प्रक्रिया नियंत्रण
प्रक्रिया (process) उन चरणों की श्रृंखला है जो कच्चे माल को उत्पाद बनाती है। प्रक्रिया नियंत्रण का मतलब इन चरणों को ऐसे चलाना कि काम सही क्रम में, सही समय पर, सही लोगों और मशीनों से हो। प्रबंधक कार्य-आदेश (क्या बनाना है), रूटिंग (चरणों का रास्ता) और प्रगति चार्ट (क्या हुआ और क्या देर में है) इस्तेमाल करते हैं। वे हर काम पर नज़र रखते हैं और चरण में देरी हो तो उसे तेज़ करते या योजना बदलते हैं।
अच्छा प्रक्रिया नियंत्रण इंतज़ार घटाता है, काम खोने से बचाता है और डिलीवरी की तारीख़ निभाता है।
गुणवत्ता नियंत्रण: नतीजे की जाँच
गुणवत्ता का मतलब उत्पाद वही करे जो उसे करना चाहिए और मानक पूरा करे। कोई प्रक्रिया हर पुर्ज़ा ठीक एक जैसा नहीं बनाती, इसलिए हम लक्ष्य नाप और सीमाएँ तय करते हैं, जैसे 30.0 मिमी, सीमा 29.8 से 30.2 मिमी। निरीक्षण (inspection) पुर्ज़ों को मापता है। गेज या कैलिपर जैसे औज़ार नाप जाँचते हैं। सीमा के अंदर वाले पुर्ज़े पास होते हैं। बाहर वाले फ़ेल होते हैं और सुधारे या फेंके जाते हैं।
हर पुर्ज़ा जाँचने में समय और पैसा लगता है, इसलिए अक्सर नमूना (sample) जाँचते हैं, जैसे हर 100 में से 5।
कंट्रोल चार्ट: समस्या जल्दी पहचानना
कंट्रोल चार्ट मापे गए मान समय के क्रम में बिंदुओं के रूप में दिखाता है, बीच की रेखा और ऊपरी व निचली सीमा के साथ। बिंदु सीमाओं के बीच रहें और बीच की रेखा के आसपास उछलते रहें तो प्रक्रिया स्थिर है। बिंदु एक ही दिशा में चढ़ें या सीमा से बाहर जाएँ तो कुछ बदला है, जैसे औज़ार घिस गया। तब रुककर कारण ढूँढते और ठीक करते हैं। यह ख़राब पुर्ज़े बनने के बाद फेंकने से बेहतर है, क्योंकि यह दोष को रोकता है।
करके देखिए
3D में औज़ार की घिसाई 0 से 10 तक चलाइए। किस मान पर पहला पुर्ज़ा लाल होता है? किस मान पर 3 या ज़्यादा पुर्ज़े फ़ेल होते हैं? घर पर 8 पेंसिलें स्केल से नापिए और देखिए लंबाई में कितना फ़र्क़ है। आप कौन-सी सीमाएँ रखेंगे?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अनुमत नाप = लक्ष्य +/- सहिष्णुता
- पास यदि निचली सीमा <= नाप <= ऊपरी सीमा
- दोष दर = ख़राब पुर्ज़े / जाँचे पुर्ज़े x 100
- प्रक्रिया नियंत्रण = सही चरण, सही क्रम, सही समय
- गुणवत्ता नियंत्रण = नतीजे को सीमा से जाँचना
हल किए गए उदाहरण
1. एक छड़ 50 मिमी की होनी है, सीमा 49.8 से 50.2 मिमी। क्या 50.15 मिमी की छड़ पास है? और 50.3 मिमी की?
50.15, 49.8 और 50.2 के बीच है, इसलिए पास। 50.3, 50.2 से ऊपर है, इसलिए फ़ेल।
2. सुपरवाइज़र ने 40 पुर्ज़े जाँचे और 3 ख़राब मिले। दोष दर क्या है?
दोष दर = 3 / 40 x 100 = 7.5 प्रतिशत।
3. कंट्रोल चार्ट पर पिछले 6 बिंदु लगातार ऊपर चढ़े हैं पर अभी सीमा के अंदर हैं। ऑपरेटर को क्या करना चाहिए?
अभी मशीन जाँचनी चाहिए। लगातार चढ़ना बताता है कि औज़ार की घिसाई जैसा कुछ नाप बदल रहा है। जल्दी ठीक करने से बिंदुओं के सीमा लाँघने और ख़राब पुर्ज़े बनने से पहले ही रुक जाता है।
आम गलतियाँ
- गुणवत्ता का मतलब एकदम सही पुर्ज़े समझना। असली पुर्ज़ों में हमेशा थोड़ा फ़र्क़ रहता है; सीमा बताती है कितना चलेगा।
- सिर्फ़ अंत में जाँचना और प्रक्रिया को कभी न देखना।
- बिंदु अभी सीमा के अंदर हैं, यह सोचकर लगातार खिसकाव को अनदेखा करना।
- प्रक्रिया नियंत्रण (चरण और समय) और गुणवत्ता नियंत्रण (नतीजे की जाँच) को एक समझना।