सॉफ़्टवेयर क्या है?
सॉफ़्टवेयर प्रोग्रामों, डेटा और निर्देशों का समूह है जो हार्डवेयर को बताता है कि क्या करना है। हार्डवेयर शरीर है; सॉफ़्टवेयर मन। सॉफ़्टवेयर को सिस्टम सॉफ़्टवेयर और एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर में बाँटते हैं। (एडिटर और IDE जैसे प्रोग्रामिंग टूल कभी-कभी तीसरी श्रेणी में गिने जाते हैं।)
सिस्टम सॉफ़्टवेयर
सिस्टम सॉफ़्टवेयर खुद कंप्यूटर को चलाता और सँभालता है।
- ऑपरेटिंग सिस्टम (OS): मैनेजर। फ़ाइलें, मेमोरी, CPU, उपकरण और सुरक्षा सँभालता है और आपको यूज़र इंटरफ़ेस देता है। उदाहरण: Windows, Linux (Ubuntu), macOS, Android, iOS।
- डिवाइस ड्राइवर: छोटे प्रोग्राम जो OS को किसी एक उपकरण (प्रिंटर, वेबकैम) से बात करने देते हैं।
- यूटिलिटी सॉफ़्टवेयर: देखभाल के औज़ार। एंटीवायरस, डिस्क क्लीनअप, डीफ़्रैगमेंटर, बैकअप, फ़ाइल कम्प्रेशन (zip)।
- भाषा अनुवादक: प्रोग्राम कोड को मशीन भाषा (0 और 1) में बदलते हैं। कंपाइलर पूरा प्रोग्राम एक साथ बदलता है। इंटरप्रेटर (जैसे पायथन का) एक-एक पंक्ति बदलकर चलाता है। असेंबलर असेंबली भाषा बदलता है।
एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर
एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर उपयोगकर्ता का काम करता है: चिट्ठी लिखना, बिल बनाना, फ़ोटो सुधारना, टिकट बुक करना। यह OS के बिना नहीं चलता।
सिस्टम बनाम एप्लिकेशन
- सिस्टम: कंप्यूटर को सँभालता है; पीछे चलता रहता है; कंप्यूटर चलने के लिए ज़रूरी।
- एप्लिकेशन: उपयोगकर्ता का काम करता है; ज़रूरत पर खोलते हैं; इसके बिना भी कंप्यूटर चलता है।
सामान्य उद्देश्य (जेनेरिक) सॉफ़्टवेयर
सामान्य सॉफ़्टवेयर बहुत सारे लोगों की आम ज़रूरतों के लिए बनता है। यह तुरंत इस्तेमाल के लिए तैयार और अक्सर सस्ता या मुफ़्त होता है।
उदाहरण: वर्ड प्रोसेसर (LibreOffice Writer, MS Word), स्प्रेडशीट (Calc, Excel), प्रेज़ेंटेशन (Impress, PowerPoint), वेब ब्राउज़र, इमेज एडिटर (GIMP), मीडिया प्लेयर, डेटाबेस टूल।
लाभ: सस्ता, जल्दी मिलता है, अच्छी तरह जाँचा हुआ, ऑनलाइन बहुत मदद। कमी: किसी ख़ास ज़रूरत पर ठीक न बैठे।
विशिष्ट उद्देश्य (कस्टमाइज़्ड) सॉफ़्टवेयर
विशिष्ट उद्देश्य सॉफ़्टवेयर किसी एक संस्था या एक ख़ास काम के लिए, उसकी ठीक ज़रूरत के अनुसार बनाया जाता है। इसे कस्टमाइज़्ड या टेलर-मेड भी कहते हैं।
उदाहरण: रेलवे या हवाई आरक्षण प्रणाली, स्कूल मैनेजमेंट सिस्टम, अस्पताल मैनेजमेंट सिस्टम, बैंक वेतन प्रणाली, किसी दुकान की अपनी बिलिंग प्रणाली।
लाभ: काम पर पूरी तरह फ़िट। कमी: महँगा, बनने में समय, अलग रख-रखाव।
करके देखें: अपने फ़ोन का सॉफ़्टवेयर ऑडिट
फ़ोन की 8 चीज़ें लिखें। हर एक पर S (सिस्टम: Android/iOS, सेटिंग्स, कीबोर्ड ड्राइवर, एंटीवायरस), G (सामान्य ऐप: ब्राउज़र, कैलकुलेटर, नोट्स) या C (विशिष्ट: आपके स्कूल का ऐप, बैंक ऐप) लगाएँ। फिर 3D के कदम 6 में यही खेल खेलें।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सॉफ़्टवेयर = सिस्टम सॉफ़्टवेयर + एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर
- सिस्टम = OS + डिवाइस ड्राइवर + यूटिलिटी + भाषा अनुवादक
- एप्लिकेशन = सामान्य उद्देश्य + विशिष्ट उद्देश्य (कस्टमाइज़्ड)
- कंपाइलर: पूरा प्रोग्राम एक साथ; इंटरप्रेटर: एक-एक पंक्ति
हल किए गए उदाहरण
1. छाँटें: Android, MS Excel, प्रिंटर ड्राइवर, IRCTC बुकिंग प्रणाली।
Android: सिस्टम (OS)। Excel: सामान्य एप्लिकेशन। प्रिंटर ड्राइवर: सिस्टम। IRCTC बुकिंग: विशिष्ट उद्देश्य एप्लिकेशन।
2. छोटी दुकान को सादे बिल बनाने हैं। सामान्य सॉफ़्टवेयर ले या कस्टमाइज़्ड?
सामान्य, जैसे स्प्रेडशीट या तैयार बिलिंग ऐप। यह सस्ता है और सादी ज़रूरत के लिए काफ़ी। कस्टमाइज़्ड बहुत महँगा पड़ेगा।
3. पायथन पंक्ति 5 पर गलती दिखाता है पर पंक्ति 1 से 4 चला चुका है। यह कौन-सा अनुवादक है?
इंटरप्रेटर। यह एक-एक पंक्ति चलाता है और पहली गलती पर रुकता है। कंपाइलर कुछ भी चलाने से पहले गलतियाँ बताता।
4. एंटीवायरस को यूटिलिटी क्यों कहते हैं, एप्लिकेशन क्यों नहीं?
यह लिखने या बिल जैसा उपयोगकर्ता का काम नहीं करता; यह कंप्यूटर की सेहत सँभालता है। इसलिए यह यूटिलिटी है, जो सिस्टम सॉफ़्टवेयर का भाग है।
आम गलतियाँ
- MS Word को "सिस्टम सॉफ़्टवेयर" कहना। यह सामान्य एप्लिकेशन है।
- यह सोचना कि ऐप बिना ऑपरेटिंग सिस्टम चल सकता है।
- फ़ोन के हर ऐप को "विशिष्ट" कहना। ब्राउज़र या कैलकुलेटर सामान्य है।
- कंपाइलर और इंटरप्रेटर उलटना: कंपाइलर पूरा प्रोग्राम एक साथ बदलता है।