Netherlands VWO 5 Economics
अध्याय: 4
1. Exchange over time
Intertemporal exchange · Life course, pensions and public debt
- ब्याज दर: बचत, उधार और निवेश – ब्याज दर पैसा उधार लेने की कीमत है, जो हर साल के प्रतिशत में लिखी जाती है। बचत करने वाले को इंतज़ार और जोखिम का इनाम मिलता है, उधार लेने वाला इसे चुकाता है। दर केंद्रीय बैंक की आधार दर, जोखिम, समय और गिरवी पर निर्भर करती है। ऊँची दर बचत बढ़ाती है और उधार, खर्च व निवेश घटाती है।
- पेंशन: काम छोड़ने के बाद का पैसा – पेंशन वह आमदनी है जो रिटायर होने के बाद मिलती है। पे-ऐज़-यू-गो (PAYG) व्यवस्था में आज के कामगार आज के रिटायर लोगों का खर्च उठाते हैं। फ़ंडेड व्यवस्था में हर व्यक्ति एक खाते में बचत करता है, जिसका निवेश होता है और जो चक्रवृद्धि ब्याज से बढ़ता है। ज़्यादातर देश तीन स्तंभ मिलाते हैं: सरकारी पेंशन, नौकरी वाली पेंशन और निजी बचत। लोग लंबा जी रहे हैं और बच्चे कम हैं, इसलिए हर रिटायर पर कामगार घट रहे हैं, जिससे PAYG और सरकारी कर्ज़ पर दबाव बढ़ता है। जल्दी बचत शुरू करना सबसे ताक़तवर कदम है।
2. Cooperation and bargaining
Game theory · Suboptimal outcomes
- खेल सिद्धांत: जब दूसरे भी चुनें, तब सबसे अच्छा फ़ैसला – खेल सिद्धांत (game theory) ऐसे फ़ैसलों का अध्ययन है जिनमें आपका नतीजा दूसरों के चुनाव पर भी निर्भर हो। पे-ऑफ़ मैट्रिक्स हर चुनाव-जोड़ी पर हर खिलाड़ी का लाभ दिखाता है। अधीन (dominated) रणनीति हमेशा बदतर होती है, उसे हटा दो। नैश संतुलन वह जोड़ी है जहाँ कोई खिलाड़ी अकेले बदलकर फ़ायदा नहीं ले सकता; कैदी की दुविधा दिखाती है कि यह सबके लिए सहयोग से बुरा भी हो सकता है। शून्य-योग खेल में सुरक्षित (मैक्सिमिन/मिनिमैक्स) रणनीतियाँ बराबर हों तो सैडल बिंदु मिलता है; नहीं तो खिलाड़ी मिश्रित रणनीति अपनाते हैं, जो ग्राफ़ की निचली किनारी के सबसे ऊँचे बिंदु से मिलती है।
- बाज़ार विफलता (Market Failure) – जब खुला बाज़ार अपने-आप समाज के लिए सबसे अच्छा नतीजा नहीं देता, तो उसे बाज़ार विफलता कहते हैं। कुछ चीज़ें ज़रूरत से ज़्यादा बनती हैं (प्रदूषण, सिगरेट) और कुछ कम (स्ट्रीट लाइट, टीके, शिक्षा)। मुख्य कारण: बाहरी प्रभाव, सार्वजनिक वस्तुएँ, मेरिट और डिमेरिट वस्तुएँ, अधूरी जानकारी, बाज़ार शक्ति और असमानता। सरकार कर, सब्सिडी, नियम, सीधी सेवा और जानकारी से इसे सुधारती है, पर सरकार भी चूक सकती है।
3. Risk and information
Risk · Asymmetric information · Asymmetric information in firms · Insuring risk · Investing
- बीमा: सिद्धांत और प्रकार – बीमा कुछ लोगों के नुकसान को उन बहुत से लोगों में बाँट देता है जो एक साझा कोष में छोटा प्रीमियम देते हैं। यह छह सिद्धांतों पर चलता है: परम सद्विश्वास, बीमा-योग्य हित, क्षतिपूर्ति, अंशदान, प्रत्यासन और निकटतम कारण (साथ में हानि कम करना)। मुख्य प्रकार हैं जीवन, स्वास्थ्य, अग्नि और समुद्री बीमा।
- असमान सूचना: जब एक पक्ष ज़्यादा जानता है – सूचना तब असमान (असममित) होती है जब सौदे के एक पक्ष को दूसरे से ज़्यादा पता हो। पुरानी कार का विक्रेता कार की ख़राबियाँ जानता है, ख़रीदार नहीं। बीमा लेने वाला अपनी आदतें बीमा कंपनी से बेहतर जानता है। जानकारी जुटाने में पैसा और समय लगता है (लेन-देन की लागत), इसलिए कुछ जानकारी छिपी रह जाती है। सौदे से पहले छिपी जानकारी प्रतिकूल चयन (adverse selection) पैदा करती है: ख़रीदार औसत दाम ही दे पाता है, अच्छे विक्रेता चले जाते हैं और बाज़ार में घटिया माल बचता है। सौदे के बाद छिपा व्यवहार नैतिक जोखिम (moral hazard) पैदा करता है: जब नुक़सान कोई और भरता है, तो इंसान कम सावधानी बरतता है। यही समस्या कंपनी के अंदर प्रिंसिपल-एजेंट समस्या के रूप में दिखती है, जहाँ मालिक (प्रिंसिपल) देख नहीं सकता कि प्रबंधक या कर्मचारी (एजेंट) असल में क्या करता है, और वित्त में भी, जहाँ ऋणदाता को उधार लेने वाले का जोखिम नहीं दिखता। उपाय हैं: ज़्यादा जानकारी (जाँच, रिपोर्ट, रेटिंग), संकेत (वारंटी, प्रमाणपत्र, साख), छँटाई, गिरवी (collateral), जोखिम बाँटने वाले अनुबंध (एक्सेस या कटौती), प्रोत्साहन वाला वेतन और निगरानी।
- वित्तीय बाज़ार – वित्तीय बाज़ार बचत करने वालों को पैसे की ज़रूरत वाले व्यवसायों से जोड़ता है। मुद्रा बाज़ार में एक साल तक का पैसा चलता है: मांग मुद्रा, ट्रेज़री बिल, वाणिज्यिक पत्र, जमा प्रमाणपत्र और वाणिज्यिक बिल। पूँजी बाज़ार में लंबे समय का पैसा चलता है; इसमें प्राथमिक बाज़ार (नए निर्गमन) और द्वितीयक बाज़ार (शेयर बाज़ार, पुरानी प्रतिभूतियाँ) हैं। शेयर डीमैट रूप में निक्षेपागार (NSDL, CDSL) में रहते हैं, और सेबी निवेशकों की रक्षा, बाज़ार का विकास और नियमन करता है।
4. Research, experiments and electives
Research and economic experiments · Elective topics (at least two)
- शोध कौशल: प्रश्न से पूरे प्रोजेक्ट तक – शोध उत्तर खोजने का सावधान तरीका है। आप एक साफ़, सीमित प्रश्न पूछते हैं, उसका उत्तर पाने की योजना बनाते हैं, जानकारी खोजते हैं और हर स्रोत पर भरोसे की जाँच करते हैं, अपने आँकड़े जुटाकर विश्लेषण करते हैं, सबूत पर टिका निष्कर्ष निकालते हैं, और हर स्रोत को श्रेय देते हुए उसे साझा करते हैं।
- अर्थशास्त्र की मूल बातें: लोग, फ़र्में और सरकार कैसे चुनते हैं – अर्थशास्त्र वह विज्ञान है जो देखता है कि लोग, फ़र्में और सरकारें सीमित संसाधनों से असीमित इच्छाएँ कैसे पूरी करते हैं। आवश्यकताएँ वस्तुओं और सेवाओं से पूरी होती हैं (मुफ़्त बनाम आर्थिक वस्तुएँ, उपभोक्ता बनाम पूँजीगत वस्तुएँ, निजी बनाम सार्वजनिक वस्तुएँ)। दुर्लभता के कारण हर समाज तय करता है: क्या, कैसे और किसके लिए उत्पादन हो। तीन आर्थिक इकाइयाँ हैं: परिवार (काम, उपभोग, बचत), फ़र्में (उत्पादन और बिक्री; लाभ = आय − लागत) और सरकार (नियम, कर, सार्वजनिक सेवाएँ)। अर्थशास्त्र अवलोकन, मॉडल और सांख्यिकी का उपयोग करता है; यह व्यष्टि (एक परिवार, फ़र्म, बाज़ार) और समष्टि (पूरी अर्थव्यवस्था: GDP, बेरोज़गारी, महँगाई, चक्र) में बँटा है। सामाजिक लक्ष्य: विकास, पूर्ण रोज़गार, स्थिर कीमतें, न्यायपूर्ण बँटवारा और टिकाऊपन।