उभरती प्रौद्योगिकियाँ क्या हैं?
उभरती प्रौद्योगिकी वह नई तकनीक है जो अभी बढ़ रही है और आने वाले सालों में ज़िंदगी और काम को बदल देगी। इस अध्याय में ऐसी ग्यारह तकनीकें हैं। ये अक्सर साथ काम करती हैं: सेंसर डेटा इकट्ठा करते हैं, क्लाउड उसे रखता है, और AI उससे सीखता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) – कृत्रिम बुद्धिमत्ता
AI का मतलब है मशीन से वे काम करवाना जिनमें इंसान जैसी सोच चाहिए: देखना, बोली समझना, फ़ैसला लेना और सीखना। लक्ष्य है ऐसी मशीन जो नई स्थिति में भी समझदारी से काम करे।
AI के उदाहरण
- फ़ोन का फ़ेस अनलॉक।
- मैप ऐप का सबसे तेज़ रास्ता ढूँढना।
- कंप्यूटर के साथ खेले जाने वाले खेल।
- सवालों के जवाब देने वाले वॉइस असिस्टेंट।
मशीन लर्निंग (ML)
मशीन लर्निंग AI का एक हिस्सा है। हर नियम हाथ से लिखने की जगह हम कंप्यूटर को बहुत से उदाहरण (डेटा) देते हैं। वह खुद पैटर्न ढूँढकर एक मॉडल बनाता है। फिर यह मॉडल नए डेटा पर अनुमान (prediction) लगाता है।
ML कैसे काम करती है
- ट्रेनिंग डेटा: बहुत से उदाहरण, अक्सर सही जवाब (लेबल) के साथ।
- ट्रेनिंग: एल्गोरिद्म पैटर्न ढूँढता है।
- टेस्टिंग: नए उदाहरणों पर मॉडल जाँचा जाता है।
- अनुमान: मॉडल असली काम में लगता है।
उपयोग: ईमेल में स्पैम फ़िल्टर, फ़िल्मों के सुझाव, कीमत का अनुमान, मेडिकल जाँच। ज़्यादा अच्छा डेटा = बेहतर अनुमान।
प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (NLP)
NLP AI का वह हिस्सा है जो कंप्यूटर को हिंदी, अंग्रेज़ी जैसी इंसानी भाषाएँ समझने, पढ़ने, लिखने और बोलने में मदद करता है।
NLP क्या करता है
- वाक्य को शब्दों (टोकन) में तोड़ता है।
- मतलब और इरादा समझता है।
- जवाब, सारांश या अनुवाद बनाता है।
उपयोग: चैटबॉट, वॉइस असिस्टेंट, टाइप करते समय अगला शब्द सुझाना, स्पेल चेक, अनुवाद ऐप, और रिव्यू खुश या नाराज़ है यह पहचानना (सेंटिमेंट एनालिसिस)।
संवर्धित वास्तविकता (AR) और आभासी वास्तविकता (VR)
AR – संवर्धित वास्तविकता
AR असली दुनिया के ऊपर कंप्यूटर से बनी चीज़ें जोड़ देता है, और असली दुनिया दिखती रहती है। आम तौर पर फ़ोन कैमरे या स्मार्ट चश्मे से। उदाहरण: फ़ोटो फ़िल्टर, कमरे में आभासी सोफ़ा रखकर देखने वाले ऐप, सड़क पर दिखने वाले गेम के किरदार।
VR – आभासी वास्तविकता
VR पूरी तरह कंप्यूटर से बनी 3D दुनिया बनाता है। आप हेडसेट पहनते हैं जो असली दुनिया छिपा देता है, और सिर घुमाने पर दृश्य भी घूमता है। उदाहरण: पायलट ट्रेनिंग, स्मारकों की आभासी सैर, डॉक्टरों का अभ्यास।
AR और VR में अंतर
| AR | VR |
|---|---|
| असली दुनिया + आभासी चीज़ें | सिर्फ़ आभासी दुनिया |
| फ़ोन या चश्मा काफ़ी | हेडसेट चाहिए |
| आसपास का पता रहता है | आसपास छिप जाता है |
मिश्रित वास्तविकता (Mixed reality) में आभासी चीज़ें असली चीज़ों पर प्रतिक्रिया भी करती हैं।
रोबोटिक्स
रोबोट ऐसी मशीन है जो खुद से या थोड़ी मदद से काम कर सकती है। रोबोट बनाने, डिज़ाइन करने और प्रोग्राम करने के क्षेत्र को रोबोटिक्स कहते हैं।
रोबोट के भाग
- सेंसर: दुनिया को महसूस करना (कैमरा, छूना, दूरी)।
- प्रोसेसर (दिमाग): प्रोग्राम चलाना, अक्सर AI के साथ।
- एक्चुएटर / मोटर: हिलना और काम करना।
उदाहरण: कार फ़ैक्टरी के रोबोट हाथ, रोबोट वैक्यूम क्लीनर, मंगल ग्रह के रोवर, ड्रोन, सर्जरी वाले रोबोट। रोबोट दोहराव वाले, खतरनाक या बहुत सटीक काम करते हैं।
बिग डेटा
बिग डेटा ऐसा डेटा है जो इतना बड़ा और इतनी तेज़ी से बढ़ता है कि साधारण सॉफ़्टवेयर उसे आसानी से रख या संभाल नहीं पाता। सोशल मीडिया पोस्ट, ऑनलाइन खरीदारी के क्लिक और सेंसर की रीडिंग सब बिग डेटा बनाते हैं।
बिग डेटा के 5 V
- Volume (मात्रा): बहुत ज़्यादा डेटा।
- Velocity (वेग): बहुत तेज़ी से, हर सेकंड आता है।
- Variety (विविधता): कई तरह का: टेक्स्ट, फ़ोटो, वीडियो, संख्याएँ।
- Veracity (सत्यता): डेटा कितना सही और भरोसेमंद है।
- Value (मूल्य): उससे मिलने वाली काम की जानकारी।
डेटा एनालिटिक्स यानी बिग डेटा की जाँच करके पैटर्न ढूँढना, जैसे सर्दी में कौन-सा सामान ज़्यादा बिकता है।
इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT) और सेंसर
इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स रोज़ की चीज़ों (पंखा, बल्ब, घड़ी, मीटर, कार) का नेटवर्क है जिनमें सेंसर और सॉफ़्टवेयर लगे हैं और जो इंटरनेट से जुड़े हैं। ये बिना किसी के टाइप किए डेटा भेज और पा सकती हैं।
सेंसर
सेंसर छोटा उपकरण है जो दुनिया की किसी चीज़ को नापकर डेटा बनाता है: तापमान, रोशनी, हलचल, आवाज़, नमी, जगह (GPS)। आपके फ़ोन में ही एक्सेलेरोमीटर, जाइरोस्कोप, GPS और लाइट सेंसर हैं।
वेब ऑफ़ थिंग्स
जब IoT उपकरण सामान्य वेब तकनीक से आपस में और वेब ऐप से बात करते हैं, तो इसे वेब ऑफ़ थिंग्स कहते हैं।
उदाहरण: ऐप से चलने वाला स्मार्ट बल्ब, मिट्टी सूखने पर पंप चालू करने वाला सेंसर, फ़ोन पर धड़कन भेजने वाला फ़िटनेस बैंड।
स्मार्ट सिटी
स्मार्ट सिटी IoT सेंसर, नेटवर्क और डेटा विश्लेषण से अपनी सेवाएँ बेहतर चलाती है और बिजली, पानी व समय बचाती है।
उदाहरण
- असली ट्रैफ़िक देखकर समय बदलने वाली ट्रैफ़िक बत्तियाँ।
- खाली सड़क पर धीमी होने वाली स्ट्रीट लाइट।
- भर जाने पर खबर देने वाले कूड़ेदान।
- रिसाव बताने वाली पानी की पाइप।
- अगली बस कब आएगी, बताने वाले ऐप।
चुनौतियाँ: लोगों के डेटा की निजता, साइबर सुरक्षा और ज़्यादा खर्च।
क्लाउड कंप्यूटिंग: SaaS, IaaS और PaaS
क्लाउड कंप्यूटिंग यानी इंटरनेट से किसी कंपनी के सर्वर, स्टोरेज और सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल करना और सिर्फ़ जितना इस्तेमाल किया उतना पैसा देना। खुद मशीन खरीदने और संभालने की ज़रूरत नहीं।
तीन सेवा मॉडल
- IaaS (Infrastructure as a Service): कच्ची कंप्यूटिंग किराए पर: वर्चुअल मशीन, स्टोरेज, नेटवर्क। बाकी सब आप खुद लगाते हैं। जैसे खाली फ़्लैट किराए पर।
- PaaS (Platform as a Service): तैयार प्लेटफ़ॉर्म (ऑपरेटिंग सिस्टम, डेटाबेस, प्रोग्रामिंग टूल) जिस पर आप अपना ऐप बनाते और चलाते हैं। जैसे तैयार रसोई वाला फ़्लैट: बस खाना बनाइए।
- SaaS (Software as a Service): ब्राउज़र से तैयार ऐप इस्तेमाल करना। वेब ईमेल, ऑनलाइन वर्ड प्रोसेसर, वीडियो कॉल ऐप SaaS हैं। जैसे बना-बनाया खाना मँगाना।
फ़ायदे
कम शुरुआती खर्च, कहीं से भी पहुँच, आसानी से बढ़ाना, अपने-आप अपडेट और बैकअप। जोखिम: इंटरनेट ज़रूरी, और आपका डेटा किसी और के पास।
ग्रिड कंप्यूटिंग
ग्रिड कंप्यूटिंग अलग-अलग जगहों और अलग-अलग मालिकों के बहुत से कंप्यूटरों को एक टीम बना देती है। एक बड़ा काम छोटे टुकड़ों में बँटता है, हर कंप्यूटर एक टुकड़ा करता है, फिर नतीजे जोड़े जाते हैं।
इसका उपयोग भारी वैज्ञानिक कामों में होता है, जैसे मौसम के मॉडल, प्रोटीन का अध्ययन, या अंतरिक्ष के रेडियो संकेतों की खोज। लोग अपने घर के कंप्यूटर का खाली समय भी दान कर सकते हैं।
ग्रिड और क्लाउड में अंतर
क्लाउड में एक कंपनी बहुत से उपयोगकर्ताओं को सेवा देती है। ग्रिड में बहुत से मालिकों के कंप्यूटर मिलकर एक बड़ा काम पूरा करते हैं।
ब्लॉकचेन
ब्लॉकचेन रिकॉर्ड रखने का तरीका है (एक डिजिटल रजिस्टर) जो किसी एक दफ़्तर में नहीं, बल्कि बहुत से कंप्यूटरों में बँटा होता है।
यह कैसे काम करता है
- रिकॉर्ड ब्लॉक में इकट्ठे होते हैं।
- हर ब्लॉक पिछले ब्लॉक का हैश (छोटा डिजिटल फ़िंगरप्रिंट) रखता है, इसलिए ब्लॉक जंजीर बनाते हैं।
- हर सदस्य (नोड) के पास पूरी जंजीर की कॉपी है। इसे विकेंद्रीकृत या वितरित लेजर कहते हैं।
- कोई पुराना ब्लॉक बदले तो उसका हैश बदल जाता है और आगे की जंजीर टूट जाती है। दूसरे सदस्यों की कॉपी से गड़बड़ पकड़ी जाती है और बदलाव नहीं माना जाता।
उपयोग: डिजिटल मुद्रा, खेत से दुकान तक खाने या दवा का पता रखना, ज़मीन के रिकॉर्ड, प्रमाणपत्र। फ़ायदा: पारदर्शी और छेड़छाड़ बहुत मुश्किल। कमी: बहुत बिजली और स्टोरेज लगता है।
करके देखें: घर में तकनीक पहचानें
10 मिनट घर में घूमिए। हर उपकरण लिखिए और उसकी तकनीक बताइए: स्मार्ट टीवी (IoT + SaaS ऐप), फ़ोन कीबोर्ड के सुझाव (NLP + ML), फ़ोटो फ़िल्टर (AR), मैप ऐप (बिग डेटा + AI)। फिर 3D के आख़िरी कदम में ब्लॉकचेन का ब्लॉक 2 बदलिए और गिनिए कितने लिंक टूटे।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- AI ⊃ मशीन लर्निंग: ML, AI बनाने का एक तरीका है (डेटा से सीखना)।
- रोबोट = सेंसर (महसूस) + प्रोसेसर (सोचना) + एक्चुएटर (काम)।
- बिग डेटा के 5 V = Volume, Velocity, Variety, Veracity, Value।
- क्लाउड मॉडल: IaaS (ढाँचा) → PaaS (+ प्लेटफ़ॉर्म) → SaaS (+ तैयार सॉफ़्टवेयर)।
- ब्लॉकचेन: हर ब्लॉक पिछले ब्लॉक का हैश रखता है; कॉपी सब सदस्यों के पास।
हल किए गए उदाहरण
1. एक स्कूल बिना कुछ इंस्टॉल किए ब्राउज़र से ऑनलाइन वर्ड प्रोसेसर चलाता है। यह कौन-सा क्लाउड मॉडल है?
SaaS: तैयार ऐप इंटरनेट से चलता है; सर्वर, प्लेटफ़ॉर्म और अपडेट कंपनी संभालती है।
2. एक स्टार्ट-अप वर्चुअल मशीन और स्टोरेज किराए पर लेकर उन पर अपना ऑपरेटिंग सिस्टम और डेटाबेस डालता है। कौन-सा मॉडल?
IaaS: सिर्फ़ ढाँचा (मशीन, स्टोरेज, नेटवर्क) किराए पर, उसके ऊपर का सब खुद संभालना।
3. शॉपिंग ऐप दिखाता है 'इसे खरीदने वालों ने यह भी खरीदा'। कौन-सी तकनीकें लगी हैं?
बिग डेटा (करोड़ों खरीदारियाँ दर्ज) और मशीन लर्निंग (मॉडल सीखता है कि कौन-सी चीज़ें साथ खरीदी जाती हैं और सुझाव देता है)।
4. AR या VR बताइए: (क) हेडसेट पहनकर अंतरिक्ष यान के अंदर गेम, (ख) कैमरे से मेज़ नापने वाला ऐप, (ग) हेडसेट से संग्रहालय की सैर।
(क) VR, (ख) AR, (ग) VR। AR में असली दुनिया दिखती रहती है; VR उसे पूरी तरह बदल देता है।
5. किसान के खेत में मिट्टी की नमी का सेंसर खुद पंप चालू करता है और फ़ोन पर संदेश भेजता है। कौन-सी तकनीकें हैं?
IoT और सेंसर: सेंसर नमी नापता है, जुड़ा उपकरण पंप चलाता है, और इंटरनेट से फ़ोन पर डेटा भेजता है।
6. 4 ब्लॉक की जंजीर में कोई चुपके से ब्लॉक 2 बदल देता है। कदम-दर-कदम बताइए कि यह कैसे पकड़ा जाता है।
कदम 1: ब्लॉक 2 का डेटा बदला तो उसका हैश बदला। कदम 2: ब्लॉक 3 में ब्लॉक 2 का पुराना हैश है, तो 2→3 का लिंक मेल नहीं खाता। कदम 3: ब्लॉक 2 के बाद के सब लिंक टूट जाते हैं। कदम 4: बाकी सदस्यों के पास असली कॉपी है, तो नेटवर्क बदली हुई जंजीर को नहीं मानता।
आम गलतियाँ
- AI और मशीन लर्निंग को एक मानना। ML, AI का सिर्फ़ एक हिस्सा है: डेटा से सीखने वाला।
- AR और VR को मिलाना। AR असली दुनिया में जोड़ता है; VR उसे पूरी तरह आभासी दुनिया से बदल देता है।
- क्लाउड और ग्रिड को एक कहना। क्लाउड = कंपनी से किराए की सेवा; ग्रिड = बहुत से कंप्यूटर मिलकर एक बड़ा काम।
- यह सोचना कि ब्लॉकचेन का डेटा कोई देख ही नहीं सकता। सदस्य उसे देख सकते हैं; उसकी ताकत यह है कि उसे चुपके से बदलना बहुत मुश्किल है।