फ़र्श, दीवार और छत: आधार और सतह
हर सतह परतों से बनती है। आधार नीचे की सपाट, मज़बूत परत है। सतह (फ़िनिश) ऊपर की परत है जिसे हम देखते और छूते हैं।
- फ़र्श: कंक्रीट स्लैब, फिर बराबर करने वाली परत या प्लाईवुड, फिर टाइल, लकड़ी या विनाइल की सतह।
- दीवार: ढाँचा (ईंट की दीवार या लकड़ी की खड़ी पट्टियाँ), फिर बोर्ड या प्लास्टर का आधार, फिर रंग या वॉलपेपर।
- छत: ऊपर कड़ियाँ, फिर छत का बोर्ड, फिर रंग। बोर्ड के ऊपर पाइप और तार छिपाए जा सकते हैं।
परतें क्यों? आधार सतह को सपाट और मज़बूत बनाता है और सतह उसे सुंदर, साफ़ करने लायक और सुरक्षित बनाती है। सतह घिस जाए तो सिर्फ़ वही बदलनी पड़ती है।
खुली जगहें (ओपनिंग): दरवाज़ा और खिड़की
ओपनिंग दीवार में बनी खाली जगह है जिससे लोग, रोशनी या हवा आती है। दरवाज़े में फ्रेम और पल्ला होता है। खिड़की में फ्रेम और काँच होता है।
खुली जगह के ऊपर की दीवार बिना सहारे गिर सकती है। लिंटल उसके ऊपर लगी मज़बूत पट्टी है। यह ऊपर का वज़न दोनों तरफ़ की दीवार तक पहुँचाती है।
खुली जगह रोशनी, हवा, निजता और सुरक्षित निकास को ध्यान में रखकर रखी जाती है। सार्वजनिक कमरों में दरवाज़ा निकलने की दिशा में खुलता है।
सीढ़ी
सीढ़ी दो मंज़िलों को जोड़ती है। हर सीढ़ी की एक ऊँचाई (राइज़) होती है और एक पाँव की जगह (ट्रेड)।
सीढ़ियों की संख्या = कुल ऊँचाई ÷ राइज़। राइज़ = कुल ऊँचाई ÷ सीढ़ियों की संख्या।
आराम का नियम: 2 × राइज़ + ट्रेड लगभग 60 से 65 सेमी हो। बहुत ऊँची सीढ़ी थकाती है, बहुत नीची सीढ़ी पर ठोकर लगती है। रेलिंग और फिसलन-रोधी सतह गिरने से बचाती है। असली सीमा स्थानीय बिल्डिंग कोड तय करता है।
इंटीरियर फिटिंग (जॉइनरी)
जॉइनरी लकड़ी या बोर्ड की बनी वे चीज़ें हैं जो इमारत में लगाई जाती हैं: अलमारी, किचन यूनिट, शेल्फ़, दरवाज़े, खिड़की के फ्रेम और स्कर्टिंग। इन्हें अक्सर कार्यशाला में हिस्सों में बनाकर साइट पर जोड़ा जाता है।
अच्छी जॉइनरी नाप कर बनती है, मज़बूत आधार पर टिकती है और पानी व घिसाई से बचाने वाली सतह पाती है।
निर्माण प्रबंधन: काम का क्रम
अंदर के काम सही क्रम में हों ताकि एक काम दूसरे को न बिगाड़े। आम क्रम: ऊपर से नीचे और गीले से सूखा। पहले सेवाएँ (पाइप, तार), फिर छत का काम, फिर दीवार का आधार और रंग, फिर फ़र्श की सतह, आख़िर में जॉइनरी और सफ़ाई।
प्रबंधक गुणवत्ता (समतल और सीधा है?), समय (समय-सारणी), ख़र्च (बजट) और सुरक्षा (औज़ार, धूल, सीढ़ी) की जाँच करता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- राइज़ = कुल ऊँचाई ÷ सीढ़ियों की संख्या
- सीढ़ियों की संख्या = कुल ऊँचाई ÷ राइज़
- आराम जाँच: 2 × राइज़ + ट्रेड ≈ 60 से 65 सेमी
- रंगाई का क्षेत्रफल = दीवार का क्षेत्रफल − खुली जगह का क्षेत्रफल
हल किए गए उदाहरण
1. दो मंज़िलों के बीच की ऊँचाई 2.8 मी है। सीढ़ी में 16 पायदान हैं। राइज़ निकालो।
2.8 मी = 280 सेमी। राइज़ = 280 ÷ 16 = 17.5 सेमी।
2. सीढ़ी का राइज़ 17.5 सेमी और ट्रेड 28 सेमी है। क्या यह 2R + T नियम से आरामदायक है?
2 × 17.5 + 28 = 35 + 28 = 63 सेमी। यह 60 से 65 के बीच है, इसलिए आरामदायक है।
3. दीवार 5 मी चौड़ी और 3 मी ऊँची है। उसमें 1 मी × 2 मी का दरवाज़ा और 1.5 मी × 1 मी की खिड़की है। रंगने का क्षेत्रफल निकालो।
दीवार = 5 × 3 = 15 वर्ग मी। खुली जगह = 2 + 1.5 = 3.5 वर्ग मी। रंगने का क्षेत्रफल = 15 − 3.5 = 11.5 वर्ग मी।
4. क्रम लगाओ: फ़र्श की सतह, छत का रंग, पाइप-तार, दीवार का रंग। सबसे अच्छा क्रम और कारण बताओ।
पाइप-तार, छत का रंग, दीवार का रंग, फ़र्श की सतह। सेवाएँ अंदर पहले जाती हैं। रंग की बूँदें और धूल नीचे गिरते हैं, इसलिए फ़र्श की सतह आख़िर में ताकि साफ़ रहे।
आम गलतियाँ
- बिना सपाट, सूखे आधार के सतह लगाना। वह फटती है या उखड़ जाती है।
- खुली जगह के ऊपर लिंटल भूल जाना, जिससे ऊपर की दीवार में दरार आ सकती है।
- सीढ़ियों की ऊँचाई अलग-अलग रखना। पैर बराबर की उम्मीद करते हैं, इसलिए ठोकर लगती है।
- पहले फ़र्श की सतह लगाना और फिर ऊपर छत का काम करना।