प्रशिक्षण रोज़गार योग्यता के लिए क्यों ज़रूरी है
कौशल वे काम हैं जो आप अच्छे से कर सकते हैं: मशीन चलाना, ग्राहक से बात करना, रिपोर्ट लिखना, कंप्यूटर चलाना। रोज़गार योग्यता (employability) का मतलब है कि आपको काम मिलना और टिकना कितना आसान है। मशीनें और बाज़ार तेज़ी से बदलते हैं, इसलिए कौशल पुराने हो जाते हैं। जो काम दस साल पहले हाथ से होता था, आज सॉफ़्टवेयर कर देता है।
इसीलिए पढ़ाई स्कूल पर ख़त्म नहीं होती। सतत प्रशिक्षण (निरंतर सीखना) वह प्रशिक्षण है जो नौकरी शुरू होने के बाद लिया जाता है: सुरक्षा कोर्स, नया सॉफ़्टवेयर, भाषा की क्लास। कंपनी को बेहतर काम और कम गलतियाँ मिलती हैं; कर्मचारी को बेहतर वेतन और सुरक्षा।
सतत प्रशिक्षण और ई-लर्निंग
सतत प्रशिक्षण काम पर (कोई अनुभवी सिखाए), काम से अलग (क्लास या कार्यशाला) या ऑनलाइन हो सकता है।
ई-लर्निंग कंप्यूटर या फ़ोन से सीखना है: वीडियो, क्विज़, ऑनलाइन क्लास। फ़ायदे: सस्ती, समय अपनी मर्ज़ी का, बार-बार देख सकते हैं, दूर के लोगों तक पहुँचती है (भारत में स्वयं जैसे मुफ़्त कोर्स मंच हैं)। कमज़ोरियाँ: इंटरनेट और अनुशासन चाहिए, हाथ से अभ्यास कम, शिक्षक से पूछने के मौके कम। बहुत जगह मिश्रित सीख होती है: कुछ ऑनलाइन, कुछ आमने-सामने।
कौशल विकास योजना
कौशल विकास योजना एक लिखित योजना है जिसमें लिखा होता है कि कर्मचारी कौन-सा प्रशिक्षण लेंगे, कौन लेगा, कब, कितने समय और कितने ख़र्च में। कंपनी यह तब बनाती है जब वह देख लेती है कि अगले साल कौन-से कौशल चाहिए और लोगों के पास क्या है। व्यक्ति भी अपनी निजी योजना बना सकता है।
- देखो काम (या कंपनी) को कौन-से कौशल चाहिए।
- देखो लोगों के पास कौन-से कौशल हैं। दोनों का फ़र्क कौशल की कमी (skills gap) है।
- कमी भरने वाला प्रशिक्षण चुनो और बजट तय करो।
- कैलेंडर दो और ज़िम्मेदार का नाम लिखो।
- प्रशिक्षण के बाद जाँचो कि कमी सच में भरी या नहीं।
व्यक्तिगत प्रशिक्षण खाता
व्यक्तिगत प्रशिक्षण खाता सीखने का ऐसा क्रेडिट है जो व्यक्ति के साथ चलता है, मालिक के साथ नहीं। हर साल इंसान उसमें घंटे या पैसे जोड़ता है और मंज़ूर कोर्सों पर ख़र्च कर सकता है, नौकरी बदलने या बेरोज़गार होने पर भी। अलग-अलग देशों में ऐसे ही विचार अलग नामों से चलते हैं (जैसे फ़्रांस में व्यक्तिगत प्रशिक्षण खाता, सिंगापुर में स्किल्स-फ़्यूचर क्रेडिट)। मूल बात सरल है: सीखने का हक़ कर्मचारी का अपना है। यह उन लोगों के काम आता है जिनकी कंपनी उनका ज़रूरी कोर्स कभी नहीं कराएगी।
करियर बदलना और नौकरी में गतिशीलता
नौकरी में गतिशीलता (job mobility) यानी दूसरी नौकरी में जाना: उसी कंपनी में (पदोन्नति या नई टीम), दूसरी कंपनी में, दूसरे शहर में (भौगोलिक) या दूसरे पेशे में (पेशेवर)। करियर बदलना यानी बिल्कुल अलग तरह के काम में जाना, जैसे बैंक क्लर्क का डेटा विश्लेषक बनना।
बदलाव के लिए इंसान नए काम के कौशल देखता है, कमी पहचानता है, प्रशिक्षण और खाते से उसे भरता है, और कौशल की जाँच या कार्य-परीक्षण दे सकता है। जो कौशल एक काम से दूसरे में आसानी से चले जाते हैं, जैसे बातचीत, टीमवर्क और कंप्यूटर, वे हस्तांतरणीय कौशल कहलाते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- कौशल की कमी = काम को चाहिए कौशल − व्यक्ति के पास कौशल
- रोज़गार योग्यता = कौशल + ताज़ा प्रशिक्षण + आगे बढ़ने के मौके
- प्रशिक्षण बजट = लोगों की संख्या × घंटे × प्रति घंटा ख़र्च
- बचा क्रेडिट = कुल क्रेडिट − कोर्सों पर ख़र्च क्रेडिट
हल किए गए उदाहरण
1. एक काम को तकनीकी में स्तर 4 और डिजिटल में 5 चाहिए। कर्मचारी के पास 3 और 2 हैं। कुल कमी ज्ञात करो।
तकनीकी में कमी = 4 − 3 = 1। डिजिटल में कमी = 5 − 2 = 3। कुल कमी = 1 + 3 = 4 स्तर। प्रशिक्षण से 4 स्तर बढ़ाने होंगे।
2. एक व्यक्ति के खाते में 150 घंटे हैं। भाषा का कोर्स 60 घंटे और एक्सेल का 45 घंटे लेता है। कितने घंटे बचे?
ख़र्च = 60 + 45 = 105 घंटे। बचे = 150 − 105 = 45 घंटे।
3. एक कंपनी 20 कर्मचारियों को 12 घंटे की एक ही क्लास में सिखाती है। प्रशिक्षक का ख़र्च 500 प्रति घंटा है। प्रति व्यक्ति ख़र्च कितना?
क्लास का ख़र्च = 12 × 500 = 6000। प्रति व्यक्ति = 6000 ÷ 20 = 300।
4. दुकान का एक क्लर्क डेटा विश्लेषक बनना चाहता है। छोटी योजना बताओ।
साल 1: शाम को ऑनलाइन स्प्रेडशीट सीखे (ई-लर्निंग)। साल 2: प्रशिक्षण खाते से सांख्यिकी का कोर्स करे। साल 3: काम पर या इंटर्नशिप में छोटा प्रोजेक्ट करे। छोटी जाँच से कौशल परखे, फिर आवेदन करे।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि प्रशिक्षण सिर्फ़ नए लोगों के लिए है। सतत प्रशिक्षण सबके लिए है, पूरे कामकाजी जीवन में।
- ई-लर्निंग को जादू मानना। अभ्यास और योजना के बिना देखा हुआ भूल जाता है।
- योजना और खाते को मिलाना: योजना समय-सारणी है, खाता सीखने का क्रेडिट है।
- यह मानना कि करियर बदलने पर सब शून्य से शुरू होता है। हस्तांतरणीय कौशल साथ चलते हैं।