बुनियादी प्रक्रियाएँ (Basic operations)
निर्जर्मीकरण (sterilisation) सारे सूक्ष्मजीव मार देता है। काँच और माध्यम ऑटोक्लेव (प्रेशर कुकर जैसा) में 121 °C पर 15 मिनट निर्जर्म होते हैं। लूप और सुइयाँ लौ में लाल गरम की जाती हैं। मेज़ 70% अल्कोहल से पोंछी जाती है। गरमी से बिगड़ने वाले तरल बारीक फ़िल्टर से गुज़ारे जाते हैं।
कल्चर माध्यम सूक्ष्मजीवों का भोजन हैं: न्यूट्रिएंट अगार (जीवाणु), आलू डेक्सट्रोज़ अगार, PDA (फफूँदी और ख़मीर), माल्ट अर्क या शर्करा अगार (ख़मीर)। अगार वह जेली है जो भोजन को ठोस बनाती है।
एसेप्टिक तकनीक। लौ के पास या साफ़ कैबिनेट में काम करो। लूप को लौ में गरम करो, ठंडा करो, नली थोड़ी ही खोलो, नली का मुँह लौ में दिखाओ और जल्दी बंद करो। प्लेट पर नाम, तारीख़ और माध्यम का लेबल लगाओ। प्लेट उलटी इन्क्यूबेट करो ताकि पानी की बूँदें कॉलोनियों पर न गिरें।
शुद्ध कल्चर और भंडारण। शुद्ध कल्चर में एक ही तरह का सूक्ष्मजीव होता है। उसे अगार स्लांट पर फ्रिज में रखो। कॉलोनी आँख से और कोशिकाएँ सूक्ष्मदर्शी से देखो। फेंकने से पहले प्लेट कीटाणुनाशक में भिगोओ या ऑटोक्लेव करो।
फफूँदी को अलग करना और उगाना (Isolating and culturing moulds)
भोजन से जीवाणुरहित सुई से थोड़ी फफूँदी लो और PDA प्लेट के बीच में छुआओ (बिंदु टीकाकरण)। लगभग 25 °C पर 3 से 5 दिन इन्क्यूबेट करो। कॉलोनी गोल घेरे में बाहर बढ़ती है, क्योंकि कवकतंतु हर दिशा में फैलते हैं। शुद्ध कल्चर के लिए कॉलोनी के किनारे का छोटा टुकड़ा निर्जर्म सुई से काटकर नई प्लेट पर रखो।
रंग, बनावट (रोएँदार, चूर्णी) और प्लेट का पिछला हिस्सा देखो। सूक्ष्मदर्शी में कवकतंतु और बीजाणु वाले सिर देखो। सुरक्षा: फफूँदी हवा में बीजाणु छोड़ती है, इसलिए प्लेट बंद रखो और कभी सूँघो मत।
ख़मीर को अलग करना और उगाना (Isolating and culturing yeast)
डाइल्यूशन श्रृंखला बनाओ: 1 ग्राम भोजन (जैसे फल का छिलका या इडली का घोल) 9 मिली निर्जर्म पानी में मिलाओ, फिर 1 मिली लेकर दूसरे 9 मिली में डालो, और दोहराओ। एक डाइल्यूशन का 0.1 मिली शर्करा अगार पर रखकर निर्जर्म स्प्रेडर से फैलाओ (स्प्रेड प्लेट)। 25 से 30 °C पर 2 से 3 दिन इन्क्यूबेट करो।
ख़मीर की कॉलोनियाँ गोल, चिकनी, नम और मलाई-सफ़ेद होती हैं। सूक्ष्मदर्शी में कली वाली अंडाकार कोशिकाएँ दिखती हैं। मेथिलीन ब्लू की बूँद मृत कोशिकाओं को नीला रंगती है, जीवित कोशिकाएँ रंगहीन रहती हैं। अगार में अम्ल (pH लगभग 5) डालने से ज़्यादातर जीवाणु नहीं उगते।
जीवाणु को अलग करना और उगाना (Isolating and culturing bacteria)
स्ट्रीक प्लेट विधि अपनाओ। लूप से नमूना छुओ और न्यूट्रिएंट अगार प्लेट के पहले तिहाई हिस्से में धारियाँ खींचो। लूप को लौ में गरम करके ठंडा करो, प्लेट घुमाओ और पहली धारी से लूप खींचकर दूसरा क्षेत्र बनाओ। फिर लौ दिखाओ और तीसरी धारी खींचो। हर धारी कम कोशिकाएँ ले जाती है, इसलिए आख़िरी क्षेत्र में कोशिकाएँ दूर-दूर होती हैं और हर एक अपनी कॉलोनी बनाती है। 37 °C पर 24 घंटे इन्क्यूबेट करो।
शुद्ध कल्चर के लिए एक कॉलोनी चुनो। कॉलोनी का आकार, किनारा, रंग और माप लिखो। ग्राम अभिरंजन सूक्ष्मदर्शी में दो समूह दिखाता है: बैंगनी (ग्राम धनात्मक) और गुलाबी (ग्राम ऋणात्मक)। दूसरे तरीके: पोर प्लेट (नमूना पिघले अगार में मिलाना) और स्प्रेड प्लेट।
मशरूम उगाना (Culturing mushrooms)
मशरूम एक कवक का फल है जिसका शरीर छिपे हुए कवकतंतुओं का गुच्छा कवकजाल (mycelium) है। ऑयस्टर मशरूम उगाना आसान है:
- आधार तैयार करो। धान का पुआल काटो, भिगोओ, फिर पाश्चुरीकृत करो (लगभग 70 से 80 °C गरम पानी में 1 घंटा) और पानी निथारो ताकि वह नम रहे, टपके नहीं।
- स्पॉन। साफ़ छोटे छेद वाले प्लास्टिक थैलों में पुआल के वज़न का लगभग 3 से 5% स्पॉन (कवकजाल लगा अनाज) मिलाओ या परतों में डालो।
- स्पॉन रन। थैले अँधेरे, गरम कमरे (लगभग 25 °C) में 2 से 3 हफ़्ते रखो, जब तक पुआल पूरा सफ़ेद न हो जाए।
- फल बनना। थैला काटो, रोशनी, ताज़ी हवा और ज़्यादा नमी (80 से 90%) हल्की फुहार से दो। कुछ दिनों में छोटे मशरूम बनते हैं।
- तोड़ना। टोपी चपटी होकर बीजाणु छोड़ने से पहले तोड़ो। खाने से पहले पकाओ।
थैले में हरी या नारंगी फफूँदी दिखे तो संदूषण है: उसे इस्तेमाल मत करो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ऑटोक्लेव: 121 °C, 15 मिनट
- डाइल्यूशन: 1 ग्राम में 9 मिली = 10⁻¹; हर अगली 1 मिली में 9 मिली से ×10 और
- CFU प्रति मिली = कॉलोनी ÷ (प्लेट पर डाली मात्रा मिली में × डाइल्यूशन)
- मशरूम का स्पॉन ≈ आधार के वज़न का 3–5%
- मुख्य शब्द: निर्जर्मीकरण, एसेप्टिक, अगार, स्लांट, शुद्ध कल्चर, कॉलोनी, स्ट्रीक प्लेट, स्पॉन, कवकजाल, आधार (substrate)
हल किए गए उदाहरण
1. तुमने 10⁻³ डाइल्यूशन का 0.1 मिली प्लेट पर डाला और 45 कॉलोनियाँ गिनीं। मूल नमूने के CFU प्रति मिली निकालो।
CFU/मिली = 45 ÷ (0.1 × 10⁻³) = 45 ÷ 0.0001 = 450,000 = 4.5 × 10⁵।
2. 4 किलो गीले पुआल में 5% स्पॉन डालना है। कितना स्पॉन चाहिए?
4 किलो का 5% = 0.05 × 4 = 0.2 किलो = 200 ग्राम स्पॉन।
3. तुमने स्ट्रीक प्लेट बनाई पर पूरी प्लेट एक ठोस परत बन गई। क्या गलत हुआ?
धारियाँ बहुत कोशिकाएँ ले गईं, या हर धारी के बीच लूप गरम नहीं किया। नमूना और पतला करो और हर बार लूप को लौ दिखाओ।
आम गलतियाँ
- लूप को ठंडा न होने देना, जिससे वह वही कोशिकाएँ मार देता है जो चुननी थीं।
- प्लेट सीधी (ढक्कन ऊपर) इन्क्यूबेट करना, जिससे पानी की बूँदें कॉलोनियों पर गिरती हैं।
- अनजानी फफूँदी या कॉलोनी वाली प्लेट खोलना या सूँघना।
- टपकता गीला या बिना पाश्चुरीकरण का पुआल इस्तेमाल करना, जिससे दूसरे सूक्ष्मजीव हावी हो जाते हैं।