Italy Secondaria di secondo grado – classe 2ª Mathematics (scienze umane – economico-sociale)
अध्याय: 5
1. Arithmetic and algebra
Integers, rationals and reals · Literal calculation
- परिमेय संख्याएँ: संख्या रेखा, सघनता और दशमलव – जिस संख्या को p/q के रूप में लिख सकें, जहाँ p और q पूर्णांक हों और q शून्य न हो, उसे परिमेय संख्या कहते हैं। जैसे 3/4, −5/3, 7 (= 7/1), 0.25 (= 1/4)। p/q को संख्या रेखा पर दिखाने के लिए हर इकाई को q बराबर टुकड़ों में काटो और 0 से p टुकड़े चलो। किन्हीं दो परिमेय संख्याओं के बीच हमेशा एक और परिमेय संख्या होती है (उनका औसत), इसलिए बीच में अनगिनत संख्याएँ हैं। परिमेय संख्या का दशमलव या तो खत्म हो जाता है (सांत) या कोई हिस्सा बार-बार दोहराता है (असांत आवर्ती)।
- बहुपद: शून्यक और गुणांक – ax² + bx + c जैसे बहुपद की एक घात (सबसे बड़ी घात) होती है। शून्यक x का वह मान है जिस पर बहुपद 0 हो जाए। ग्राफ पर शून्यक वे x-निर्देशांक हैं जहाँ वक्र y = p(x), x-अक्ष से मिलता है। घात n वाले बहुपद के अधिक से अधिक n शून्यक होते हैं। ax² + bx + c के शून्यक α, β हों तो α + β = −b/a और αβ = c/a.
2. Geometry
Euclidean plane geometry · Cartesian coordinates
- यूक्लिड की ज्यामिति: परिभाषाएँ, अभिगृहीत और पाँच अभिधारणाएँ – ज्यामिति की शुरुआत मिस्र, भारत और मेसोपोटामिया में ज़मीन और वेदियाँ नापने से हुई। भारत के शुल्बसूत्रों (जैसे बौधायन) में रस्सी से वर्ग बनाने, वर्ग को दुगना करने और विकर्ण के नियम दिए गए। लगभग 300 ई.पू. में अलेक्ज़ेंड्रिया के यूक्लिड ने ज्यामिति को तर्क की एक कड़ी बना दिया: कुछ परिभाषाओं, सामान्य-समझ वाले अभिगृहीतों और पाँच अभिधारणाओं से शुरू करो, और बाकी सब सिद्ध करो। पाँचवीं अभिधारणा बताती है कि दो रेखाएँ कब मिलती हैं, और इसी से समांतर रेखाओं का विचार आता है।
- निर्देशांक ज्यामिति: दूरी सूत्र और विभाजन सूत्र – समतल पर हर बिंदु का एक पता होता है (x, y)। A(x₁, y₁) और B(x₂, y₂) के बीच की दूरी d = √[(x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)²] है; यह x-अंतर और y-अंतर पर पाइथागोरस ही है। जो बिंदु P, AB को अंदर से m : n में बाँटे, वह P = ((mx₂ + nx₁)/(m + n), (my₂ + ny₁)/(m + n)) है। m = n हो तो P मध्य-बिंदु है।
3. Relations and functions
Functions and models
- संबंध एवं फलन: कार्तीय गुणन, प्रांत, परिसर और ग्राफ़ – क्रमित युग्म (a, b) में पहला और दूसरा स्थान तय है, इसलिए (1, 2) ≠ (2, 1)। कार्तीय गुणन A × B उन सब युग्मों (a, b) का समुच्चय है जिनमें a ∈ A, b ∈ B; n(A × B) = n(A) × n(B)। A × B का कोई भी उपसमुच्चय A से B में संबंध है। पहले अवयवों का समुच्चय प्रांत, दूसरे अवयवों का परिसर, और पूरा B सहप्रांत है। फलन ऐसा संबंध है जिसमें A के हर अवयव का ठीक एक प्रतिबिंब हो। हम अचर, तत्समक, बहुपद, परिमेय, मापांक, चिह्न, घातांकी, लघुगणकीय और महत्तम पूर्णांक फलन और उनके ग्राफ़ पढ़ते हैं, और फलनों को जोड़ना, घटाना, गुणा और भाग करना सीखते हैं।
4. Data and prediction
Statistics and probability
- सांख्यिकी: प्रश्न पूछना, औसत और स्टैक्ड दंड आलेख – सांख्यिकी एक ऐसे प्रश्न से शुरू होती है जिसके कई जवाब हो सकते हैं। हम आँकड़े इकट्ठा करते हैं, उन्हें व्यवस्थित करते हैं, ग्राफ बनाते हैं और एक संख्या निकालते हैं जो सबका सार बताए। माध्य बराबर का हिस्सा है, माध्यिका बीच का मान है और बहुलक सबसे ज़्यादा आने वाला मान है। भारित माध्य कुछ मानों को ज़्यादा महत्व देता है। स्टैक्ड और 100% स्टैक्ड दंड आलेख दिखाते हैं कि पूरा हिस्सों में कैसे बँटा है।
5. Elements of computer science
Algorithms
- समस्या समाधान का परिचय – कंप्यूटर से समस्या हल करने के चरण: समस्या का विश्लेषण (इनपुट, आउटपुट, नियम), एल्गोरिद्म बनाना (सीमित, स्पष्ट, क्रमबद्ध चरण), प्रोग्रामिंग भाषा में कोड करना, अलग-अलग इनपुट से जाँचना (टेस्ट), और डीबग (गलतियाँ ढूँढकर हटाना)। एल्गोरिद्म को फ़्लोचार्ट (अंडाकार = शुरू/रुको, समांतर चतुर्भुज = इनपुट/आउटपुट, आयत = प्रक्रिया, हीरा = निर्णय, तीर = दिशा) या स्यूडोकोड (सरल संरचित भाषा) में दिखाते हैं। विघटन बड़ी समस्या को छोटी उप-समस्याओं में तोड़ता है।