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खाद्य सूक्ष्मजैविकी प्रयोग

सूक्ष्मजैविकी प्रयोगों में साफ़, जीवाणुरहित (एसेप्टिक) तकनीक चाहिए ताकि सिर्फ़ वही सूक्ष्मजीव उगे जो तुम चाहते हो। फफूँदी आलू डेक्सट्रोज़ अगार पर, ख़मीर शर्करा अगार पर, जीवाणु न्यूट्रिएंट अगार पर और मशरूम पाश्चुरीकृत भूसे पर उगते हैं। अलग-अलग कॉलोनी और शुद्ध कल्चर पाने के लिए फैलाने, डाइल्यूशन या धारियाँ खींचने का तरीका अपनाते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. पहले एसेप्टिक तकनीक: लूप को लौ में लाल गरम करो, ठंडा करो, फिर नमूना छुओ। इससे अनचाहे सूक्ष्मजीव दूर रहते हैं।
  2. फफूँदी: अगार के बीच में कुछ बीजाणु रखो। 3 से 5 दिन में रोएँदार गोल कॉलोनी बाहर फैलती है।
  3. ख़मीर: पतला किया हुआ नमूना फैलाओ। 2 से 3 दिन में चिकनी, गोल, मलाई-से रंग की कॉलोनियाँ उगती हैं।
  4. जीवाणु: धारियाँ खींचो, हर बार लूप को लौ में गरम करो। आख़िरी धारी में अलग-अलग कॉलोनियाँ मिलती हैं, हर एक एक कोशिका से।
  5. मशरूम: पाश्चुरीकृत भूसे में स्पॉन मिलाकर थैले में रखो। सफ़ेद कवकजाल फैलता है, फिर मशरूम बनते हैं।
  6. अब खुद करो: कल्चर चुनो और दिन का स्लाइडर चलाओ। फफूँदी बाहर फैलती है, ख़मीर और जीवाणु कॉलोनियाँ बनाते हैं।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

लूप को लौ में गरम करके इंतज़ार क्यों करें?

लौ से उस पर लगे सूक्ष्मजीव मरते हैं, पर गरम लूप तुम्हारी चुनी कोशिकाएँ भी मार देता। स्टेप 0 में लूप को लाल होकर फिर ठंडा होते देखो।

फफूँदी की कॉलोनी गोल क्यों बढ़ती है?

कवकतंतु केंद्र से हर दिशा में एक ही गति से बाहर बढ़ते हैं। स्टेप 1 और फ्री प्ले का स्लाइडर घेरे को बढ़ता दिखाते हैं।

ख़मीर की कॉलोनी फफूँदी की कॉलोनी से कैसे अलग है?

ख़मीर की कॉलोनियाँ चिकनी, नम और मलाई-सी होती हैं और अलग-अलग गोल बिंदु रहती हैं; फफूँदी की कॉलोनी रोएँदार होती है और फैलती है। स्टेप 2।

हर कॉलोनी एक ही कोशिका से क्यों बनती है?

धारियाँ खींचने के बाद कोशिकाएँ दूर-दूर होती हैं, इसलिए हर कोशिका अपनी जगह बार-बार बँटकर बिंदु बन जाती है। स्टेप 3।

पुआल को पाश्चुरीकृत क्यों करना चाहिए?

ताकि प्रतिस्पर्धी फफूँदी और जीवाणु मर जाएँ और मशरूम का कवकजाल पहले बढ़ सके। स्टेप 4।

कौन-सा कल्चर सबसे तेज़ बढ़ता है?

जीवाणु (लगभग 24 घंटे), फिर ख़मीर (2 से 3 दिन), फफूँदी (3 से 5 दिन), और मशरूम सबसे धीमे (हफ़्ते)। दिन स्लाइडर से हर एक आज़माओ।

बुनियादी प्रक्रियाएँ (Basic operations)

निर्जर्मीकरण (sterilisation) सारे सूक्ष्मजीव मार देता है। काँच और माध्यम ऑटोक्लेव (प्रेशर कुकर जैसा) में 121 °C पर 15 मिनट निर्जर्म होते हैं। लूप और सुइयाँ लौ में लाल गरम की जाती हैं। मेज़ 70% अल्कोहल से पोंछी जाती है। गरमी से बिगड़ने वाले तरल बारीक फ़िल्टर से गुज़ारे जाते हैं।

कल्चर माध्यम सूक्ष्मजीवों का भोजन हैं: न्यूट्रिएंट अगार (जीवाणु), आलू डेक्सट्रोज़ अगार, PDA (फफूँदी और ख़मीर), माल्ट अर्क या शर्करा अगार (ख़मीर)। अगार वह जेली है जो भोजन को ठोस बनाती है।

एसेप्टिक तकनीक। लौ के पास या साफ़ कैबिनेट में काम करो। लूप को लौ में गरम करो, ठंडा करो, नली थोड़ी ही खोलो, नली का मुँह लौ में दिखाओ और जल्दी बंद करो। प्लेट पर नाम, तारीख़ और माध्यम का लेबल लगाओ। प्लेट उलटी इन्क्यूबेट करो ताकि पानी की बूँदें कॉलोनियों पर न गिरें।

शुद्ध कल्चर और भंडारण। शुद्ध कल्चर में एक ही तरह का सूक्ष्मजीव होता है। उसे अगार स्लांट पर फ्रिज में रखो। कॉलोनी आँख से और कोशिकाएँ सूक्ष्मदर्शी से देखो। फेंकने से पहले प्लेट कीटाणुनाशक में भिगोओ या ऑटोक्लेव करो।

फफूँदी को अलग करना और उगाना (Isolating and culturing moulds)

भोजन से जीवाणुरहित सुई से थोड़ी फफूँदी लो और PDA प्लेट के बीच में छुआओ (बिंदु टीकाकरण)। लगभग 25 °C पर 3 से 5 दिन इन्क्यूबेट करो। कॉलोनी गोल घेरे में बाहर बढ़ती है, क्योंकि कवकतंतु हर दिशा में फैलते हैं। शुद्ध कल्चर के लिए कॉलोनी के किनारे का छोटा टुकड़ा निर्जर्म सुई से काटकर नई प्लेट पर रखो।

रंग, बनावट (रोएँदार, चूर्णी) और प्लेट का पिछला हिस्सा देखो। सूक्ष्मदर्शी में कवकतंतु और बीजाणु वाले सिर देखो। सुरक्षा: फफूँदी हवा में बीजाणु छोड़ती है, इसलिए प्लेट बंद रखो और कभी सूँघो मत।

ख़मीर को अलग करना और उगाना (Isolating and culturing yeast)

डाइल्यूशन श्रृंखला बनाओ: 1 ग्राम भोजन (जैसे फल का छिलका या इडली का घोल) 9 मिली निर्जर्म पानी में मिलाओ, फिर 1 मिली लेकर दूसरे 9 मिली में डालो, और दोहराओ। एक डाइल्यूशन का 0.1 मिली शर्करा अगार पर रखकर निर्जर्म स्प्रेडर से फैलाओ (स्प्रेड प्लेट)। 25 से 30 °C पर 2 से 3 दिन इन्क्यूबेट करो।

ख़मीर की कॉलोनियाँ गोल, चिकनी, नम और मलाई-सफ़ेद होती हैं। सूक्ष्मदर्शी में कली वाली अंडाकार कोशिकाएँ दिखती हैं। मेथिलीन ब्लू की बूँद मृत कोशिकाओं को नीला रंगती है, जीवित कोशिकाएँ रंगहीन रहती हैं। अगार में अम्ल (pH लगभग 5) डालने से ज़्यादातर जीवाणु नहीं उगते।

जीवाणु को अलग करना और उगाना (Isolating and culturing bacteria)

स्ट्रीक प्लेट विधि अपनाओ। लूप से नमूना छुओ और न्यूट्रिएंट अगार प्लेट के पहले तिहाई हिस्से में धारियाँ खींचो। लूप को लौ में गरम करके ठंडा करो, प्लेट घुमाओ और पहली धारी से लूप खींचकर दूसरा क्षेत्र बनाओ। फिर लौ दिखाओ और तीसरी धारी खींचो। हर धारी कम कोशिकाएँ ले जाती है, इसलिए आख़िरी क्षेत्र में कोशिकाएँ दूर-दूर होती हैं और हर एक अपनी कॉलोनी बनाती है। 37 °C पर 24 घंटे इन्क्यूबेट करो।

शुद्ध कल्चर के लिए एक कॉलोनी चुनो। कॉलोनी का आकार, किनारा, रंग और माप लिखो। ग्राम अभिरंजन सूक्ष्मदर्शी में दो समूह दिखाता है: बैंगनी (ग्राम धनात्मक) और गुलाबी (ग्राम ऋणात्मक)। दूसरे तरीके: पोर प्लेट (नमूना पिघले अगार में मिलाना) और स्प्रेड प्लेट।

मशरूम उगाना (Culturing mushrooms)

मशरूम एक कवक का फल है जिसका शरीर छिपे हुए कवकतंतुओं का गुच्छा कवकजाल (mycelium) है। ऑयस्टर मशरूम उगाना आसान है:

  1. आधार तैयार करो। धान का पुआल काटो, भिगोओ, फिर पाश्चुरीकृत करो (लगभग 70 से 80 °C गरम पानी में 1 घंटा) और पानी निथारो ताकि वह नम रहे, टपके नहीं।
  2. स्पॉन। साफ़ छोटे छेद वाले प्लास्टिक थैलों में पुआल के वज़न का लगभग 3 से 5% स्पॉन (कवकजाल लगा अनाज) मिलाओ या परतों में डालो।
  3. स्पॉन रन। थैले अँधेरे, गरम कमरे (लगभग 25 °C) में 2 से 3 हफ़्ते रखो, जब तक पुआल पूरा सफ़ेद न हो जाए।
  4. फल बनना। थैला काटो, रोशनी, ताज़ी हवा और ज़्यादा नमी (80 से 90%) हल्की फुहार से दो। कुछ दिनों में छोटे मशरूम बनते हैं।
  5. तोड़ना। टोपी चपटी होकर बीजाणु छोड़ने से पहले तोड़ो। खाने से पहले पकाओ।

थैले में हरी या नारंगी फफूँदी दिखे तो संदूषण है: उसे इस्तेमाल मत करो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. तुमने 10⁻³ डाइल्यूशन का 0.1 मिली प्लेट पर डाला और 45 कॉलोनियाँ गिनीं। मूल नमूने के CFU प्रति मिली निकालो।

CFU/मिली = 45 ÷ (0.1 × 10⁻³) = 45 ÷ 0.0001 = 450,000 = 4.5 × 10⁵।

2. 4 किलो गीले पुआल में 5% स्पॉन डालना है। कितना स्पॉन चाहिए?

4 किलो का 5% = 0.05 × 4 = 0.2 किलो = 200 ग्राम स्पॉन।

3. तुमने स्ट्रीक प्लेट बनाई पर पूरी प्लेट एक ठोस परत बन गई। क्या गलत हुआ?

धारियाँ बहुत कोशिकाएँ ले गईं, या हर धारी के बीच लूप गरम नहीं किया। नमूना और पतला करो और हर बार लूप को लौ दिखाओ।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. काँच और माध्यम ऑटोक्लेव में किस तापमान पर निर्जर्म किए जाते हैं?
2. जीवाणु के लिए कौन-सा माध्यम ठीक है?
3. स्ट्रीक प्लेट विधि किसलिए है?
4. मशरूम स्पॉन क्या है?
5. प्लेट कैसे इन्क्यूबेट की जाती है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसेप्टिक तकनीक क्या है?

यह आदतों का समूह है (लौ, ठंडा करना, जल्दी काम, साफ़ मेज़) जो अनचाहे सूक्ष्मजीवों को कल्चर से दूर रखता है और तुम्हें सुरक्षित रखता है।

शुद्ध कल्चर क्या है?

ऐसा कल्चर जिसमें एक ही तरह का सूक्ष्मजीव हो, जो एक कॉलोनी से उगाया गया हो।

क्या घर पर फफूँदी उगाना सुरक्षित है?

सिर्फ़ बंद थैलों में, जिन्हें कभी खोलो नहीं, क्योंकि बीजाणु एलर्जी कर सकते हैं। लैब में शिक्षक के साथ काम करो और प्लेट बंद रखो।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

जापान高校(専門学科)1〜3年Food Microbiology

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