व्यवसाय का मूल्यांकन: जारी रखें, बढ़ाएँ, विविधता लाएँ या बंद करें
हर कुछ महीनों में मालिक को व्यवसाय जाँचना चाहिए। देखें: बिक्री, मुनाफ़ा, नकद, ग्राहकों की राय और बाज़ार।
- जारी रखें: सब ठीक है और बाज़ार स्थिर है। छोटी कमियाँ सुधारें।
- बढ़ाएँ: माँग बढ़ रही है और पैसा है या जुटाया जा सकता है।
- विविधता लाएँ: नए उत्पाद या नए बाज़ार जोड़ें ताकि जोखिम बँट जाए।
- बंद करें या बेचें: लगातार घाटा है और कोई हल नहीं। जल्दी बंद करने से पैसा बचता है।
बढ़ना क्यों? बड़ी कंपनी थोक में सस्ता ख़रीदती है (पैमाने की बचत), बाज़ार में बड़ा हिस्सा पाती है, ज़्यादा मुनाफ़ा कमाती है और बुरे समय में टिकती है।
आंतरिक (जैविक) विकास
आंतरिक विकास यानी अंदर से बढ़ना, अपने मुनाफ़े या कर्ज़ से। जैसे: नई शाखा, बड़ा कारख़ाना, ज़्यादा कर्मचारी, नए उत्पाद, ऑनलाइन बिक्री।
- फ़ायदा: पूरा नियंत्रण; स्थिर विकास; काम का तरीका वही रहता है।
- नुकसान: धीमा; कंपनी जितना कमाती है उतना ही बढ़ सकती है।
बाहरी विकास यानी दूसरी कंपनियों के साथ काम करके या मिलकर बढ़ना: फ़्रैंचाइज़िंग, संयुक्त उद्यम, विलय और अधिग्रहण। तेज़ है, पर जोखिम ज़्यादा।
फ़्रैंचाइज़िंग: प्रकार, लाभ और हानि
फ़्रैंचाइज़िंग में फ़्रैंचाइज़र (ब्रांड का मालिक) फ़्रैंचाइज़ी को अपना नाम, उत्पाद और काम का तरीका इस्तेमाल करने का हक़ देता है। फ़्रैंचाइज़ी शुरुआती फ़ीस और रॉयल्टी (बिक्री का हिस्सा, अक्सर 4–8%) देता है।
फ़्रैंचाइज़िंग के प्रकार
- उत्पाद (वितरण) फ़्रैंचाइज़: ब्रांड का सामान बेचना, जैसे कार डीलर या पेट्रोल पंप।
- व्यापार प्रारूप फ़्रैंचाइज़: पूरा सिस्टम नकल होता है: नाम, मेन्यू, दुकान की बनावट, ट्रेनिंग। फ़ास्ट-फ़ूड चेन और कोचिंग सेंटर।
- विनिर्माण फ़्रैंचाइज़: लाइसेंस पर सामान बनाना, जैसे कोल्ड-ड्रिंक बॉटलर।
- मास्टर फ़्रैंचाइज़: एक व्यक्ति को पूरे क्षेत्र का हक़, वह आगे उप-फ़्रैंचाइज़ बेच सकता है।
लाभ और हानि
- फ़्रैंचाइज़र के लिए: दूसरों के पैसे से तेज़ विकास; स्थानीय मालिक मेहनत करते हैं। पर नियंत्रण कम; एक ख़राब फ़्रैंचाइज़ी ब्रांड का नाम बिगाड़ सकता है।
- फ़्रैंचाइज़ी के लिए: जाना-माना ब्रांड, परखा हुआ तरीका, ट्रेनिंग, इसलिए कम जोखिम। पर फ़ीस और रॉयल्टी से मुनाफ़ा घटता है; सख़्त नियम; आज़ादी कम।
विलय और अधिग्रहण: प्रकार और कारण
विलय (मर्जर) में दो कंपनियाँ सहमति से मिलकर एक कंपनी बनती हैं। अधिग्रहण या टेकओवर में एक कंपनी दूसरी पर नियंत्रण ख़रीदती है, आमतौर पर उसके 50% से ज़्यादा शेयर ख़रीदकर। टेकओवर दोस्ताना या शत्रुतापूर्ण (लक्ष्य कंपनी के प्रबंधकों की मर्ज़ी के ख़िलाफ़) हो सकता है।
प्रकार
- क्षैतिज: एक ही उद्योग में एक ही चरण की कंपनियाँ (दो बैंक, दो फ़ोन कंपनियाँ)।
- ऊर्ध्वाधर पिछड़ा: आपूर्तिकर्ता से मिलना (चॉकलेट कंपनी कोको फ़ार्म ख़रीदे)।
- ऊर्ध्वाधर अग्रवर्ती: ग्राहक के पास वाले विक्रेता से मिलना (निर्माता दुकानों की चेन ख़रीदे)।
- समूह (कॉन्ग्लोमरेट): असंबंधित व्यवसाय (स्टील कंपनी होटल चेन ख़रीदे)।
कारण
- तेज़ी से बढ़ना और बाज़ार हिस्सा पाना।
- पैमाने की बचत: प्रति इकाई लागत कम।
- नया कौशल, तकनीक, ब्रांड या ग्राहक पाना।
- आपूर्ति या बिक्री पर नियंत्रण (ऊर्ध्वाधर)।
- जोखिम बाँटना (समूह)।
- प्रतियोगी को हटाना।
समस्याएँ
काम की संस्कृति का टकराव, नौकरियाँ जाना, ख़रीदने की ऊँची लागत, और कंपनी इतनी बड़ी कि सँभालना मुश्किल। कई विलय उम्मीद के फ़ायदे नहीं दे पाते।
करके देखें
अपने घर के पास की कोई दुकान चुनें। लिखें कि चार रास्तों (जारी रखें, बढ़ाएँ, विविधता, बंद करें) में से कौन-सा अभी ठीक है और क्यों। फिर 3D में हर विकास रास्ते पर टैप करके गति, लागत और जोखिम लिखें। इस दुकान के लिए आप कौन-सा रास्ता चुनेंगे?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- आंतरिक विकास: अपने मुनाफ़े से बढ़ना; धीमा, पूरा नियंत्रण।
- बाहरी विकास: दूसरी कंपनियों से मिलकर बढ़ना; तेज़, ज़्यादा जोखिम।
- फ़्रैंचाइज़र = ब्रांड मालिक; फ़्रैंचाइज़ी = जो व्यवसाय की नकल चलाता है।
- रॉयल्टी = फ़्रैंचाइज़ी की बिक्री का तय % जो फ़्रैंचाइज़र को मिलता है।
- विलय: दो कंपनियाँ सहमति से एक बनती हैं। अधिग्रहण: एक कंपनी नियंत्रण ख़रीदती है (> 50% शेयर)।
- क्षैतिज = एक ही चरण; ऊर्ध्वाधर = श्रृंखला में आपूर्तिकर्ता या विक्रेता; समूह = असंबंधित।
- पैमाने की बचत: कंपनी बढ़ने पर प्रति इकाई लागत घटती है।
हल किए गए उदाहरण
1. एक फ़्रैंचाइज़ी की सालाना बिक्री ₹40,00,000 है और रॉयल्टी 5% है। कितनी रॉयल्टी देनी होगी?
रॉयल्टी = ₹40,00,000 का 5% = 0.05 × 40,00,000 = ₹2,00,000।
2. एक टायर कंपनी रबर का बाग़ान ख़रीदती है। यह किस प्रकार का एकीकरण है और क्यों?
ऊर्ध्वाधर पिछड़ा एकीकरण, क्योंकि वह कच्चे माल के आपूर्तिकर्ता से मिल रही है। रबर की आपूर्ति पक्की होती है, गुणवत्ता पर नियंत्रण रहता है और आपूर्तिकर्ता का मुनाफ़ा बचता है।
3. एक जूस ब्रांड 3 साल में 50 आउटलेट चाहता है पर पैसा कम है। कौन-सी रणनीति?
व्यापार प्रारूप फ़्रैंचाइज़िंग। फ़्रैंचाइज़ी अपने पैसे से आउटलेट खोलते हैं, ब्रांड तेज़ी से बढ़ता है और फ़ीस व रॉयल्टी कमाता है।
4. कंपनी A, कंपनी B के 55% शेयर ख़रीदती है। यह विलय है या अधिग्रहण? B पर नियंत्रण किसका?
अधिग्रहण (टेकओवर)। 50% से ज़्यादा शेयर होने से A का B पर नियंत्रण है। B का नाम रह सकता है, पर नीति A तय करती है।
आम गलतियाँ
- हर टेकओवर को विलय कहना। विलय सहमति से एक कंपनी बनाता है; अधिग्रहण में एक कंपनी नियंत्रण ख़रीदती है।
- फ़्रैंचाइज़र और फ़्रैंचाइज़ी को उलट देना। फ़्रैंचाइज़र ब्रांड का मालिक है; फ़्रैंचाइज़ी उसे इस्तेमाल करने के पैसे देता है।
- दो प्रतियोगियों के मिलने को ऊर्ध्वाधर समझना। एक ही चरण के प्रतियोगी = क्षैतिज।
- यह मानना कि बढ़ना हमेशा अच्छा है। बहुत तेज़ विकास से नकद की कमी और नियंत्रण खोने का ख़तरा है।