गोताखोरी का शरीर पर असर (Effects of diving on the body)
पानी का दाब शरीर के हवा वाले स्थानों को दबाता है। ठोस और तरल भागों पर ज़्यादा असर नहीं पड़ता।
- कान: कान का पर्दा अंदर झुकता है। गोताखोर को इक्वलाइज़ करना चाहिए (नाक पकड़कर हल्के से फूँकना, या निगलना) ताकि मध्य कान में हवा जाए।
- साइनस और मास्क: साइनस बंद हों तो दर्द होता है। मास्क चेहरे को दबाता है; नाक से थोड़ी हवा मास्क में छोड़िए।
- फेफड़े: नीचे जाते समय हवा सिकुड़ती है और ऊपर आते समय फैलती है (बॉयल का नियम)। सामान्य साँस लें और चढ़ते समय कभी साँस न रोकें।
- खून: गहराई पर ज़्यादा नाइट्रोजन घुलती है (हेनरी का नियम)। धीरे चढ़ने पर वह फेफड़ों से निकल जाती है।
- मन: करीब 30 मी से नीचे नाइट्रोजन से नार्कोसिस हो सकता है: धीमी सोच, नशे जैसा लगना। ऊपर आने से ठीक हो जाता है।
- गर्मी: ठंडे पानी से हाइपोथर्मिया हो सकता है। थकान और प्यास से भी खतरा बढ़ता है।
गोताखोरी की चोटें और बचाव (Diving injuries and countermeasures)
कई चोटें दाब की चोटें हैं जिन्हें बैरोट्रॉमा कहते हैं। हर समस्या और उसका बचाव:
- कान या साइनस का दबना: जल्दी-जल्दी इक्वलाइज़ करें। ज़ुकाम में गोता न लगाएँ।
- फेफड़ों का ज़्यादा फैलना (एयर एम्बोलिज़्म): चढ़ते समय साँस न रोकें; साँस लेते रहें।
- डीकंप्रेशन सिकनेस ("द बेंड्स"): नाइट्रोजन के बुलबुलों से जोड़ों में दर्द, चकत्ते, थकान, सुन्नपन। धीरे चढ़ें (करीब 9-10 मी प्रति मिनट), 5 मी पर करीब 3 मिनट का सेफ़्टी स्टॉप लें, और डाइव टेबल या कंप्यूटर मानें।
- नाइट्रोजन नार्कोसिस: कम गहराई पर रहें, या अजीब लगे तो ऊपर आएँ।
- ऑक्सीजन विषाक्तता: इस्तेमाल की गैस की सुरक्षित गहराई में रहें।
- हाइपोथर्मिया: सूट पहनें; काँपने लगें तो गोता खत्म करें।
- हवा खत्म होना या घबराहट: गेज देखें, साथी के साथ गोता लगाएँ, हवा बाँटना सीखें।
प्राथमिक उपचार (First aid)
यह जानकारी है, प्रशिक्षण नहीं। असली प्राथमिक-उपचार पाठ्यक्रम ज़रूरी है।
- सुरक्षित रहें और मदद से गोताखोर को पानी से निकालें।
- साँस जाँचें। साँस न हो तो प्रशिक्षित होने पर कृत्रिम साँस और छाती दबाना (CPR) शुरू करें।
- उपलब्ध हो तो 100% ऑक्सीजन दें। यह सभी दाब-चोटों में मदद करती है।
- सीधा लिटाएँ, गर्म और सूखा रखें। शराब न दें।
- आपातकालीन मदद बुलाएँ और बताएँ कि यह डाइविंग दुर्घटना है। डीकंप्रेशन सिकनेस में रिकंप्रेशन चैंबर चाहिए हो सकता है, जहाँ दाब फिर बढ़ाकर धीरे घटाया जाता है।
- डॉक्टर के लिए गोते की गहराई और समय लिख लें।
करके देखिए (Try it)
3D में पहले "तेज़" फिर "धीमा" दबाइए और खून के बुलबुले देखिए। घर पर सोडा-बोतल हिलाकर तेज़ और धीरे खोलिए। कौन झाग देता है? यही डीकंप्रेशन का विचार है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- बॉयल: P1 × V1 = P2 × V2 (चढ़ते समय फेफड़ों की हवा फैलती है)
- हेनरी: ज़्यादा दाब, खून में ज़्यादा गैस घुलती है
- सुरक्षित चढ़ाव की चाल लगभग 9-10 मी प्रति मिनट
- गहराई पर हवा की खपत = सतह की खपत × निरपेक्ष दाब
- नियम: नीचे इक्वलाइज़, ऊपर साँस छोड़ो, धीरे चढ़ो
हल किए गए उदाहरण
1. 30 मी पर गोताखोर के चारों ओर 4 atm है। उस गहराई पर एक साँस में 4 L हवा आती है। साँस रोके सतह पर आए तो वह कितना आयतन भरना चाहेगी?
P1V1 = P2V2। 4 × 4 = 1 × V2, इसलिए V2 = 16 L। फेफड़ा इतना नहीं सह सकता, फट सकता है। इसलिए चढ़ते समय साँस छोड़ें।
2. 9 मी प्रति मिनट की चाल से 36 मी से चढ़ाव में कितना समय लगना चाहिए?
36 / 9 = 4 मिनट (और 5 मी पर करीब 3 मिनट का सेफ़्टी स्टॉप)।
3. गोताखोर सतह पर 20 L प्रति मिनट हवा लेता है। 30 मी पर प्रति मिनट कितनी? 1600 L की आपूर्ति 30 मी पर कितनी देर चलेगी?
निरपेक्ष दाब 4 atm, इसलिए खपत 20 × 4 = 80 L/min। समय = 1600 / 80 = 20 मिनट।
आम गलतियाँ
- कान में दर्द शुरू होने पर ही इक्वलाइज़ करना। जल्दी-जल्दी करें।
- सुरक्षित लगने से चढ़ते समय साँस रोकना। यह सबसे खतरनाक गलती है।
- साइनस ठीक लगने पर ज़ुकाम में गोता लगाना।
- घायल गोताखोर को शराब या गरम पेय देना।