कार की देखभाल का उद्देश्य
कार में हज़ारों चलने वाले पुर्ज़े होते हैं। वे घिसते, गर्म होते और गंदे होते हैं। देखभाल के चार लक्ष्य हैं:
- सुरक्षा: ब्रेक, टायर और स्टीयरिंग हर बार काम करें।
- भरोसा: रास्ते में कार बंद न पड़े।
- कम ख़र्च: आज की छोटी देखभाल बाद की बड़ी मरम्मत बचाती है।
- साफ़ हवा: ठीक ट्यून इंजन कम हानिकारक धुआँ देता है।
देखभाल में क्या-क्या आता है
काम तीन तरह के हैं:
- रोज़ की (यात्रा से पहले) जाँच: चालक करता है। टायर, बत्तियाँ, तेल, कूलेंट और चेतावनी बत्तियाँ देखें।
- नियमित सर्विस (रोकथाम): तय दूरी या समय पर। तेल और फ़िल्टर बदलना, ब्रेक, बेल्ट, बैटरी और तरल देखना।
- मरम्मत: कुछ ख़राब होने या दोष मिलने पर। टूटा पुर्ज़ा बदलना।
सर्विस रिकॉर्ड बुक में लिखा रहता है कि क्या काम कब हुआ। नियमित निरीक्षण मान्यता-प्राप्त केंद्र की क़ानूनी जाँच है, जिसमें ब्रेक, बत्तियाँ, स्टीयरिंग, टायर, बॉडी और धुआँ देखे जाते हैं।
कार की देखभाल के क़ानून
नियम हर देश में थोड़े अलग हैं, पर विचार लगभग एक जैसे हैं:
- मालिक को कार सड़क-योग्य रखनी है: सुरक्षित पुर्ज़े, चालू बत्तियाँ, वैध टायर।
- कार का वैध पंजीकरण, बीमा और जहाँ ज़रूरी हो प्रदूषण प्रमाणपत्र होना चाहिए।
- नियमित निरीक्षण पास करना होता है। नई कारों को पहली जाँच के लिए अक्सर कुछ साल की छूट मिलती है।
- कार में बदलाव (बड़ा इंजन, तेज़ साइलेंसर, अतिरिक्त बत्तियाँ) नियम के भीतर ही हो सकते हैं और मंज़ूरी लग सकती है।
- पुराना तेल, बैटरी, टायर और कूलेंट कचरा हैं। इन्हें मान्य रीसायकल केंद्र को देना होता है, नाली या खुली ज़मीन पर नहीं।
- अनफ़िट कार चलाने पर जुर्माना, कार पर रोक और दुर्घटना में ज़िम्मेदारी आ सकती है।
सटीक अवधि और शुल्क के लिए अपने परिवहन कार्यालय से पूछिए।
गैराज और मैकेनिक
देखभाल का व्यवसाय (गैराज या वर्कशॉप) को आमतौर पर मंज़ूरी या पंजीकरण चाहिए। उसमें सुरक्षित इमारत, लिफ़्ट या गड्ढा, सही औज़ार और जाँच उपकरण, कचरा रखने की जगह और योग्य स्टाफ़ होना चाहिए। प्रकार: मुख्य डीलर, स्वतंत्र गैराज, तुरंत सेवा केंद्र (टायर, तेल) और निरीक्षण केंद्र।
मैकेनिक प्रशिक्षण और अभ्यास से सीखता है और अक्सर परीक्षा देकर ग्रेड या लाइसेंस पाता है। ऊँचे ग्रेड वाले जाँच के नतीजे पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। अच्छा मैकेनिक सुरक्षा नियम भी मानता है: पहिए के नीचे रोक, जैक स्टैंड, आँखों की सुरक्षा, और ईंधन के पास आग नहीं। वह ग्राहक को जॉब कार्ड और बिल देता है, जिसमें पुर्ज़े और काम लिखे होते हैं।
करके देखिए: जाँच-सूची बनाइए
3D में देखिए कि पहली पट्टी किस दूरी पर लाल होती है। फिर परिवार की कार के लिए रोज़ की 6 पंक्तियों की जाँच-सूची लिखिए। बड़ों से पूछिए कि पंजीकरण, बीमा और निरीक्षण की तारीख़ें कहाँ लिखी हैं, और अगली तारीख़ नोट कीजिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- देय सर्विस = चली दूरी ÷ सर्विस अंतराल (पूर्णांक में नीचे)
- अगली सर्विस = पिछली सर्विस का किमी + अंतराल
- तीन तरह: रोज़ की जाँच, नियमित सर्विस, मरम्मत
- मुख्य शब्द: सड़क-योग्य, निरीक्षण, रोकथाम, सुधारात्मक, लाइसेंस
हल किए गए उदाहरण
1. कार की सर्विस हर 10,000 किमी पर होती है। वह 35,000 किमी चल चुकी है। अब तक कितनी सर्विस देय हुईं?
35,000 ÷ 10,000 = 3.5, यानी 3 पूरी सर्विस देय हुईं। चौथी 40,000 किमी पर।
2. पिछली सर्विस 24,500 किमी पर हुई, अंतराल 5,000 किमी। अगली कब?
24,500 + 5,000 = 29,500 किमी।
3. ब्रेक पैड 1.2 मिमी बचा है, न्यूनतम 3 मिमी चाहिए। क्या सुरक्षित है?
नहीं। 1.2 मिमी, 3 मिमी से कम है, इसलिए पैड अभी बदलने होंगे।
4. छाँटिए: पंक्चर बनवाना, तेल बदलना, टायर की हवा देखना।
पंक्चर = मरम्मत। तेल बदलना = नियमित सर्विस। हवा देखना = रोज़ की जाँच।
5. गैराज में लिफ़्ट, औज़ार और लाइसेंसी मैकेनिक हैं, पर पुराना तेल खुली नाली में बहाता है। क्या वह क़ानून मानता है?
नहीं। पुराना तेल कचरा है और मान्य रीसायकल केंद्र को जाना चाहिए, इसलिए कचरा नियम टूटता है।
आम गलतियाँ
- पुर्ज़े के ख़राब होने का इंतज़ार करना। रोकथाम सस्ती और सुरक्षित है।
- सोचना कि सिर्फ़ मैकेनिक ज़िम्मेदार है। क़ानूनन कार को सड़क-योग्य रखना मालिक का काम है।
- पुराना तेल नाली में बहाना। इससे पानी ज़हरीला होता है और क़ानून टूटता है।
- सर्विस बुक न भरना। रिकॉर्ड न हो तो देखभाल साबित करना और कार बेचना कठिन होता है।