बच्चे की सेहत की खासियतें
बच्चा ऐसा शरीर है जो अभी बन रहा है। इसी से बाल स्वास्थ्य खास बनता है।
- तेज़ बढ़त और विकास: लंबाई, वज़न, दिमाग़, हरकत और बोली जल्दी बदलते हैं। बढ़त चार्ट पर जाँची जाती है।
- कमज़ोर रक्षा: छोटे बच्चों को ज़ुकाम, दस्त और छाती के संक्रमण जल्दी हो जाते हैं। टीके मदद करते हैं।
- निर्भरता: बच्चा हमेशा बता नहीं पाता कि कहाँ दर्द है, खाना या आसरा खुद नहीं चुन सकता और बड़ों पर निर्भर है।
- उम्र के साथ ज़रूरतें बदलती हैं: शिशु, नन्हे बच्चे, स्कूल जाने वाले और किशोर की देखभाल अलग है।
- छोटा शरीर जल्दी बिगड़ सकता है, जैसे पानी की कमी से।
बाल स्वास्थ्य और कल्याण
बाल कल्याण यानी वे सब बातें जो बच्चे को स्वस्थ, सुरक्षित और सीखने लायक रखती हैं।
- टीके तय समय-सारणी पर।
- भोजन: शिशु को माँ का दूध, फिर संतुलित आहार। बढ़त की निगरानी से कम वज़न जल्दी पकड़ में आता है।
- सुरक्षित घर: साफ़ पानी, साफ़ हवा, खतरे और हिंसा से मुक्त जगह।
- स्कूल और खेल: सीखना और खेलना दिमाग़ को बनाते हैं।
- सुरक्षा: दुर्व्यवहार, उपेक्षा और बाल मज़दूरी से। हर बच्चे को स्वास्थ्य और देखभाल का अधिकार है।
- स्वास्थ्यकर्मी, स्कूल, परिवार और सरकार मिलकर काम करते हैं।
बाल नर्सिंग की खासियतें
बाल नर्सिंग शिशुओं, बच्चों और किशोरों की नर्सिंग है।
- परिवार-केंद्रित: परिवार देखभाल का हिस्सा है। माता-पिता रुकते हैं और उन्हें सिखाया जाता है।
- उम्र के अनुसार बातचीत: सरल शब्द, खेल, चित्र और सच्चाई। बच्चे की आँखों के स्तर पर आओ।
- वज़न से खुराक: दवा की खुराक बच्चे के वज़न से निकलती है। दो बार जाँचो।
- सुरक्षा: रेलिंग, साफ़ हाथ, शिशु के निगलने लायक छोटी चीज़ें नहीं।
- ध्यान से निगरानी: बच्चा बता नहीं सकता, इसलिए रंग, साँस, खेल, दूध पीना और रोना देखो।
- खेल और आराम डर और दर्द कम करते हैं।
बाल नर्सिंग में नैतिक मुद्दे
नैतिकता यानी देखभाल में क्या सही है।
- सर्वोत्तम हित: फ़ैसले बच्चे की भलाई के लिए होते हैं।
- सहमति और स्वीकृति (assent): माता-पिता या अभिभावक सहमति देते हैं। बच्चे को भी उसकी समझ के शब्दों में बताया और पूछा जाता है। यह स्वीकृति है।
- बच्चे की आवाज़: बच्चे की सुनो; दर्द को गंभीरता से लो।
- सच्चाई: ईमानदार और कोमल रहो। जहाँ दर्द होगा वहाँ "बिल्कुल दर्द नहीं होगा" मत कहो।
- निजता और गोपनीयता: बच्चे की जानकारी सिर्फ़ उन्हीं से साझा करो जिन्हें ज़रूरत है।
- सुरक्षा: दुर्व्यवहार या उपेक्षा का शक हो तो सही रास्ते से बताओ।
- निष्पक्षता: परिवार के पैसे, धर्म या जाति से परे हर बच्चे को देखभाल मिले।
खुद करके देखो
खुद करके देखो: 3D में उम्र 5 साल पर खिसकाओ और वज़न पढ़ो। हाथ से एक खुराक निकालो: 15 mg प्रति किग्रा प्रतिदिन, 3 खुराकों में। फिर स्क्रीन से मिलाओ। फिर किसी छोटे बच्चे से पूछो कि अस्पताल में उसे किस बात का डर लगेगा, और सोचो कि नर्स कैसे मदद कर सकती है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- बच्चा छोटा बड़ा नहीं = बढ़त + कमज़ोर रक्षा + निर्भरता
- कल्याण = टीके + भोजन + सुरक्षित घर + स्कूल + सुरक्षा
- दिन की खुराक = प्रति किग्रा खुराक x वज़न (किग्रा)
- एक खुराक = दिन की खुराक / खुराकों की संख्या
- नैतिकता = हित + सहमति व स्वीकृति + निजता + सुरक्षा
हल किए गए उदाहरण
1. बच्चों को खास नर्सिंग देखभाल की ज़रूरत क्यों है? दो कारण बताओ।
वे तेज़ी से बढ़ते हैं और संक्रमण से उनकी रक्षा कमज़ोर है; वे बड़ों पर निर्भर भी हैं और हमेशा बता नहीं पाते कि कहाँ दर्द है।
2. एक बच्चे का वज़न 14 किग्रा है। खुराक 10 mg प्रति किग्रा प्रतिदिन, 2 खुराकों में है। एक खुराक निकालो।
दिन की खुराक = 10 x 14 = 140 mg। एक खुराक = 140 / 2 = 70 mg।
3. माता-पिता 9 साल के बच्चे के इंजेक्शन की सहमति देते हैं। नर्स को और क्या करना चाहिए?
बच्चे को सरल शब्दों में समझाओ, उसका डर सुनो और उसकी स्वीकृति लो। माता-पिता की सहमति का मतलब यह नहीं कि बच्चे को अनदेखा करो।
आम गलतियाँ
- बच्चे को बड़ों की खुराक देना। बच्चे की खुराक वज़न पर निर्भर होती है।
- सिर्फ़ माता-पिता से बात करना और बच्चे को अनदेखा करना।
- जहाँ दर्द होगा वहाँ "दर्द नहीं होगा" का वादा करना। ईमानदार और कोमल रहो।
- कल्याण को सिर्फ़ खाना समझना। टीके, सुरक्षा, स्कूल और संरक्षण भी ज़रूरी हैं।