय ठीक उसी जगह नापता है और सतह के नीचे भी पहुँच सकता है। दोनों मिलकर पूरी तस्वीर देते हैं।

जहाज़ को सलाह कौन भेजता है?

तट का डेटा केंद्र बॉय, उपग्रह और जहाज़ का डेटा जोड़कर पूर्वानुमान और चेतावनी रेडियो या उपग्रह लिंक से वापस भेजता है।

समुद्री सूचना प्रणाली क्या है?

डेटा यानी तथ्य और संख्याएँ, जैसे समुद्र का तापमान या लहर की ऊँचाई। सूचना प्रणाली डेटा इकट्ठा करती है, रखती है, जोड़ती है और ऐसे दिखाती है कि लोग उसे काम में ला सकें।

समुद्र में डेटा कई जगह से आता है: बॉय (तैरते यंत्र), जहाज़, उपग्रह और तटीय केंद्र। समुद्री सूचना प्रणाली इन सबको जोड़कर नक्शे और चेतावनियाँ बनाती है। जैसे समुद्र की सतह के तापमान का नक्शा, लहरों का पूर्वानुमान, ज्वार की सारणी और तूफ़ान की चेतावनी।

इसकी ज़रूरत क्यों? समुद्र बड़ा है, हमेशा हिलता रहता है और ख़तरनाक है। डेटा से हम काम की योजना बनाते हैं और सुरक्षित रहते हैं।

जहाज़ चलाने की सूचना प्रणालियाँ

जहाज़ को तीन सवालों के जवाब चाहिए: मैं कहाँ हूँ? मेरे आसपास क्या है? मुझे कहाँ जाना है?

इन सबको मिलाकर जहाज़ की नौवहन और संचार प्रणाली कहते हैं।

सोनार मछली और गहराई कैसे ढूँढता है

सोनार का मतलब है ध्वनि से दिशा और दूरी जानना। जहाज़ के नीचे लगा ट्रांसड्यूसर नीचे की ओर छोटी ध्वनि-तरंग भेजता है। समुद्री पानी में ध्वनि लगभग 1500 मी/से की चाल से चलती है। जब वह मछलियों के झुंड या समुद्र तल से टकराती है तो लौट आती है। जहाज़ भेजने और गूँज सुनने के बीच का समय नापता है।

गहराई = चाल x समय / 2। 2 से भाग इसलिए कि आवाज़ नीचे गई और ऊपर वापस भी आई।

मछली के शरीर में गैस से भरा वायु-कोष होता है। वह ध्वनि को ज़ोर से लौटाता है, इसलिए फिश-फाइंडर की स्क्रीन पर झुंड चमकीले निशान की तरह दिखते हैं।

मत्स्य सूचना प्रणालियाँ

समुद्र से थाली तक हर क़दम पर IT मदद करती है।

नेटवर्क पर डेटा भेजना और सुरक्षा

डेटा रेडियो, उपग्रह लिंक, मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट से चलता है। तट के पास मोबाइल नेटवर्क चलता है। दूर समुद्र में जहाज़ उपग्रह संचार का उपयोग करते हैं। तट पर डेटा केंद्र डेटा रखता है और ऐसे प्रोग्राम चलाता है जो पूर्वानुमान बनाते हैं।

डेटा सही, ताज़ा और सुरक्षित होना चाहिए। ग़लत जगह या हैक किया गया AIS संकेत दुर्घटना करा सकता है। इसलिए बैकअप, पासवर्ड और जाँच की व्यवस्था रखी जाती है।

करके देखो

3D में: आख़िरी चरण पर जाओ। गहराई स्लाइडर 150 मीटर पर करो। पहले गूँज का समय अंदाज़े से बताओ (संकेत: 2 x 150 / 1500 सेकंड)। फिर दृश्य के नीचे की संख्या पढ़ो।

घर पर: शांत जगह पर दूर की दीवार के पास ताली बजाओ, या ख़ाली गलियारे में आवाज़ लगाओ। गूँज लौटने में कितना समय लगा, गिनो। मोबाइल का स्टॉपवॉच काम आएगा। दूरी = 340 x समय / 2 (हवा में ध्वनि की चाल 340 मी/से है)।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. जहाज़ के इको साउंडर को 0.2 सेकंड में गूँज मिली। समुद्री पानी में चाल 1500 मी/से है। समुद्र कितना गहरा है?

गहराई = 1500 x 0.2 / 2 = 150 मीटर।

2. मछलियों का झुंड नाव से 75 मीटर नीचे है। गूँज कितनी देर में लौटेगी?

समय = 2 x 75 / 1500 = 0.1 सेकंड।

3. कोहरे में दूसरे जहाज़ से टक्कर बचाने के लिए कप्तान कौन-से दो सिस्टम काम में लेगा?

रडार (दूसरे जहाज़ बिंदु की तरह दिखते हैं) और AIS (दूसरे जहाज़ अपनी जगह और दिशा रेडियो से भेजते हैं)।

4. समुद्र तल की गूँज 0.4 सेकंड में आई और मछली की गूँज 0.1 सेकंड में। मछली तल से कितना ऊपर है?

तल: 1500 x 0.4 / 2 = 300 मी। मछली: 1500 x 0.1 / 2 = 75 मी। मछली तल से 300 - 75 = 225 मी ऊपर है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. कौन-सा यंत्र ध्वनि की गूँज से मछली ढूँढता है?
2. AIS क्या भेजता है?
3. गूँज 0.1 सेकंड में लौटी (चाल 1500 मी/से)। गहराई है:
4. मछली के पैक पर QR कोड मुख्य रूप से किसमें मदद करता है?
5. समुद्र में बॉय ज़्यादातर क्या इकट्ठा करता है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फिश फाइंडर कैसे काम करता है?

वह नीचे ध्वनि-स्पंद भेजता है, गूँज सुनता है और स्क्रीन पर बनाता है। मछलियों का झुंड ध्वनि को ज़ोर से लौटाता है, इसलिए वह अपनी गहराई पर चमकीला निशान बनकर दिखता है।

GPS और AIS में क्या अंतर है?

GPS आपके अपने जहाज़ को उसकी जगह बताता है। AIS आपके जहाज़ का नाम, जगह और दिशा सबको भेजता है ताकि दूसरे आपको देख सकें।

टिकाऊ मछली पकड़ने के लिए डेटा क्यों ज़रूरी है?

पकड़ के रिकॉर्ड और उपग्रह नक्शे बताते हैं कि कितनी मछली कहाँ पकड़ी जा रही है। इससे सीमा तय होती है ताकि मछलियों की संख्या फिर बढ़ सके।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

जापान高校(専門学科)1〜3年Marine Information Technology

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