जोखिम क्या है?
जोखिम यानी कुछ ग़लत होने और नुक़सान होने की संभावना। नुक़सान पैसे, समय, सेहत या साख (लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं) का हो सकता है। जोखिम भविष्य की बात है, पक्का नहीं।
हर योजना में जोखिम है। जो व्यवसाय बढ़ना चाहता है, नया उत्पाद लाता है या नई मशीन ख़रीदता है, वह नया जोखिम लेता है। जोखिम मुनाफ़ा, बिक्री या गुणवत्ता घटा सकता है। इसलिए प्रदर्शन सुधारना कभी पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं।
जोखिम के प्रकार
बाहरी जोखिम
- माँग का जोखिम: ग्राहक ख़रीदना बंद कर दें या प्रतिस्पर्धी आ जाए।
- अप्रचलन (obsolescence): उत्पाद या मशीन पुरानी पड़ जाए, जैसे फ़ोन आने के बाद फ़िल्म कैमरा।
- तकनीकी बदलाव: नई तकनीक से आपका तरीक़ा धीमा या महँगा हो जाए।
- सप्लाई और ऊर्जा पर निर्भरता: एक ही सप्लायर या ऐसा ईंधन जिसका दाम अचानक बढ़ जाए।
- प्राकृतिक और पर्यावरणीय जोखिम: बाढ़, लू, प्रदूषण के नए नियम।
आंतरिक जोखिम (अपने फ़ैसलों से)
- ग़लत भर्ती, कमज़ोर योजना, ज़्यादा उधार, सुरक्षा की अनदेखी।
निजी जोखिम
- बीमारी, दुर्घटना, नौकरी जाना, चोरी, ऑनलाइन धोखा।
व्यवसाय पर्यावरण को भी नुक़सान पहुँचाता है (पर्यावरणीय पदचिह्न)। इससे भी जोखिम बनता है: जुर्माना, नाराज़ ग्राहक, भरोसा खोना।
जोखिम नापना: जोखिम मैट्रिक्स
हर जोखिम को 1 (कम) से 3 (ज़्यादा) तक दो अंक दीजिए:
- संभावना: होने की कितनी उम्मीद।
- असर: नुक़सान कितना बड़ा।
जोखिम स्कोर = संभावना × असर। जोखिमों को खानों में रखिए। हरा (1–2) कम, पीला (3–4) मध्यम, लाल (6–9) ऊँचा। पहले लाल वालों से निपटिए।
जोखिम-भूख और चार इलाज
जोखिम-भूख यानी आप कितना जोखिम ख़ुशी से उठा सकते हैं। बचत वाला युवा ज़्यादा जोखिम ले सकता है, एक कमाई वाला परिवार कम। नया स्टार्ट-अप अस्पताल से ज़्यादा जोखिम ले सकता है।
- टालना: जोखिम भरा काम करो ही मत।
- घटाना: संभावना या नुक़सान कम करो: ट्रेनिंग, सुरक्षा उपकरण, बैकअप, दूसरा सप्लायर, विविधीकरण (सारे अंडे एक टोकरी में नहीं)।
- बाँटना/हस्तांतरण: नुक़सान किसी और पर डालो, मुख्यतः बीमा से या अनुबंध से।
- स्वीकारना: छोटे जोखिम ख़ुद रखो और आपात कोष बचाओ।
फिर निगरानी: जोखिमों को समय-समय पर दोबारा जाँचो, क्योंकि वे बदलते हैं।
करके देखिए: अपना जोखिम मैट्रिक्स
एक योजना चुनिए: स्कूल ट्रिप, छोटी ऑनलाइन दुकान या साइकिल से स्कूल जाना। 5 चीज़ें लिखिए जो ग़लत हो सकती हैं। हर एक को संभावना (1–3) और असर (1–3) दीजिए। गुणा कीजिए। सबसे बड़े दो पर गोला बनाइए और हर एक का एक इलाज लिखिए। फिर 3D के आख़िरी क़दम में जाँचिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
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हल किए गए उदाहरण
1. एक दुकान "दुकान में आग" को संभावना 1, असर 3 देती है। स्कोर और क्षेत्र?
स्कोर = 1 × 3 = 3, मध्यम। इलाज: अग्नि बीमा (बाँटना) और अग्निशामक रखना (घटाना)।
2. एक कारख़ाना सारे पुर्ज़े एक ही विदेशी सप्लायर से लेता है। यह कौन-सा जोखिम है और कैसे घटे?
सप्लाई पर निर्भरता (बाहरी)। दूसरा सप्लायर ढूँढकर या अतिरिक्त स्टॉक रखकर घटाइए।
3. एक परिवार सारी बचत एक ही कंपनी के शेयर में लगाने की सोच रहा है। जोखिम की दृष्टि से क्या सही है?
इससे जोखिम एक जगह जमा होता है। विविधीकरण करें और पहले आपात कोष रखें। (यह सामान्य शिक्षा है, निजी वित्तीय सलाह नहीं।)
आम गलतियाँ
- जोखिम को हो चुका नुक़सान समझना। जोखिम भविष्य का संभावित नुक़सान है।
- संभावना और असर को गुणा करने की जगह जोड़ देना।
- मानना कि बीमा जोखिम मिटा देता है। वह केवल पैसे का नुक़सान दूसरे पर डालता है; घटना फिर भी हो सकती है।
- हर जोखिम को एक जैसा मानना। ऊँचे स्कोर वाले पहले, बहुत छोटे वाले स्वीकार कीजिए।