सटीकता और सहनशीलता
सटीकता (accuracy) यानी बना पुर्ज़ा ड्रॉइंग की नाप के कितना पास है। कोई मशीन या व्यक्ति पूर्ण नहीं, इसलिए डिज़ाइनर सहनशीलता (tolerance) तय करता है: नाप कितनी ऊपर-नीचे हो तब भी स्वीकार्य हो।
- 50.0 ± 0.2 mm: ऊपरी सीमा 50.2 mm, निचली सीमा 49.8 mm।
- सहनशीलता परास = ऊपरी सीमा − निचली सीमा = 0.4 mm।
- सहनशीलता लंबाई, द्रव्यमान, कोण, रंग की छाया या कपड़ों में टाँके की लंबाई (जैसे 4 ± 0.5 टाँके प्रति cm) पर हो सकती है।
हर सहनशीलता बहुत छोटी क्यों न रखें?
तंग सहनशीलता के लिए बेहतर मशीन, धीमा काम और ज़्यादा जाँच चाहिए, तो लागत बढ़ती है। जहाँ पुर्ज़े आपस में फ़िट होने हों (शाफ़्ट में बेयरिंग) वहीं तंग, बाक़ी जगह ढीली रखते हैं।
गुणवत्ता नियंत्रण, गुणवत्ता आश्वासन और TQM
गुणवत्ता नियंत्रण (QC)
उत्पाद को विनिर्देश (specification) से मिलाना: निरीक्षण और परीक्षण, जैसे नाप, फ़िनिश, मज़बूती। ख़राब माल अस्वीकार, दोबारा काम या रिसाइकल। QC ग़लती ढूँढ़ता है।
गुणवत्ता आश्वासन (QA)
एक व्यवस्था जो शुरू से गुणवत्ता पक्की करती है: तय मानक, स्वीकृत आपूर्तिकर्ता, प्रशिक्षित कर्मचारी, लिखित प्रक्रिया और हर चरण पर जाँच। QA ग़लती रोकता है। कंपनियाँ ISO 9001 जैसे अंतरराष्ट्रीय मानक का प्रमाणपत्र ले सकती हैं।
संपूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन (TQM)
हर कर्मचारी गुणवत्ता के लिए ज़िम्मेदार है और लगातार छोटे सुधार खोजता है (जापानी में kaizen)। गुणवत्ता मंडल (quality circles) कर्मचारियों के छोटे समूह हैं जो मिलकर गुणवत्ता की समस्याएँ सुलझाते हैं।
पुर्ज़े सटीक कैसे बनाएँ
- जिग (jig): औज़ार को रास्ता दिखाता है ताकि छेद या कट हर बार उसी जगह हो (ड्रिलिंग जिग)।
- फ़िक्स्चर (fixture): मशीन पर काम को एक ही स्थिति में मज़बूती से पकड़ता है।
- टेम्पलेट / पैटर्न: वह आकृति जिसके चारों ओर बनाकर या काटकर हर टुकड़ा एक-सा बनता है (कपड़ों में काग़ज़ के पैटर्न)।
- डेटम (datum): एक किनारा या बिंदु जिससे सब नाप ली जाती हैं, ताकि ग़लतियाँ जुड़ती न जाएँ।
- CNC मशीन और लेज़र: CAD के निर्देशांक पर चलते हैं, लगभग 0.01 mm तक दोहराते हैं, थकते नहीं।
- मार्किंग ट्राई स्क्वेयर, मार्किंग गेज और स्क्राइबर से पेंसिल से ज़्यादा सटीक होती है।
मापना और जाँचना
- स्टील स्केल: लगभग ±0.5 mm। वर्नियर या डिजिटल कैलिपर: लगभग ±0.02 mm। माइक्रोमीटर: लगभग ±0.01 mm।
- गो/नो-गो गेज: दो सिरों वाला स्थिर गेज, दोनों सीमाओं पर। अच्छा पुर्ज़ा GO सिरे में जाता है, NO-GO में नहीं। तेज़, पढ़ने की ज़रूरत नहीं।
- नमूना जाँच (sampling): हर उत्पाद जाँचना धीमा है और कुछ जाँचें उत्पाद तोड़ देती हैं, इसलिए नमूना (जैसे 20 में से 1) जाँचते हैं और नतीजों का ग्राफ़ बनाकर रुझान देखते हैं, ताकि पुर्ज़े सीमा से बाहर जाने से पहले सुधार हो।
- देखकर जाँच और टेस्ट रिग: शेड कार्ड से रंग, मज़बूती टेस्टर पर सिलाई, खाने के पैकेट के लिए चेक-वेइगर।
करके देखें
10 पेंसिलें (या 10 A4 काग़ज़, या 10 सिक्के) स्केल से नापिए। सबसे लंबी और सबसे छोटी लिखिए। अगर लक्ष्य औसत ± 1 mm हो, तो कितनी पास होंगी? फिर आख़िरी 3D चरण में सहनशीलता तंग कीजिए और मशीन का फैलाव घटाइए, अस्वीकार दर बदलती देखिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ऊपरी सीमा = नाममात्र नाप + सहनशीलता; निचली सीमा = नाममात्र नाप − सहनशीलता
- सहनशीलता परास = ऊपरी सीमा − निचली सीमा
- अस्वीकार दर (%) = अस्वीकृत पुर्ज़े ÷ जाँचे गए पुर्ज़े × 100
- पुर्ज़ा पास है अगर निचली सीमा ≤ मापी नाप ≤ ऊपरी सीमा
हल किए गए उदाहरण
1. एक शाफ़्ट 25.0 ± 0.1 mm है। ऊपरी, निचली सीमा और सहनशीलता परास बताइए।
ऊपरी 25.1 mm, निचली 24.9 mm, परास 0.2 mm।
2. इन्हीं सीमाओं में पुर्ज़े 25.05, 24.88, 25.10, 25.12 mm हैं। कौन पास?
25.05 और 25.10 पास (24.9 से 25.1 के अंदर)। 24.88 बहुत छोटा, 25.12 बहुत बड़ा, दोनों फ़ेल।
3. 40 पुर्ज़ों के नमूने में 3 अस्वीकार। अस्वीकार दर?
3 ÷ 40 × 100 = 7.5%।
4. टी-शर्ट कारख़ाने के लिए QC और QA का अंतर समझाइए।
QC: निरीक्षक तैयार टी-शर्ट की नाप, सिलाई और रंग जाँचकर ख़राब हटाते हैं। QA: पूरी व्यवस्था: स्वीकृत कपड़ा आपूर्तिकर्ता, प्रशिक्षित दर्ज़ी, लिखित मानक और कटाई, सिलाई, छपाई के बाद जाँच, ताकि ग़लती हो ही नहीं।
आम गलतियाँ
- ± 0.2 mm का परास 0.2 mm समझना। परास −0.2 से +0.2 तक, यानी 0.4 mm है।
- QC और QA को एक मानना। QC उत्पाद जाँचता है; QA ग़लती रोकने की व्यवस्था है।
- मानना कि तंग सहनशीलता हमेशा बेहतर है। इससे लागत बढ़ती है; सिर्फ़ फ़िट होने वाली जगह चाहिए।
- हर नाप पिछले निशान से लेना। एक डेटम किनारे से नापिए ताकि छोटी ग़लतियाँ जुड़ें नहीं।