पवित्र संगीत क्या है?
पवित्र संगीत पूजा के लिए या आस्था के बारे में बना संगीत है। इसे अकेला व्यक्ति, पूरी मंडली या प्रशिक्षित गायक-दल गा सकता है। प्रकार (genre) अपने उद्देश्य, रूप और शैली वाला संगीत का वर्ग है। पवित्र संगीत के कई प्रकार सदियों में कई धर्मों में बने।
मंत्र-गान और स्तोत्र
- मंत्र-गान (chant): एक स्वर-रेखा, एक या कई आवाज़ों में एक ही सुर पर, बिना वाद्य और बिना सुर-मेल के। शब्द सबसे ज़रूरी होते हैं। उदाहरण: ग्रेगोरियन चैंट, बाइज़ेंटाइन और रूसी ऑर्थोडॉक्स चैंट, वैदिक पाठ।
- भजन-स्तोत्र (hymn): स्तुति का गीत, कई पदों में एक ही धुन। इसे पूरा समूह गा सके, इसलिए धुन सरल और याद रखने लायक होती है।
गायक-मंडली का संगीत: मास और रेक्विएम
गायक-मंडली अक्सर चार भागों में गाती है: सोप्रानो (सबसे ऊँचा), अल्टो, टेनर और बास (सबसे नीचा)। भागों में साथ गाने से सुर-मेल (harmony) बनता है।
- मास: चर्च की सभा के लिए बड़ी गायन-रचना, तय क्रम के भागों के साथ: Kyrie, Gloria, Credo, Sanctus, Agnus Dei। कई प्रसिद्ध संगीतकारों ने मास लिखे।
- रेक्विएम: दिवंगत लोगों के लिए मास। योजना वही है, कुछ भाग बदले हुए, जैसे नाटकीय Dies irae (क्रोध का दिन)।
ऑरेटोरियो और कैंटाटा
- ऑरेटोरियो: एकल गायकों, गायक-मंडली और ऑर्केस्ट्रा के लिए लंबी पवित्र कथा। यह संगीत-सभा के मंच पर बिना दृश्य-सज्जा, पोशाक या अभिनय के प्रस्तुत होता है। ओपेरा से यही बड़ा फ़र्क है।
- कैंटाटा: उन्हीं सामग्रियों वाली छोटी रचना, अक्सर किसी चर्च-ऋतु या एक स्तोत्र पर आधारित।
कई धर्मों के भक्ति-गीत
कई परंपराओं में प्रश्न-उत्तर (call and response) में गाते हैं: नेता एक पंक्ति गाता है और सब उत्तर देते हैं। उदाहरण: भारतीय भजन और कीर्तन, क़व्वाली और गॉस्पेल गीत। इन्हें मुख्य पूजा-सभा के बाहर, बड़े समूहों में, अक्सर ताली और वाद्यों के साथ गाया जाता है।
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मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मंत्र-गान = एक स्वर-रेखा, बिना वाद्य
- स्तोत्र = एक धुन, कई पद
- मास = तय क्रम के भाग; रेक्विएम = दिवंगतों का मास
- ऑरेटोरियो = पवित्र कथा, एकल गायक + गायक-मंडली + ऑर्केस्ट्रा, बिना मंच
- गायक-मंडली के भाग: सोप्रानो, अल्टो, टेनर, बास
हल किए गए उदाहरण
1. एक समूह बिना वाद्य और बिना सुर-मेल के एक ही धुन साथ गाता है। कौन-सा प्रकार?
मंत्र-गान (chant)।
2. संगीत-सभा में एकल गायक, गायक-मंडली और ऑर्केस्ट्रा बाइबिल की कथा सुनाते हैं, पर कोई पोशाक या दृश्य नहीं। कौन-सा प्रकार?
ऑरेटोरियो।
3. गायक-मंडली की चार आवाज़ें ऊँची से नीची बताओ।
सोप्रानो, अल्टो, टेनर, बास।
4. रेक्विएम सामान्य मास से कैसे अलग है?
रेक्विएम दिवंगतों के लिए मास है, जिसमें कुछ भाग बदले होते हैं, जैसे Dies irae।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि मंत्र-गान में सुर-मेल होता है। वह एक रेखा है।
- यह सोचना कि ऑरेटोरियो ओपेरा की तरह अभिनय से होता है। वह बिना दृश्य-सज्जा और अभिनय के होता है।
- यह मानना कि पवित्र संगीत सिर्फ़ एक धर्म का है। हर बड़े धर्म के अपने प्रकार हैं।
- स्तोत्र और मंत्र-गान को एक समझना। स्तोत्र में तय छंद की धुन के पद होते हैं; मंत्र-गान शब्दों के प्रवाह पर चलता है।