Russia 10 класс Informatics (basic)
अध्याय: 3
1. Digital literacy
Computer principles · Software
- कंप्यूटर और संगणन: विकास, भाग और इनपुट-आउटपुट उपकरण – कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो इनपुट लेती है, प्रोग्राम के अनुसार उस पर काम करती है, डेटा सहेजती है और आउटपुट देती है। अबेकस से स्मार्टफ़ोन तक उपकरण बदलते गए। हर कंप्यूटर में इनपुट इकाई, CPU, मेमोरी और आउटपुट इकाई होती है, जो बस और पोर्ट से जुड़ी रहती हैं।
- सॉफ़्टवेयर: सिस्टम और एप्लिकेशन, सामान्य और विशिष्ट – सॉफ़्टवेयर प्रोग्रामों का समूह है। सिस्टम सॉफ़्टवेयर (ऑपरेटिंग सिस्टम, डिवाइस ड्राइवर, यूटिलिटी, भाषा अनुवादक) कंप्यूटर को चलाता और सँभालता है। एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर उपयोगकर्ता का काम करता है। एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर सामान्य उद्देश्य (बहुत लोगों के लिए तैयार) या विशिष्ट उद्देश्य (एक संस्था के लिए बनवाया) हो सकता है।
2. Theoretical foundations
Information and coding · Information processes · Systems and control · Number systems · Representation of numbers and text · Algebra of logic
- डेटा निरूपण: कंप्यूटर संख्या, अक्षर, चित्र और आवाज़ कैसे रखता है – डेटा कच्चे तथ्य हैं; अर्थ मिलने पर वह सूचना (information) बनता है; जिस सूचना से हम काम ले सकें वह ज्ञान है। कंप्यूटर सारा डेटा बिट (0 या 1) में रखता है। 8 बिट = 1 बाइट; 1 kB = 1000 बाइट, 1 MB = 1000 kB, 1 GB = 1000 MB, 1 TB = 1000 GB। संख्याएँ बाइनरी में रहती हैं, जहाँ स्थानीय मान दोगुने होते जाते हैं: 1, 2, 4, 8… अक्षरों के लिए कैरेक्टर सेट होता है: ASCII में 'A' = 65; यूनिकोड में हर लिपि है। बिटमैप चित्र पिक्सेल का जाल है; साइज़ = चौड़ाई × ऊँचाई × कलर डेप्थ। ध्वनि के सैंपल लिए जाते हैं: साइज़ = सैंपल रेट × बिट डेप्थ × सेकंड। वेक्टर चित्र पिक्सेल की जगह आकृतियाँ रखता है। कम्प्रेशन फ़ाइल छोटी करता है: लॉसलेस हर बिट बचाता है, लॉसी कुछ बारीकी हटा देता है।
- सूचना सिद्धांत – सूचना वह चीज़ है जो अनिश्चितता को घटाती है। हम इसे बिट में मापते हैं: एक बिट एक सही हाँ/ना सवाल का जवाब है। अगर N नतीजे बराबर संभावना वाले हों तो सूचना I = log2 N बिट (हार्टले)। अगर संभावनाएँ अलग हों तो औसत सूचना H = −Σ p log2 p बिट (शैनन)। सूचना बनती है, संचित होती है, संसाधित होती है और चैनल से भेजी जाती है, जिसमें शोर आ सकता है।
- संख्या पद्धति और कूटन (Encoding) – संख्या पद्धति अंकों और आधार से संख्याएँ लिखने का तरीका है। दशमलव (आधार 10) में 0–9, बाइनरी (आधार 2) में 0 और 1, ऑक्टल (आधार 8) में 0–7, और हेक्साडेसिमल (आधार 16) में 0–9 और A–F। दशमलव से किसी आधार में: आधार से बार-बार भाग देकर शेष नीचे से ऊपर पढ़ें; भिन्न भाग के लिए आधार से गुणा करके पूर्णांक ऊपर से नीचे पढ़ें। दशमलव में: हर अंक × स्थानीय मान, फिर जोड़ें। बाइनरी ↔ ऑक्टल में 3 बिट के समूह, बाइनरी ↔ हेक्स में 4 बिट के। टेक्स्ट कूटन से रखा जाता है: ASCII (7 बिट, 128 अक्षर), ISCII (8 बिट, भारतीय लिपियाँ) और यूनिकोड (हर लिपि), जो UTF-8 (1–4 बाइट) या UTF-32 (4 बाइट) में सहेजा जाता है।
- बूलियन तर्क (Boolean Logic) – बूलियन तर्क में केवल दो मान हैं: 1 (सत्य) और 0 (असत्य)। लॉजिक गेट इन पर काम करते हैं: NOT मान उलटता है; AND तभी 1 जब सभी इनपुट 1; OR तब 1 जब कोई भी इनपुट 1; NAND और NOR, AND और OR के उल्टे हैं; XOR तब 1 जब इनपुट अलग हों। सत्य सारणी हर इनपुट संयोजन का आउटपुट बताती है (n इनपुट पर 2ⁿ पंक्तियाँ)। डी मॉर्गन: (A·B)' = A' + B' और (A + B)' = A'·B'। गेटों को जोड़कर लॉजिक सर्किट बनते हैं।
3. Information technologies
Text processing · Graphics and multimedia
- वर्ड प्रोसेसिंग: साफ़ और सुंदर दस्तावेज़ बनाना – वर्ड प्रोसेसर (जैसे LibreOffice Writer, Microsoft Word, Google Docs) एक प्रोग्राम है जिससे हम टेक्स्ट टाइप, एडिट, फ़ॉर्मेट, सेव और प्रिंट करते हैं। अक्षर फ़ॉर्मेटिंग से फ़ॉन्ट, साइज़, बोल्ड, रंग बदलते हैं; पैराग्राफ़ फ़ॉर्मेटिंग से अलाइनमेंट, लाइन स्पेसिंग, इंडेंट और लिस्ट; और पेज सेटअप व स्टाइल से पूरा दस्तावेज़। हेडिंग स्टाइल से विषय-सूची अपने-आप बनती है। टेबल, चित्र, हेडर-फ़ुटर, पेज नंबर, फ़ुटनोट, साइटेशन और संदर्भ-सूची जोड़ी जा सकती है, और मेल मर्ज से एक टेम्पलेट से कई निजी पत्र बनते हैं।