ब्रह्मांड, सौरमंडल और पृथ्वी का जन्म
वैज्ञानिक मानते हैं कि ब्रह्मांड लगभग 13.8 अरब साल पहले एक बहुत गर्म, छोटी अवस्था से फैलना शुरू हुआ। इसे महाविस्फोट (बिग बैंग) कहते हैं। तारे और आकाशगंगाएँ बाद में गैस से बनीं।
लगभग 4.6 अरब साल पहले हमारी आकाशगंगा में गैस और धूल का एक बादल सिकुड़ने और घूमने लगा। बीच का हिस्सा गर्म और घना होकर सूरज बन गया। बाकी चपटी तश्तरी बन गया। धूल धूल से चिपककर छोटे पिंडों में बदली जिन्हें ग्रहाणु (planetesimals) कहते हैं। पिंड जुड़कर ग्रह बने। इसी तरह पृथ्वी लगभग 4.54 अरब साल पहले बनी।
नई पृथ्वी बहुत गर्म थी। भारी लोहा बीच में डूबकर क्रोड (कोर) बना और हल्की चट्टान ऊपर आकर मैंटल और भू-पर्पटी बनी। माना जाता है कि एक विशाल टक्कर से चंद्रमा बना। पृथ्वी ठंडी हुई तो भाप बारिश बनी और लगभग 4.4 से 4 अरब साल पहले महासागर बन गए।
जीवाश्म और बीते वातावरण
जीवाश्म (fossil) चट्टान में सुरक्षित किसी प्राचीन जीव का अवशेष या निशान है: सीप, हड्डी, पत्ती की छाप या पैर का निशान।
- परतों का क्रम: तलछट सपाट जमती है, इसलिए नीचे की परत सबसे पुरानी और ऊपर की सबसे नई होती है। यह सापेक्ष आयु है।
- सूचक जीवाश्म (index fossils): ऐसे जीव जो थोड़े समय जिए पर दूर-दूर तक फैले थे। इनसे दूर जगहों की परतें मिलाई जाती हैं।
- अतीत के संकेत: पहाड़ पर समुद्री सीपियाँ मिलें तो वहाँ कभी समुद्र था। कोयला गर्म दलदली जंगल बताता है। हवा की रेत सूखी या ठंडी ज़मीन का संकेत हो सकती है।
- असली आयु: कुछ चट्टानों में अस्थिर परमाणु होते हैं जो तय गति से क्षय होते हैं (अर्ध-आयु, half-life)। जो बचा है उसे नापकर साल निकाले जाते हैं। इसे रेडियोधर्मी काल-निर्धारण कहते हैं।
ऐसे सबूतों से पता चलता है कि पृथ्वी ने गर्म दौर, हिमयुग और कई सामूहिक विलुप्तियाँ देखीं, जब थोड़े समय में बहुत-सी प्रजातियाँ खत्म हो गईं।
पृथ्वी का इतिहास: युग
भूवैज्ञानिक 4.5 अरब साल को बड़े खंडों में बाँटते हैं, जिन्हें भूवैज्ञानिक समय सारणी कहते हैं।
- प्री-कैम्ब्रियन (4.54 अरब से 53.9 करोड़ साल पहले): कुल समय का लगभग 88%। महासागर, पहला जीवन, ऑक्सीजन। ज़्यादातर छोटे जीव।
- पुराजीवी (Palaeozoic) (53.9 से 25.2 करोड़): कवच और हड्डी वाले जानवर, मछलियाँ, ज़मीनी पौधे, पहले ज़मीनी जानवर। अंत सबसे बड़ी सामूहिक विलुप्ति से।
- मध्यजीवी (Mesozoic) (25.2 करोड़ से 6.6 करोड़): डायनासोर का युग। अंत पृथ्वी से अंतरिक्ष पत्थर टकराने से।
- नूतनजीवी (Cenozoic) (6.6 करोड़ से आज तक): स्तनधारी फैले। आधुनिक मनुष्य (होमो सेपियंस) लगभग 3 लाख साल पहले ही आए।
24 घंटे की घड़ी: अगर पूरा इतिहास एक दिन होता, तो कवच वाले जानवर रात लगभग 9 बजे, डायनासोर रात लगभग 10:45 बजे और मनुष्य आख़िरी 6 सेकंड में आते।
आज के लिए पृथ्वी के अतीत का महत्व
पुरानी जलवायु का अध्ययन बताता है कि पृथ्वी कितनी और कितनी तेज़ी से बदल सकती है। बर्फ़ के कोर और चट्टानी परतों से पता चलता है कि पहले भी कार्बन डाइऑक्साइड और तापमान साथ-साथ बदले। पिछली विलुप्तियाँ चेतावनी हैं कि जीवन जल्दी खो सकता है। कोयला, तेल और गैस प्राचीन जीवन से बने हैं, इसलिए सीमित हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- पृथ्वी की आयु ≈ 4.54 अरब साल
- ब्रह्मांड ≈ 13.8 अरब साल; सूरज और सौरमंडल ≈ 4.6 अरब साल
- 24 घंटे की घड़ी पर: 1 घंटा ≈ 19 करोड़ साल
- घड़ी का समय (घंटे) = 24 × (1 − बीते साल ÷ 4540 मिलियन)
- अर्ध-आयु: एक अर्ध-आयु बाद ½ मूल परमाणु बचते हैं; दो के बाद ¼
- परतों का नियम: नीचे की परत = पुरानी परत
हल किए गए उदाहरण
1. डायनासोर 6.6 करोड़ साल पहले खत्म हुए। 24 घंटे की घड़ी पर यह आधी रात से कितने मिनट पहले है?
1 घंटा ≈ 19 करोड़ साल। 66 ÷ 190 ≈ 0.35 घंटा। 0.35 × 60 ≈ 21 मिनट, यानी लगभग रात 11:39।
2. पहाड़ पर एक समुद्री सीप का जीवाश्म मिला। यह क्या बताता है?
वह जगह कभी समुद्र के नीचे थी। बाद में ज़मीन की हलचल से ऊपर उठकर पहाड़ बनी।
3. एक कटाव में परत A सबसे नीचे और परत C सबसे ऊपर है। कौन पुरानी है? और दूर की चट्टान की आयु मिलाने में कौन-से जीवाश्म काम आते हैं?
परत A पुरानी है (परतों का नियम)। सूचक जीवाश्म, जो थोड़े समय जिए पर दूर तक फैले थे, A और दूर की चट्टान में एक जैसे मिलें तो दोनों परतें एक ही समय की मानी जाती हैं।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि मनुष्य और डायनासोर साथ रहे। डायनासोर लगभग 6.6 करोड़ साल पहले खत्म हुए; आधुनिक मनुष्य सिर्फ़ लगभग 3 लाख साल पुराने हैं।
- यह सोचना कि सबसे ऊपर की परत सबसे पुरानी है। सामान्य परतों में सबसे नीचे वाली सबसे पुरानी है।
- महाविस्फोट (13.8 अरब साल) और पृथ्वी के जन्म (4.54 अरब साल) को मिला देना।
- यह मान लेना कि पृथ्वी हमेशा आज जैसी थी। पहले यह गर्म चट्टान थी, फिर बिना ऑक्सीजन वाली दुनिया।