वन उत्पाद क्या हैं?
वन उत्पाद वे चीज़ें हैं जो लोग जंगलों से लेते हैं। इमारती लकड़ी (टिम्बर) वह लकड़ी है जिससे घर और सामान बनता है। गैर-इमारती उत्पाद में मशरूम, शहद, बाँस, राल और फल आते हैं।
लकड़ी इसलिए काम की है कि वह वज़न के हिसाब से मज़बूत है, आसानी से कटती है और दोबारा उग आती है। सँभलकर उपयोग हो तो जंगल देता रहता है।
लट्ठे से तख़्ता: चीरना
लट्ठा तने का एक तय लंबाई का टुकड़ा है। आरी उसे तख़्तों (पतले चपटे टुकड़े) और बल्लियों (मोटे टुकड़े) में काटती है।
हर कट में कुछ लकड़ी बुरादा बन जाती है। पतला ब्लेड कम बर्बाद करता है। तख़्तों की संख्या लगभग लट्ठे की चौड़ाई ÷ तख़्ते की मोटाई होती है।
लकड़ी सुखाना (सिझाई)
ताज़ी लकड़ी में पानी भरा होता है। गीली लकड़ी काम में लो तो वह बाद में मुड़ती, फटती और सिकुड़ती है। इसलिए उसे सुखाते हैं।
- तख़्तों के बीच छोटी लकड़ियाँ रखकर ढेर लगाओ। हवा निकलनी चाहिए।
- ढेर ज़मीन से ऊपर और बारिश से दूर रखो।
- घर के अंदर के काम के लिए तब तक सुखाओ जब तक पानी लगभग 12 से 15% रह जाए।
कोयला और मशरूम लट्ठे
कोयला: लकड़ी को बंद भट्ठी में बहुत कम हवा के साथ गरम करो। पानी और गैसें निकल जाती हैं और काला कार्बन बचता है। वह हल्का होता है, तेज़ गरमी देता है और धुआँ कम करता है।
मशरूम लट्ठे: चौड़ी पत्ती वाले पेड़ का लट्ठा काटो, छोटे छेद करो, मशरूम का बीज (स्पॉन) भरो और लट्ठे को छाया और नमी में रखो। कुछ महीनों में मशरूम निकल आते हैं। मशरूम एक कवक (फफूँद) है और मरी लकड़ी खाता है।
करके देखो
3D में: आख़िरी चरण में अनुमान लगाओ कि 40 सेमी चौड़े लट्ठे से 5 सेमी के कट में कितने तख़्ते मिलेंगे। फिर स्लाइडर चलाकर जाँचो।
घर पर: एक गीली लकड़ी की डंडी तौलो। उसे एक हफ़्ता सूखी छाया में रखो। फिर तौलो। जितना वज़न घटा वह पानी था।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- तख़्तों की संख्या ≈ लट्ठे की चौड़ाई ÷ तख़्ते की मोटाई
- पानी की मात्रा (%) = (पानी का वज़न ÷ सूखी लकड़ी का वज़न) × 100
- कोयले की उपज ≈ लकड़ी के वज़न का 20%
- मुख्य शब्द: इमारती लकड़ी (टिम्बर), सिझाई, भट्ठी (किल्न), स्पॉन, बुरादा
हल किए गए उदाहरण
1. लट्ठा 40 सेमी चौड़ा है। हर तख़्ता 5 सेमी मोटा है। कितने तख़्ते?
40 ÷ 5 = 8 तख़्ते (असल में बुरादे के कारण थोड़े कम)।
2. 50 किलो लकड़ी से कोयला बनाया। लगभग कितना कोयला मिलेगा?
50 किलो का 20% = 10 किलो।
3. गीला तख़्ता 160 ग्राम का है। सूखने पर 100 ग्राम का हो गया। कितना पानी निकला?
160 − 100 = 60 ग्राम पानी। गीले वज़न का 60 ÷ 160 = 37.5% निकला।
आम गलतियाँ
- फ़र्नीचर के लिए गीली लकड़ी लेना। सूखते समय वह मुड़ेगी और फटेगी।
- तख़्तों को बिना जगह छोड़े एक के ऊपर एक रखना। हवा नहीं निकलती और लकड़ी सड़ सकती है।
- कोयले को सिर्फ़ जली हुई लकड़ी समझना। उसे कम हवा में बनाते हैं ताकि लकड़ी जलकर राख न हो।
- मशरूम को पौधा समझना। वे कवक हैं।