नवजात और शिशु अवस्था (0 से 1 साल)
नवजात अवस्था पहले 28 दिन होती है। शिशु अवस्था पहला साल है। बढ़त जीवन में सबसे तेज़ होती है।
- दूध पिलाना: पहले 6 महीने सिर्फ़ माँ का दूध, फिर नरम घर का खाना जोड़ो और स्तनपान जारी रखो।
- गर्माहट: शिशु की गर्मी जल्दी निकलती है। माँ की त्वचा से सटाकर रखना और सूखे कपड़े गर्म रखते हैं।
- नाल और त्वचा की देखभाल: नाल का ठूँठ साफ़ और सूखा रखो।
- पीलिया: पहले दिनों में पीली त्वचा; आम है, पर नर्स जाँचती है।
- संक्रमण और टीके: समय-सारणी मानो।
- सुरक्षित नींद: पीठ के बल, सख़्त बिस्तर पर, चेहरे के पास कुछ ढीला नहीं।
- खतरे के संकेत: दूध न पीना, तेज़ या मुश्किल साँस, दौरे, बहुत सुस्ती, छूने पर ठंडा या गर्म। तुरंत मदद लो।
प्रारंभिक बचपन (1 से 6 साल)
नन्हे बच्चे चलते, चढ़ते, छूते हैं और हर चीज़ मुँह में डालते हैं। वे जल्दी सीखते हैं पर खतरा नहीं समझते।
- दुर्घटनाएँ सबसे बड़ा खतरा हैं: जलना और झुलसना, गिरना, डूबना, दवा या सफ़ाई के रसायन से ज़हर, छोटी चीज़ों से दम घुटना, सड़क की चोटें।
- रोकथाम: गरम और तेज़ चीज़ें ऊपर रखो, दवाएँ और रसायन बंद रखो, सीढ़ी पर गेट लगाओ, पानी के पास नज़र रखो, छोटी चीज़ें दूर रखो।
- संक्रमण: ज़ुकाम, दस्त, कान और छाती के संक्रमण। हाथ धोओ और टीके पूरे रखो।
- भोजन: संतुलित खाना कम वज़न और खून की कमी रोकता है। बढ़त चार्ट पर देखी जाती है।
- विकास: बच्चे से बात करो, खेलो, पढ़ो; बोली और हरकत देखो। शौच-प्रशिक्षण बच्चे की अपनी रफ़्तार से होता है।
स्कूल की उम्र (6 से 12 साल)
बच्चे दिन का ज़्यादातर समय स्कूल में बिताते हैं और दोस्तों के साथ ज़्यादा खेलते हैं।
- दाँत: दाँत सड़ना बहुत आम है। दिन में दो बार ब्रश करो, मीठा कम खाओ, दंत-चिकित्सक के पास जाओ।
- आँखें: कमज़ोर नज़र पढ़ाई में कमज़ोरी जैसी दिख सकती है। सरल नज़र-जाँच कराओ।
- वज़न: कम और ज़्यादा दोनों वज़न मायने रखते हैं। स्वस्थ खाना और रोज़ एक घंटा खेल मदद करते हैं।
- चोटें और सड़क सुरक्षा: सुरक्षित जगह से पार करो, साइकिल पर हेलमेट पहनो।
- संक्रमण: कक्षा में फैलते हैं। हाथ धोना और बीमार होने पर घर रुकना मदद करता है।
- मन: धौंस, तनाव, सीखने में दिक्कत और नींद। सुनो और शिक्षक या माता-पिता को बताओ।
किशोरावस्था (12 से 18 साल)
किशोरावस्था बच्चे और वयस्क के बीच का पुल है। यौवन में शरीर बदलता है और भावनाएँ भी।
- तेज़ बढ़त और पोषण: ज़्यादा खाना चाहिए। खून की कमी (आयरन कम होना) आम है, खासकर लड़कियों में: हरी पत्तियाँ, दालें, गुड़ खाओ और सलाह पर आयरन की गोली लो।
- नींद: 8 से 10 घंटे। देर रात की स्क्रीन नींद चुराती है।
- मन और भावनाएँ: मिज़ाज बदलना सामान्य है, पर लंबी उदासी, डर या खुद को नुकसान की बात पर मदद चाहिए।
- खतरे: तंबाकू, शराब और नशा, असुरक्षित गाड़ी चलाना, ऑनलाइन धौंस।
- यौवन और प्रजनन स्वास्थ्य: सही, सम्मानजनक जानकारी और निजता।
- नर्सिंग: सम्मान से बोलो, निजता रखो और किशोर को फ़ैसलों में शामिल करो।
खुद करके देखो
खुद करके देखो: घर में 2 साल के बच्चे की ऊँचाई पर (झुककर) चलो। तीन ऐसी चीज़ें खोजो जिन तक बच्चा पहुँच सकता है और जो सुरक्षित नहीं: गरम पेय, दवा, सफ़ाई का रसायन। फिर उन्हें ऊपर रखो या बंद करो। 3D में चरण 3 में गरम बर्तन और दवा को ऊँची शेल्फ़ तक उठते देखो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- शिशु: दूध + गर्माहट + सुरक्षित नींद + टीके
- प्रारंभिक बचपन: दुर्घटना + संक्रमण + भोजन + खेल
- स्कूल की उम्र: दाँत + आँख + वज़न + सड़क सुरक्षा + मन
- किशोरावस्था: बढ़त + आयरन + नींद + मन + खतरे
- सिर्फ़ स्तनपान = पहले 6 महीने
हल किए गए उदाहरण
1. 2 साल के बच्चे ने सिंक के नीचे रखा सफ़ाई का तरल पी लिया। कौन सा चरण, कौन सा खतरा और कैसे रोकें?
प्रारंभिक बचपन, ज़हर। सफ़ाई के रसायन और दवाएँ ऊँचे या बंद रखो, अपनी ही बोतलों में।
2. 9 साल का बच्चा बोर्ड से धीरे लिखता है और आँखें सिकोड़ता है। नर्स क्या सुझाए?
स्कूल या आँख के क्लीनिक में नज़र की जाँच। कमज़ोर नज़र कमज़ोर पढ़ाई जैसी दिख सकती है।
3. 15 साल की लड़की थकी और पीली है। संभवतः कौन सी पोषक कमी है और क्या मदद करेगा?
आयरन की कमी से खून की कमी। हरी पत्तियाँ, दालें, गुड़ खाओ, सलाह पर आयरन की गोली लो और जाँच कराओ।
आम गलतियाँ
- शिशु को पेट के बल सुलाना। पीठ के बल सुरक्षित है।
- नन्हे बच्चे को "एक मिनट" के लिए पानी या चूल्हे के पास अकेला छोड़ना।
- कम अंक को आलस समझना जबकि बच्चे को बोर्ड दिखता ही न हो।
- किशोर की लंबी उदासी को बस एक दौर कहकर टाल देना।