📘 CodingMarble Learn

रोग और दवाएँ

दवा एक रसायन है जो शरीर के काम को बदलती है। यह रिसेप्टर पर ताले में चाबी की तरह बैठकर असर करती है। मात्रा बढ़ने से असर बढ़ता है, पर एक सीमा तक। दवा-चिकित्सा में सही दवा, मात्रा, तरीका और समय चाहिए। ग़लत उपयोग से दुष्प्रभाव, विषाक्तता, प्रतिरोध या लत हो सकती है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. शरीर की कोशिका पर छोटे खाँचे होते हैं, जिन्हें रिसेप्टर कहते हैं। हर खाँचा एक ताला है। दवा एक चाबी है।
  2. दवा की क्रिया: सही चाबी ताले में बैठती है और कोशिका बदलती है। स्लेटी ग़लत आकार की चाबी नहीं बैठती।
  3. मात्रा का स्लाइडर चलाइए। ज़्यादा चाबियाँ बैठती हैं, ज़्यादा ताले भरते हैं और असर का मीटर चढ़ता है।
  4. दवा-चिकित्सा: हर खुराक के बाद स्तर बढ़ता है, फिर घटता है। समय पर खुराक से स्तर हरे हिस्से में रहता है।
  5. बहुत ज़्यादा दवा लाल हिस्से में जाती है। दुष्प्रभाव और विषाक्तता हो सकती है। ज़्यादा का मतलब बेहतर नहीं।
  6. अपनी बारी: मात्रा का स्लाइडर चलाइए और चित्र के नीचे का संदेश पढ़िए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

कुछ दवाएँ कुछ ही लोगों पर क्यों काम करती हैं?

रिसेप्टर, वज़न, उम्र और अंगों की ताकत अलग होती है, इसलिए एक ही मात्रा का असर अलग होता है।

दवा बार-बार क्यों लेनी पड़ती है?

शरीर दवा को निकालता है तो स्तर घटता है। खुराक दोहराने से स्तर हरे हिस्से में रहता है।

स्लेटी चाबी का क्या मतलब है?

ग़लत आकार की दवा रिसेप्टर में नहीं बैठती, इसलिए उस कोशिका पर असर नहीं होता।

क्या अच्छी दवा भी नुकसान कर सकती है?

हाँ। बहुत बड़ी मात्रा में कोई भी दवा लाल हिस्से में पहुँचकर ज़हर बन सकती है।

क्या बड़ी मात्रा ज़्यादा तेज़ काम करती है?

नहीं। सब ताले भर जाएँ तो और दवा से लाभ नहीं बढ़ता, सिर्फ़ ख़तरा बढ़ता है।

दवा क्या है?

दवा एक रसायन है जो शरीर के काम को बदलता है। कुछ दवाएँ रोग ठीक करती हैं, कुछ दर्द रोकती हैं, कुछ रोग से बचाती हैं, और कुछ वह चीज़ देती हैं जो शरीर में कम है (जैसे इंसुलिन)।

दवाएँ पौधों से, फफूँद जैसे जीवों से या कारखाने में बनती हैं।

दवा की क्रिया

कोशिकाओं की सतह पर छोटे खाँचे होते हैं, जिन्हें रिसेप्टर कहते हैं। दवा का अणु इनमें चाबी की तरह बैठता है। बैठते ही कोशिका को कुछ करने या रुकने का संदेश मिलता है।

कुछ दवाएँ रिसेप्टर के बिना काम करती हैं। जैसे एंटैसिड पेट के ज़्यादा अम्ल को बेअसर करता है। एंटीबायोटिक कीटाणुओं पर काम करती है, हमारी कोशिकाओं पर नहीं।

दवा और शरीर की प्रतिक्रिया

शरीर की प्रतिक्रिया मात्रा (खुराक) पर निर्भर करती है। कम मात्रा: कम असर। सही मात्रा: चाहा हुआ असर। बहुत ज़्यादा: नुकसान।

एक ही दवा सब पर एक जैसा असर नहीं करती। उम्र, वज़न, दूसरी बीमारी, जिगर-गुर्दे की ताकत और दूसरी दवाएँ असर बदलती हैं। बच्चों और बुज़ुर्गों को अक्सर कम मात्रा चाहिए।

प्रतिक्रियाएँ ये हो सकती हैं: मुख्य प्रभाव (जो चाहिए), दुष्प्रभाव (अनचाहा अतिरिक्त असर), एलर्जी (दाने, सूजन, साँस की दिक्कत) और सहनशीलता (उतने असर के लिए ज़्यादा दवा चाहिए)।

दवा-चिकित्सा

दवा-चिकित्सा यानी दवा से इलाज। नर्स "पाँच सही" का पालन करती है: सही मरीज़, सही दवा, सही मात्रा, सही तरीका (मुँह, इंजेक्शन, त्वचा, इनहेलर) और सही समय।

खुराक के बाद खून में दवा का स्तर बढ़ता है, फिर जिगर और गुर्दे उसे निकालते हैं तो घटता है। इसलिए स्तर लाभ वाले हिस्से में रखने के लिए खुराक तय समय पर दोहराई जाती है।

नर्स खुराक के बाद देखती है: असर हुआ? दाने, उल्टी या नींद तो नहीं? समस्या तुरंत बताती है और रिकॉर्ड रखती है।

दवा से स्वास्थ्य को नुकसान

सुरक्षित आदतें: दवा केवल पर्ची के अनुसार लें, किसी से बाँटें नहीं, बच्चों से दूर रखें, एक्सपायरी तारीख़ देखें।

करके देखिए

3D खोलिए। चरण 2 में मात्रा का स्लाइडर 0 से 10 तक चलाइए और बोलिए कि किन संख्याओं पर मीटर नीला, हरा और लाल है। घर पर: दवा की पट्टी उठाइए। उस पर मात्रा, कितनी बार लेनी है और एक्सपायरी तारीख़ ढूँढिए।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. डॉक्टर कहते हैं "हर 8 घंटे में एक गोली"। एक दिन में कितनी गोलियाँ?

24 घंटे ÷ 8 घंटे = 3 खुराकें, यानी दिन में 3 गोलियाँ।

2. बच्चे को सुबह 8 बजे बुखार की दवा दी गई। अगली खुराक 6 घंटे बाद है। किस समय?

सुबह 8 + 6 घंटे = दोपहर 2 बजे।

3. बच्चा ठीक लगे तो भी एंटीबायोटिक का कोर्स पूरा क्यों करना चाहिए?

ठीक लगने का मतलब है ज़्यादातर कीटाणु मर गए। कुछ मज़बूत कीटाणु बचे हो सकते हैं। दवा रोकने पर वे बढ़ते हैं और प्रतिरोधी हो जाते हैं, तब अगला इलाज फ़ेल हो सकता है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. रिसेप्टर क्या है?
2. दवा का अनचाहा अतिरिक्त असर कहलाता है:
3. "पाँच सही" में से एक है:
4. एंटीबायोटिक कोर्स अधूरा छोड़ने से हो सकता है:
5. शरीर दवा के बिना न रह पाए, इसे कहते हैं:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दवा शरीर में कैसे काम करती है?

ज़्यादातर दवाएँ कोशिका के रिसेप्टर में चाबी की तरह बैठकर कोशिका का काम बदलती हैं। कुछ कीटाणुओं पर या अम्ल जैसे रसायनों पर काम करती हैं।

दुष्प्रभाव और एलर्जी में क्या फ़र्क है?

दुष्प्रभाव दवा का जाना-पहचाना अतिरिक्त असर है, जैसे नींद आना। एलर्जी में शरीर की रक्षा-प्रणाली दवा पर ग़लत प्रतिक्रिया करती है, दाने, सूजन या साँस की दिक्कत के साथ।

क्या दो दवाएँ साथ ले सकते हैं?

तभी जब डॉक्टर या फ़ार्मासिस्ट कहें। कुछ दवाएँ एक-दूसरे का असर बदल देती हैं।

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी जीव विज्ञान पाठ