ऑपरेटिंग सिस्टम कैसे काम करते हैं
ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) वह मुख्य प्रोग्राम है जो कंप्यूटर को चलाता है। यह सबसे पहले चालू होता है और बंद करने तक चलता रहता है। इसके मुख्य काम हैं:
- प्रोसेस प्रबंधन: तय करता है कि कौन-सा प्रोग्राम कितनी देर प्रोसेसर इस्तेमाल करे, इसलिए कई ऐप साथ चलते लगते हैं।
- मेमोरी प्रबंधन: हर ऐप को मेमोरी का अपना हिस्सा देता है और ऐप बंद होने पर वापस ले लेता है।
- फ़ाइल प्रबंधन: स्टोरेज पर फ़ाइलों को फ़ोल्डरों में रखता है।
- डिवाइस प्रबंधन: ड्राइवरों से कीबोर्ड, स्क्रीन, प्रिंटर और नेटवर्क चलाता है।
- यूज़र इंटरफ़ेस: विंडो, आइकन और टच, ताकि आप कंप्यूटर इस्तेमाल कर सकें।
उदाहरण: Windows, macOS, Linux, Android, iOS।
एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर कैसे काम करता है
एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (ऐप) आपको कोई काम करने में मदद करता है: लिखना, चित्र बनाना, चैट, भुगतान, पढ़ाई। ऐप प्रोग्रामरों के लिखे निर्देशों का समूह है। आप उसे खोलते हैं तो OS उसे मेमोरी में लाकर प्रोसेसर से चलवाता है।
ऐप सिस्टम कॉल इस्तेमाल करता है, यानी OS से विनम्र माँग: "यह फ़ाइल खोलो", "यह विंडो बनाओ", "यह डेटा भेजो"। हर ऐप एक ही तरीके से OS से माँगता है, इसलिए एक ही OS वाली कई मशीनों पर वही ऐप चल सकता है।
ऐप डिवाइस पर इंस्टॉल हो सकते हैं या ब्राउज़र में चल सकते हैं।
सॉफ्टवेयर आधारित सुरक्षा तकनीक
सॉफ्टवेयर कंप्यूटर की रक्षा भी करता है:
- एंटीवायरस फ़ाइलें स्कैन करके मैलवेयर (हानिकारक प्रोग्राम) हटाता है।
- फ़ायरवॉल नेटवर्क में आने-जाने वाले डेटा को जाँचता है और संदिग्ध ट्रैफ़िक रोकता है।
- अपडेट (पैच) उन कमज़ोरियों को ठीक करते हैं जिनका हमलावर फ़ायदा उठाते हैं।
- प्रमाणीकरण: पासवर्ड, वन-टाइम कोड और फिंगरप्रिंट साबित करते हैं कि आप कौन हैं।
- एन्क्रिप्शन डेटा को उलझा देता है ताकि चोर पढ़ न सकें।
- अनुमतियाँ: OS हर ऐप को सिर्फ वही इस्तेमाल करने देता है जो आप दें, जैसे कैमरा या लोकेशन।
सूचना प्रणाली बनाने वाला सॉफ्टवेयर
सूचना प्रणाली कई तरह के सॉफ्टवेयर साथ इस्तेमाल करती है:
- सिस्टम सॉफ्टवेयर (OS, ड्राइवर) जो मशीनें चलाता है।
- डेटाबेस सॉफ्टवेयर जो साझा डेटा रखता और ढूँढता है।
- एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर जो बिलिंग, बुकिंग या अंकों जैसे काम करता है।
- नेटवर्क और सुरक्षा सॉफ्टवेयर जो सबको जोड़ता और बचाता है।
स्कूल में अंक वाला ऐप, फ़ीस वाला ऐप और उपस्थिति वाला ऐप एक ही विद्यार्थी डेटाबेस इस्तेमाल कर सकते हैं। लोग डेटा भरते और पढ़ते हैं, और OS व सर्वर सब चलाए रखते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- परतें: हार्डवेयर < ऑपरेटिंग सिस्टम < ऐप < उपयोगकर्ता
- OS के काम: प्रोसेस, मेमोरी, फ़ाइल, डिवाइस, यूज़र इंटरफ़ेस
- ऐप -> सिस्टम कॉल -> OS -> हार्डवेयर -> जवाब वापस
- सुरक्षा सॉफ्टवेयर: एंटीवायरस, फ़ायरवॉल, अपडेट, प्रमाणीकरण, एन्क्रिप्शन
- सूचना प्रणाली = ऐप + डेटा + हार्डवेयर + नेटवर्क + लोग
हल किए गए उदाहरण
1. आप म्यूज़िक ऐप खोलकर प्ले दबाते हैं। OS क्या-क्या करता है?
OS ऐप को मेमोरी में लाता है, उसे प्रोसेसर का समय देता है, स्टोरेज में गाने की फ़ाइल ढूँढता है, और ड्राइवर से आवाज़ स्पीकर तक भेजता है। ऐप सिर्फ माँगता है, हार्डवेयर से काम OS करवाता है।
2. सॉफ्टवेयर अपडेट छोड़ देना जोखिम भरा क्यों है?
अपडेट उन कमज़ोरियों को ठीक करते हैं जिन्हें हमलावर पहले से जानते हैं। अपडेट न करें तो मैलवेयर उन कमज़ोरियों से अंदर आ सकता है। अपडेट करने से वह दरवाज़ा बंद हो जाता है।
3. एक क्लिनिक बुकिंग ऐप, बिलिंग ऐप और रिकॉर्ड ऐप इस्तेमाल करता है। उन्हें एक ही डेटाबेस क्यों साझा करना चाहिए?
साझा डेटाबेस हर मरीज़ के डेटा की एक ही सही कॉपी रखता है। तीनों ऐप एक जैसे तथ्य दिखाते हैं, बार-बार टाइप नहीं करना पड़ता और उनमें मतभेद नहीं होता।
आम गलतियाँ
- ऐप को सीधे हार्डवेयर पर चलता मानना। वे OS पर चलते हैं।
- OS और ऐप को मिला देना। OS मशीन चलाता है, ऐप आपके काम में मदद करता है।
- सिर्फ एंटीवायरस को काफी मानना। अपडेट, पासवर्ड और सावधानी भी चाहिए।
- सूचना प्रणाली में लोगों और डेटा को भूल जाना। सिर्फ सॉफ्टवेयर पूरी प्रणाली नहीं है।