दाब और तापमान (Pressure and temperature)
हमारे ऊपर की हवा का भार है और वह 1 वायुमंडल (1 atm) से दबाती है। पानी बहुत भारी है। समुद्री पानी के हर 10 मी से लगभग 1 atm बढ़ता है। इसलिए d मीटर गहराई पर कुल (निरपेक्ष) दाब P = 1 + d/10 atm होता है। 30 मी पर यह 4 atm है।
गहराई के साथ पानी ठंडा भी होता है। अक्सर एक पतली परत होती है जहाँ तापमान तेज़ी से गिरता है। पानी शरीर की गर्मी हवा से करीब 25 गुना तेज़ खींचता है, इसलिए गोताखोर वेटसूट या ड्राईसूट पहनते हैं।
गैसों के गुण (Properties of gases)
बॉयल का नियम: तापमान वही रहे तो दाब ज़्यादा होने पर गैस का आयतन कम होता है। P × V स्थिर रहता है। 2 atm पर आयतन आधा, 4 atm पर चौथाई। इसलिए फेफड़ों और मास्क की हवा नीचे जाते समय दबती है और ऊपर आते समय फैलती है।
डाल्टन का नियम: मिश्रण में हर गैस अपना हिस्सा लगाती है, जिसे आंशिक दाब कहते हैं। हवा में लगभग 21% ऑक्सीजन और 79% नाइट्रोजन है, इसलिए 3 atm पर ऑक्सीजन का दाब 0.63 atm है। ऑक्सीजन का दाब बहुत ज़्यादा हो तो ज़हरीला है, और गहराई पर नाइट्रोजन से चक्कर आ सकते हैं (नाइट्रोजन नार्कोसिस)।
हेनरी का नियम: दाब जितना ज़्यादा, तरल में उतनी ज़्यादा गैस घुलती है। गहराई पर खून में ज़्यादा नाइट्रोजन घुलती है। बहुत तेज़ ऊपर आएँ तो वह बुलबुले बन जाती है, जैसे हिलाई बोतल में झाग।
उत्प्लावन (Buoyancy)
आर्किमिडीज़ का सिद्धांत: पानी किसी वस्तु को उतने भार के बल से ऊपर धकेलता है जितना भार उस वस्तु द्वारा हटाए गए पानी का है। यह धक्का वस्तु के भार से ज़्यादा हो तो वह तैरती है, कम हो तो डूबती है, बराबर हो तो तटस्थ उत्प्लावन होता है, जो गोताखोर चाहता है।
गोताखोर डूबने के लिए वज़न-पेटी और बारीक संतुलन के लिए थोड़ी हवा वाली उत्प्लावन जैकेट (BCD) इस्तेमाल करते हैं। समुद्री पानी मीठे पानी से घना (नमक के कारण) है, इसलिए ज़्यादा ऊपर धकेलता है। गहराई पर वेटसूट दबता है तो उत्प्लावन घटता है, इसलिए हवा बढ़ानी पड़ती है।
पानी में देखना और सुनना (Seeing and hearing underwater)
देखना: पानी से मास्क की हवा में आते समय प्रकाश मुड़ता है। चीज़ें असल से करीब एक-तिहाई बड़ी और पास दिखती हैं। पानी रंगों को सोखता है: लाल रंग पहले कुछ मीटर में गायब, फिर नारंगी, पीला, हरा। नीला सबसे देर तक रहता है। इसलिए गहरा पानी नीला दिखता है और टॉर्च असली रंग दिखाती है। गँदला पानी रोशनी बिखेरकर नज़र घटा देता है।
सुनना: आवाज़ पानी में हवा से चार-पाँच गुना तेज़ चलती है। कान दिशा ठीक से नहीं पहचान पाते, इसलिए नाव का इंजन किधर है यह पता नहीं चलता। चिल्लाना काम नहीं करता, इसलिए हाथ के इशारे इस्तेमाल होते हैं।
समुद्री धाराएँ (Ocean currents)
धारा यानी बहता पानी। कारण हैं ज्वार-भाटा (रोज़ का चढ़ना-उतरना), सतह पर चलती हवा, और तापमान तथा नमक का अंतर। तंग रास्तों और नदी-मुहानों पर बहाव तेज़ हो सकता है। तेज़ धारा से कभी न लड़ें: उसके आर-पार तैरें, या बहते हुए सतह पर इशारा करें। गोता ऐसे समय रखें जब ज्वार बदल रहा हो और बहाव कम हो।
समुद्री जीव (Marine organisms)
समुद्र में अच्छे और हानिकारक दोनों जीव हैं। बचना सीखिए।
- डंक: जेलीफ़िश, कुछ मूँगे और एनीमोन।
- काँटे: समुद्री अर्चिन, स्टोनफ़िश, लायनफ़िश। तल पर पैर न रखें।
- काटना: मोरे ईल, बैराकुडा, और शार्क (कम, पर शांत और स्थिर रहें)।
- ज़हर: समुद्री साँप और कोन-शेल।
नियम: देखिए, छुइए मत, दस्ताने और जूते पहनिए, और डंक लगे तो टीम को बताइए।
करके देखिए (Try it)
एक साफ़ प्लास्टिक बोतल में थोड़ी हवा रखकर ढक्कन बंद कीजिए और बाल्टी के पानी में दबाइए। देखिए दीवारें पिचकती हैं या नहीं। स्पंज पर सिक्का रखकर पानी में तैराइए और उत्प्लावन समझिए। 3D में 25 मी पर जाने से पहले दाब का अनुमान लगाइए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- P (निरपेक्ष, atm) = 1 + गहराई (मी) / 10
- बॉयल: P1 × V1 = P2 × V2 (तापमान वही)
- आंशिक दाब = गैस का अंश × कुल दाब
- उत्प्लावन बल = हटाए गए पानी का भार
- तटस्थ उत्प्लावन: उत्प्लावन बल = भार
हल किए गए उदाहरण
1. समुद्री पानी में 20 मी पर निरपेक्ष दाब निकालिए।
P = 1 + 20/10 = 3 atm।
2. सतह पर 6 L हवा का गुब्बारा 20 मी पर ले जाया गया। उसका आयतन क्या होगा?
P1V1 = P2V2। 1 × 6 = 3 × V2, इसलिए V2 = 2 L।
3. 30 मी पर गोताखोर हवा (21% ऑक्सीजन) लेता है। ऑक्सीजन का आंशिक दाब निकालिए।
कुल P = 1 + 3 = 4 atm। ऑक्सीजन = 0.21 × 4 = 0.84 atm।
4. उपकरण सहित गोताखोर का भार 80 kg है और वह 85 L मीठा पानी हटाता है (1 L का भार 1 kg)। क्या वह तैरेगा? तटस्थ होने के लिए कितना वज़न जोड़ें?
उत्प्लावन धक्का = 85 L पानी का भार = 85 kg। गोताखोर का भार = 80 kg। 85 > 80 इसलिए वह तैरेगा। 5 kg जोड़ें।
आम गलतियाँ
- गेज दाब और निरपेक्ष दाब को एक मानना। निरपेक्ष दाब में हवा का 1 atm भी जुड़ता है।
- सोचना कि हर 10 मी पर दाब दुगुना होता है। दाब हर 10 मी पर 1 atm बढ़ता है (2, 3, 4, ...), पर हवा का आयतन 1 से 2 atm पर आधा होता है।
- सोचना कि गहराई पर लाल चीज़ें लाल दिखेंगी। लाल रोशनी सबसे पहले सोखी जाती है।
- ऊपर आते समय साँस रोकना। हवा फैलती है और फेफड़े फट सकते हैं।