इंजन और उससे जुड़े सिस्टम
इंजन को साफ़ हवा, ईंधन, चिंगारी (पेट्रोल में) और अच्छा तेल चाहिए। मुख्य काम:
- इंजन तेल और फ़िल्टर: निर्माता के बताए अंतराल पर बदलें। तेल घर्षण घटाता है और गंदगी फ़िल्टर तक ले जाता है।
- शीतलन सिस्टम: कूलेंट का स्तर, पाइप, रेडिएटर ढक्कन, पंखा और बेल्ट देखें। गर्म रेडिएटर कभी न खोलें।
- एयर और फ़्यूल फ़िल्टर: गंदा फ़िल्टर इंजन का दम घोंटता है और ईंधन बर्बाद करता है।
- इग्निशन: स्पार्क प्लग घिसते हैं। घिसे प्लग से स्टार्ट में दिक़्क़त और मिसफ़ायर होता है।
- बेल्ट और चेन: टाइमिंग बेल्ट या चेन वाल्व और पिस्टन को तालमेल में रखती है। तय अंतराल पर बदलें; टूटने से इंजन बिगड़ सकता है।
- कंप्रेशन टेस्ट: स्पार्क प्लग की जगह लगा गेज हर सिलिंडर का दाब बताता है। कम या असमान रीडिंग घिसे रिंग या रिसते वाल्व का संकेत है।
चेसिस और उससे जुड़े सिस्टम
चेसिस कार को उठाता है और सड़क से जोड़ता है।
- ब्रेक: पैड (या लाइनिंग) की मोटाई, डिस्क या ड्रम, ब्रेक तरल का स्तर और रंग, पाइप और हैंडब्रेक देखें। चीं-चीं आवाज़, लंबा पैडल या एक तरफ़ खिंचना चेतावनी है।
- टायर और पहिए: हवा का दाब, धारियों की गहराई, दरारें, बराबर घिसाव, पहिए के नट का टॉर्क। तय अंतराल पर टायर की जगह बदलें।
- सस्पेंशन: स्प्रिंग और शॉक एब्ज़ॉर्बर। उछाल जाँच: कोने को दबाकर छोड़िए; वह एक उछाल के बाद रुकना चाहिए।
- स्टीयरिंग: ढीलापन, जोड़ और स्टीयरिंग तरल (पावर स्टीयरिंग में)।
- व्हील अलाइनमेंट: सही कोण से टायर बराबर घिसते हैं और कार एक तरफ़ नहीं खिंचती।
- ट्रांसमिशन: गियरबॉक्स तेल का स्तर, क्लच का एहसास, ड्राइव शाफ़्ट के जोड़ और बूट।
संरक्षण और सुरक्षा के उपकरण
कुछ पुर्ज़े हवा को बचाते हैं और कुछ लोगों को।
- धुआँ साफ़ करना: कैटेलिटिक कन्वर्टर, पार्टिकल फ़िल्टर, ऑक्सीजन सेंसर और EGR वाल्व। गैस एनालाइज़र CO, हाइड्रोकार्बन या धुआँ नापकर क़ानूनी सीमा से मिलाता है।
- ईंधन भाप नियंत्रण: चारकोल कैनिस्टर और ईंधन ढक्कन की सील पेट्रोल की भाप निकलने से रोकती है।
- शोर: साइलेंसर आवाज़ को सीमा में रखता है।
- बत्तियाँ: हेडलैंप की दिशा, चमक, इंडिकेटर, ब्रेक लाइट और हॉर्न।
- सुरक्षा पट्टे: सीट बेल्ट, बच्चों की सीट के एंकर, हेड रेस्ट और एयरबैग। एयरबैग की चेतावनी बत्ती स्टार्ट के बाद बुझनी चाहिए। प्रशिक्षण के बिना एयरबैग की मरम्मत कभी न करें।
- चालक सहायक: ABS और स्थिरता की चेतावनी बत्तियाँ, वाइपर और वॉशर, शीशे।
जाँच कैसे काम करती है
हर जाँच के चार चरण हैं: (1) सुरक्षित तैयारी, (2) नापना, (3) रीडिंग को सर्विस मैनुअल की सीमा से मिलाना, (4) लिखना और ज़रूरत हो तो मरम्मत। सही औज़ार लें: दाब गेज, पैड की मोटाई के लिए वर्नियर कैलिपर, गैस एनालाइज़र, बीम सेटर। मान हमेशा औज़ार से पढ़िए, अंदाज़ा न लगाइए।
करके देखिए: पास या फ़ेल
3D में घिसाव स्लाइडर खींचिए। वह मान नोट कीजिए जहाँ रीडिंग हरे सीमा-निशान को पार करती है। फिर घर पर साइकिल या स्कूटर के टायर की धारियाँ सिक्के से जाँचिए और लिखिए कि घिसाव बराबर है या नहीं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- रीडिंग सीमा के अच्छे तरफ़ हो तो पास
- संपीडन अनुपात = (स्वेप्ट आयतन + क्लियरेंस आयतन) ÷ क्लियरेंस आयतन
- घिसाव % = (नई मोटाई − मापी गई) ÷ (नई − न्यूनतम) × 100
- मुख्य शब्द: कंप्रेशन, अलाइनमेंट, शॉक एब्ज़ॉर्बर, उत्सर्जन जाँच, टॉर्क
हल किए गए उदाहरण
1. ब्रेक पैड नया 10 मिमी था, न्यूनतम 3 मिमी है और अब 4 मिमी है। क्या ठीक है? कितनी उम्र बची?
4 मिमी, 3 मिमी से ऊपर है, इसलिए पास है। उपयोग हुआ = (10 − 4) ÷ (10 − 3) = 6/7 ≈ 86%। लगभग 14% बचा है, जल्दी बदलें।
2. चार सिलिंडर 11, 11, 11 और 7 बार दिखाते हैं। निर्माता के अनुसार हर एक कम से कम 10 बार हो। क्या पता चलता है?
तीन पास हैं। 7 बार वाला फ़ेल है, उसमें रिंग घिसे या वाल्व रिसता हो सकता है।
3. टायर की क़ानूनी न्यूनतम गहराई 1.6 मिमी है और अब 1.2 मिमी है। क्या करेंगे?
1.2, 1.6 से कम है, इसलिए टायर बदलिए।
4. एक सिलिंडर का स्वेप्ट आयतन 450 cm³ और क्लियरेंस आयतन 50 cm³ है। संपीडन अनुपात?
(450 + 50) ÷ 50 = 10, यानी 10 : 1।
5. CO की सीमा 0.5% है। कार 0.2% पढ़ती है। नतीजा?
0.2%, सीमा से कम है, इसलिए कार पास।
आम गलतियाँ
- गर्म इंजन पर रेडिएटर का ढक्कन खोलना। गर्म कूलेंट उछल सकता है।
- ब्रेक को सिर्फ़ आवाज़ से परखना। पैड की मोटाई नापिए।
- सीमाएँ गड़बड़ाना: टायर की धारियाँ और पैड की मोटाई में छोटा मान बुरा है; धुएँ में बड़ा मान बुरा है।
- प्रशिक्षण के बिना एयरबैग पर काम करना।