Romania Clasa a X-a Entrepreneurship Education
अध्याय: 4
1. Managing personal resources
Work motivation and career · The individual as entrepreneur
- करियर प्लानिंग: ख़ुद को जानने से पहली नौकरी तक – करियर प्लानिंग के पाँच कदम हैं। 1) ख़ुद को जानो: रुचियाँ, कौशल और मूल्य। 2) करियर परिवार खोजो और जानो कि काम क्या है, कौन-सी पढ़ाई चाहिए, वेतन और माँग कितनी है। 3) SMART लक्ष्य और प्लान B के साथ रास्ता बनाओ। 4) CV, आवेदन पत्र, डिजिटल पोर्टफ़ोलियो और इंटरव्यू अभ्यास से नौकरी खोजो। 5) स्कूल से काम की ओर बढ़ो और सीखते रहो, क्योंकि ज़िंदगी भर करियर बदलता है।
- उद्यमी के गुण: कौन बनता है उद्यमी – उद्यमी वह व्यक्ति है जो किसी समस्या या ज़रूरत को पहचानकर उसे अवसर में बदलता है, और पैसा, लोग और सामग्री जुटाकर उसे पूरा करता है, संभावित इनाम के लिए जोखिम उठाते हुए। मुख्य गुण हैं: अवसर पहचानना, रचनात्मकता और नवाचार, समझदारी से जोखिम, लचीलापन, नेतृत्व और टीमवर्क, और योजना व पैसे की समझ। ये गुण अभ्यास से सीखे और बढ़ाए जा सकते हैं। उद्यमी रोज़गार, नए उत्पाद, प्रतियोगिता और कर देते हैं।
2. Starting and running a business
Business plan and legal conditions · Market and resources · Evaluating a business
- बिज़नेस प्लान: नया व्यवसाय कैसे प्लान करें – बिज़नेस प्लान (व्यवसाय योजना) एक लिखित दस्तावेज़ है। इसमें लिखा होता है कि व्यवसाय क्या बेचेगा, ग्राहक कौन हैं, उन तक कैसे पहुँचेंगे, कौन चलाएगा और पैसे का हिसाब कैसा होगा। मालिक इससे साफ़ सोच पाता है, खतरे पहले देख लेता है, और बैंक या निवेशक को पैसा देने के लिए राज़ी कर पाता है। आम तौर पर इसके हिस्से हैं: सार (एग्ज़ीक्यूटिव समरी), विचार और लक्ष्य, बाज़ार अनुसंधान, प्रतियोगी, मार्केटिंग (4 P), संचालन और टीम, और वित्त। वित्त में कुछ आसान हिसाब हैं। स्थिर लागत बिक्री से नहीं बदलती (किराया)। परिवर्ती लागत हर इकाई के साथ बढ़ती है (कच्चा माल)। कुल लागत = स्थिर + परिवर्ती। आय = कीमत × बिक्री। लाभ = आय − कुल लागत (उत्तर ऋण में हो तो हानि)। ब्रेक-ईवन बिंदु = स्थिर लागत ÷ (कीमत − प्रति इकाई परिवर्ती लागत)। योजना भविष्य का अनुमान है, इसलिए इसे बार-बार जाँचना और बदलना चाहिए।
- बाज़ार अनुसंधान: ग्राहक क्या चाहते हैं, यह पता करना – बाज़ार अनुसंधान का अर्थ है ग्राहकों, प्रतियोगियों और बाज़ार की जानकारी इकट्ठा करके उसका विश्लेषण करना, ताकि व्यवसाय बेहतर निर्णय ले और जोखिम घटे। प्राथमिक (क्षेत्र) अनुसंधान सर्वेक्षण, साक्षात्कार, अवलोकन, फ़ोकस समूह और परीक्षण विपणन से नया डेटा जुटाता है। द्वितीयक (डेस्क) अनुसंधान पहले से मौजूद डेटा, जैसे सरकारी आँकड़े, रिपोर्ट और वेबसाइटें, इस्तेमाल करता है। सबसे नहीं पूछ सकते, इसलिए नमूना चुनते हैं: यादृच्छिक, स्तरित, कोटा या सुविधा। डेटा मात्रात्मक (संख्याएँ) या गुणात्मक (राय और कारण) होता है। नतीजों से बाज़ार विभक्तिकरण, बाज़ार मानचित्र, ख़ाली जगह खोजने और मूल्य प्रस्ताव बनाने में मदद मिलती है। इसकी सीमाएँ भी हैं: पक्षपात, छोटे नमूने और पुराना डेटा।
- व्यवसाय विकास रणनीतियाँ – व्यवसाय की जाँच के बाद मालिक चार में से एक रास्ता चुनता है: जारी रखना, बढ़ाना, विविधता लाना या बंद करना। विकास आंतरिक (अपने मुनाफ़े से नई शाखा, उत्पाद, कर्मचारी) या बाहरी (दूसरी कंपनियों के साथ मिलकर) हो सकता है। फ़्रैंचाइज़िंग में दूसरे लोग फ़ीस और रॉयल्टी देकर आपकी दुकान जैसी दुकान खोलते हैं। विलय में दो कंपनियाँ सहमति से एक बनती हैं; अधिग्रहण (टेकओवर) में एक कंपनी दूसरी पर नियंत्रण ख़रीद लेती है। विलय क्षैतिज, ऊर्ध्वाधर या समूह (कॉन्ग्लोमरेट) हो सकता है। हर रास्ते में गति, लागत, नियंत्रण और जोखिम का संतुलन है।
3. Business ethics
Responsibility and ethics
- नीतिशास्त्र: कैसे तय करें कि क्या सही है – नीतिशास्त्र (नैतिक दर्शन) पूछता है कि हमें क्या करना चाहिए और क्यों। ईमानदारी, दया, न्याय और सम्मान जैसे मूल्य चुनाव में राह दिखाते हैं। तीन मुख्य सिद्धांत: परिणाम (उपयोगितावाद, बेंथम और मिल: ज़्यादा से ज़्यादा लोगों का ज़्यादा भला), कर्तव्य (कांट: ऐसा नियम अपनाओ जो सब अपना सकें; लोगों को साध्य मानो, सिर्फ़ साधन नहीं) और सद्गुण (अरस्तू: अच्छा चरित्र बनाओ; सद्गुण दो अतियों का मध्य है)। अंतरात्मा सही-ग़लत की भीतरी समझ है। स्वतंत्रता ज़िम्मेदारी लाती है। अधिनीतिशास्त्र पूछता है "अच्छा" का अर्थ क्या है और मूल्य सार्वभौमिक हैं या सापेक्ष। व्यावहारिक नीतिशास्त्र पर्यावरण, पशु, काम, मित्रता और शांति पर लागू होता है।
4. Risk and success in business
Business risk · Models of success
- जोखिम प्रबंधन (Risk Management) – जोखिम यानी कुछ ग़लत हो सकता है और नुक़सान हो सकता है। इसे संभावना × असर से नापते हैं। फिर चार में से एक इलाज चुनते हैं: टालना, घटाना, बाँटना (जैसे बीमा) या स्वीकार करना। जोखिम-भूख बताती है कि कोई कितना जोखिम उठाने को तैयार है।