स्वास्थ्य-लाभ में मरीज़ की मदद
स्वास्थ्य-लाभ (Recuperation) का मतलब ठीक होना, या लंबी बीमारी के साथ यथासंभव अच्छे से जीना है। नर्स छह रोज़ की गतिविधियों में सहारा देती है: खाना (नरम भोजन, सीधा बैठना, पर्याप्त पानी), सफ़ाई (नहाना, मुँह की देखभाल, दबाव के घाव रोकने के लिए त्वचा की जाँच), चलना-फिरना (सुरक्षित चलना, करवट बदलना, व्यायाम), नींद, शौच (निजता, ज़रूरत हो तो कमोड) और सुरक्षित घर (ढीली चटाई नहीं, अच्छी रोशनी, रेलिंग)।
नियम: जितनी ज़रूरत हो उतनी ही मदद करें। जो मरीज़ खुद कर सके, उसे करने दें। इससे मांसपेशियाँ मज़बूत रहती हैं और सम्मान बचता है। मरीज़ से पूछें कि उसके लिए क्या ज़रूरी है, सिर्फ़ परिवार की राय न लें।
इलाज के साथ मदद
कई इलाज घर पर जारी रहते हैं, इसलिए नर्स उन्हें सिखाती और जाँचती है।
- दवाएँ: सही दवा, मात्रा और समय; पिल-बॉक्स या चार्ट; बच्चों से दूर सुरक्षित रखें।
- ऑक्सीजन: आग और चिंगारी से दूर रखें, नली जाँचें, सलाह के बिना प्रवाह न बदलें।
- इंसुलिन और इंजेक्शन: सही मात्रा, जगह बदलना, साफ़ हाथ, सुइयों को सख़्त डिब्बे में फेंकना, शुगर कम हो तो क्या करें।
- घाव और ट्यूब: पट्टी साफ़ और सूखी रखें, लालिमा, मवाद, बुख़ार या बंद ट्यूब पर नज़र रखें।
नर्स परिवार को यह भी बताती है कि कब फ़ोन करना है: साँस की तकलीफ़, तेज़ बुख़ार, ख़ून बहना, भ्रम। अगली यात्रा का इंतज़ार न करें, पहले डॉक्टर या आपात नंबर पर फ़ोन करें।
मरीज़ की स्थिति के अनुसार मदद
देखभाल व्यक्ति के अनुसार होनी चाहिए।
- कमज़ोर बुज़ुर्ग: गिरना, कुपोषण और अकेलापन रोकें; हल्की गतिविधि रखें।
- बीमार या विकलांग बच्चा: खेल और पढ़ाई शामिल करें, माता-पिता को रोज़ के काम सिखाएँ और थके माता-पिता पर नज़र रखें।
- डिमेंशिया (भूलने की बीमारी): रोज़ का तय क्रम, शांत आवाज़, आसान विकल्प, सुरक्षित घर, बार-बार पूछने पर धैर्य।
- जीवन का अंत (उपशामक देखभाल): दर्द और साँस फूलना कम करें, इच्छाओं का सम्मान करें, परिवार को सांत्वना दें, साथ बिताने का समय दें।
हर स्थिति में नर्स आकलन करती है, मरीज़ और परिवार के साथ योजना बनाती है, काम करती है और समीक्षा करती है। व्यक्ति बदलता है तो योजना भी बदलती है।
परिवार के देखभालकर्ता का सहारा
परिवार का देखभालकर्ता एक छुपा हुआ मरीज़ है। लंबी देखभाल से थकान, चिंता और पैसे का तनाव होता है। नर्स सिखा सकती है (जैसे सुरक्षित उठाना), सुन सकती है, राहत-देखभाल (respite care) का इंतज़ाम कर सकती है (डे-केयर या थोड़े दिन का ठहराव), दीर्घकालिक देखभाल जैसी सेवाओं से जोड़ सकती है और बता सकती है कि मदद माँगना ठीक है। आराम किया हुआ देखभालकर्ता ज़्यादा समय तक बेहतर देखभाल देता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- जितनी ज़रूरत उतनी मदद: मरीज़ के साथ करें, मरीज़ के बदले नहीं
- दवा की जाँच: सही मरीज़, दवा, मात्रा, तरीक़ा, समय
- मदद बुलाएँ: साँस की तकलीफ़, तेज़ बुख़ार, ख़ून बहना, भ्रम
- देखभाल चक्र: आकलन, योजना, कार्य, समीक्षा
हल किए गए उदाहरण
1. एक बुज़ुर्ग महिला रात में शौचालय जाते समय अक्सर गिरती हैं। तीन उपाय सुझाइए।
रास्ते में रात की बत्ती लगाएँ, ढीली चटाइयाँ हटाएँ, बिस्तर के पास रेलिंग या कमोड रखें। उनकी दवाओं से चक्कर तो नहीं आते, यह भी जाँचें और धीरे उठना सिखाएँ।
2. एक लड़का घर पर ऑक्सीजन लेता है। परिवार के लिए दो सुरक्षा नियम लिखिए।
ऑक्सीजन को आग, चूल्हे और अगरबत्ती या चिंगारी से दूर रखें। नर्स या डॉक्टर की सलाह के बिना प्रवाह कभी न बदलें। नली मुड़ी न हो, यह भी देखें।
3. एक बेटा डिमेंशिया वाले पिता की देखभाल करता है और बहुत थका है। नर्स क्या इंतज़ाम कर सकती है?
शांत बातचीत सिखाए, डे-केयर जैसी राहत का इंतज़ाम करे, बेटे को सहायता सेवाओं से जोड़े और उसकी चिंताएँ सुने। उसकी अपनी सेहत भी जाँचे।
आम गलतियाँ
- मरीज़ का सब काम खुद कर देना। इससे वह कमज़ोर होता है; जितनी ज़रूरत हो उतनी मदद करें।
- इलाज एक बार सिखाकर यह न जाँचना कि परिवार कर पाता है या नहीं। उनसे करके दिखाने को कहें।
- डिमेंशिया के व्यवहार को शरारत समझना। यह बीमारी से आता है।
- देखभालकर्ता की अपनी सेहत और आराम भूल जाना।