खाद्य सुरक्षा क्या है और उसे क्या ख़तरा है?
खाद्य सुरक्षा का मतलब है हर व्यक्ति को हर समय पर्याप्त, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन मिल सके। जब कुछ लोगों को न मिले तो उसे खाद्य असुरक्षा कहते हैं।
खाद्य सुरक्षा को कठिन बनाने वाली बातें
- बढ़ती आबादी: दुनिया की आबादी 8 अरब पार कर चुकी है।
- बदलता खान-पान: अमीरी बढ़ने पर लोग ज़्यादा मांस खाते हैं, जिसके लिए बहुत ज़्यादा ज़मीन और चारा लगता है।
- नए कीट और रोग: पूरी फ़सल नष्ट कर सकते हैं।
- जलवायु परिवर्तन: सूखा, बाढ़ और लू से पैदावार घटती है।
- खेती की लागत: बीज, ईंधन और उर्वरक महँगे हैं।
- युद्ध और संघर्ष: खेत और परिवहन रुक जाते हैं।
खाद्य उत्पादन कैसे शुरू हुआ और फैला
लंबे समय तक इंसान शिकार करता और जंगली पौधे इकट्ठा करता था। लगभग 10,000–12,000 साल पहले कई इलाक़ों में लोगों ने खेती शुरू की: बीज बोए और जानवर पाले। गेहूँ-जौ पश्चिम एशिया में, धान पूर्वी एशिया में और मक्का अमेरिका महाद्वीप में पालतू बने। स्थिर भोजन मिलने से गाँव और नगर बसे।
1492 के बाद जहाज़ अमेरिका और बाक़ी दुनिया के बीच फ़सलें और जानवर ले गए (कोलंबियाई विनिमय)। मक्का, आलू, टमाटर और मिर्च एशिया, अफ़्रीका और यूरोप पहुँचे; गेहूँ, गाय और घोड़े अमेरिका गए। बीमारियाँ भी फैलीं, जिनसे वहाँ के मूल निवासियों को भारी नुक़सान हुआ। आज की थाली पर भी इसका असर है।
उत्पादन बढ़ाने वाली खेती की तकनीकें
फ़सलें: उर्वरक पौधों को खनिज (जैसे नाइट्रेट) देते हैं; कीटनाशक और खरपतवारनाशक कीट और खरपतवार रोकते हैं; सिंचाई पानी देती है; ग्रीनहाउस पौधों को गर्म रखता है।
पशु: खाद्य शृंखला के हर चरण में ऊर्जा खोती है। जानवर अपने भोजन की ज़्यादातर ऊर्जा चलने और गर्म रहने में ख़र्च करता है। गहन खेती में जानवरों को छोटे, गर्म बाड़ों में रखकर प्रोटीन वाला भोजन दिया जाता है। वे कम चलते और कम गर्मी खोते हैं, इसलिए ज़्यादा ऊर्जा मांस बनती है।
दूसरा पहलू
- बहुत लोग छोटी जगह में जानवर रखने को क्रूर मानते हैं।
- भीड़ में रोग तेज़ी से फैलते हैं, इसलिए एंटीबायोटिक दी जाती हैं; इससे प्रतिरोधी जीवाणु बढ़ सकते हैं।
- गर्मी के लिए ईंधन लगता है; कचरा नदियों को गंदा कर सकता है।
खाद्य उत्पादन की दक्षता = उत्पाद में ऊर्जा ÷ खाए गए भोजन की ऊर्जा × 100%। पौधे सीधे खाने से उसी ज़मीन से ज़्यादा लोगों का पेट भरता है।
टिकाऊ मत्स्य पालन (सस्टेनेबल फ़िशरीज़)
समुद्र में मछलियाँ घट रही हैं क्योंकि बहुत ज़्यादा पकड़ी जा रही हैं (अति मत्स्यन)। संख्या बहुत गिरे तो कुछ प्रजातियाँ ख़त्म हो सकती हैं। भविष्य के लिए मछलियाँ बचाने के तरीक़े:
- जाल के छेद का आकार: बड़े छेद से छोटी मछलियाँ निकल जाती हैं और बड़ी होकर अंडे देती हैं।
- मछली पकड़ने का कोटा: हर साल हर प्रजाति की पकड़ की सीमा।
- प्रजनन के मौसम में मछली पकड़ने पर रोक और संरक्षित समुद्री क्षेत्र भी मदद करते हैं।
मछली पालन (जलीय कृषि) समुद्र ख़ाली किए बिना मछली देता है, पर इसके लिए साफ़ पानी और चारा चाहिए।
जैव प्रौद्योगिकी की भूमिका
जैव प्रौद्योगिकी में सूक्ष्मजीव जैसे जीवों से उपयोगी चीज़ें बनाई जाती हैं।
माइकोप्रोटीन
Fusarium नाम का कवक बड़ी टंकियों (किण्वक, फ़र्मेंटर) में ग्लूकोज़ के घोल पर ऑक्सीजन के साथ, तय तापमान और pH पर उगाया जाता है। फिर इसे निकालकर साफ़ करके माइकोप्रोटीन बनाते हैं, जो शाकाहारियों के लिए प्रोटीन भरा भोजन है।
GM फ़सलें
आनुवंशिक रूपांतरण (genetic modification) में फ़सल में एक उपयोगी जीन डाला जाता है। उदाहरण: कीट-प्रतिरोधी फ़सलें (जैसे Bt कपास), खरपतवारनाशक सहने वाली फ़सलें, और गोल्डन राइस जो बीटा-कैरोटीन (विटामिन A बनाने में काम आता है) बनाता है। GM फ़सलें बड़ी और पौष्टिक उपज दे सकती हैं। कुछ लोग जंगली पौधों, कीटों और स्वास्थ्य पर असर को लेकर चिंतित हैं, इसलिए कई देशों में इनकी जाँच और लेबलिंग होती है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- खाद्य सुरक्षा: उपलब्धता + पहुँच + पौष्टिकता + हमेशा
- खाद्य उत्पादन की दक्षता = (उत्पाद में ऊर्जा ÷ खाए भोजन की ऊर्जा) × 100%
- अति मत्स्यन: जितनी तेज़ी से मछलियाँ बढ़ें उससे तेज़ पकड़ → संख्या घटे
- माइकोप्रोटीन: Fusarium कवक + ग्लूकोज़ + ऑक्सीजन, किण्वक में
- GM फ़सल: दूसरे जीव से उपयोगी जीन जोड़ी गई फ़सल
हल किए गए उदाहरण
1. एक गाय 50,000 kJ ऊर्जा वाला चारा खाती है। उसके शरीर में 2,000 kJ ऊर्जा मांस के रूप में जुड़ती है। दक्षता कितनी है?
दक्षता = 2,000 ÷ 50,000 × 100% = 4%। बाक़ी 96% चलने, गर्म रहने या मल-मूत्र में चली गई।
2. 1 हेक्टेयर गेहूँ, पशुओं के चारे वाले 1 हेक्टेयर से ज़्यादा लोगों का पेट क्यों भरता है?
लोग गेहूँ सीधे खाएँ तो दाने की सारी ऊर्जा इंसान तक पहुँचती है। पशु खाएँ तो ज़्यादातर ऊर्जा उनके चलने और गर्मी में ख़र्च होती है, केवल कुछ प्रतिशत मांस बनकर हम तक आती है।
3. एक मत्स्य क्षेत्र 6 cm से 10 cm छेद वाले जाल अपनाता है। 5 साल में मछलियों का क्या होगा?
छोटी मछलियाँ बड़े छेद से निकल जाती हैं, बड़ी होकर अंडे देती हैं। हर साल ज़्यादा बच्चे पैदा होते हैं, तो संख्या बढ़ती और स्वस्थ रहती है, भले पहले साल पकड़ थोड़ी कम हो।
आम गलतियाँ
- यह मानना कि खाद्य सुरक्षा का मतलब बस ज़्यादा उगाना है। लोगों तक पहुँचना, सस्ता होना और सुरक्षित-पौष्टिक होना भी ज़रूरी है।
- कहना कि गहन खेती में जानवर कम खाते हैं। असल में वे भोजन की ऊर्जा चलने और गर्मी में कम गँवाते हैं।
- सोचना कि कोटा मछली पकड़ना बंद कर देता है। वह केवल पकड़ की सीमा तय करता है ताकि मछलियाँ बढ़ सकें।
- माइकोप्रोटीन को मांस या पौधा कहना। यह किण्वक में उगाए कवक से बनता है।