गेतो-दासी कौन थे और कहाँ रहते थे?
गेतो-दासी आपस में जुड़े हुए लोग थे। काला सागर और निचली दन्यूब के पास रहने वालों को यूनानी गेताई कहते थे। कार्पेथियन चाप के अंदर रहने वालों को रोमन दासी कहते थे। उनकी भाषा और रीति-रिवाज़ मिलते-जुलते थे।
उनकी भूमि में पहाड़ (कार्पेथियन), पहाड़ी किले, उपजाऊ घाटियाँ और बड़ी नदी दन्यूब थी, और तट पर काला सागर। पहाड़ सुरक्षा देते थे, नदी व्यापार, मिट्टी खेती, और पहाड़ियाँ लोहा और सोना।
वे खेती करते, पशु पालते, धातु निकालते और मिट्टी के बर्तन व गहने बनाते थे। वे पत्थर की मज़बूत दीवारों वाले पहाड़ी किले बनाते थे।
हम कैसे जानते हैं? लिखित स्रोत और इस्ट्रिया का अध्ययन
दासी लोगों ने अपना लिखा हुआ लगभग कुछ नहीं छोड़ा। इसलिए हम दूसरों के लेखन और पुरातत्व (खंडहर और वस्तुएँ खोदकर जानना) पर निर्भर हैं।
- हेरोडोटस (यूनानी, लगभग 440 ई.पू.) ने गेताई और उनके मृत्यु के बाद जीवन के विश्वास के बारे में लिखा।
- स्ट्रैबो (यूनानी, लगभग 20 ई.) ने गेताई और दासी, उनकी भूमि और राजा बुरेबिस्ता का वर्णन किया।
- कैसियस डियो (लगभग 220 ई.) ने त्राजन और देचेबालस के युद्धों के बारे में घटनाओं के बहुत बाद लिखा।
याद रखिए: ये लेखक बाहरी थे। वे प्रशंसा, आलोचना या गलती कर सकते हैं। अच्छा इतिहासकार लिखे हुए को खंडहरों से मिलाता है।
अध्ययन: इस्ट्रिया
लगभग 657 ई.पू. में यूनानी बसने वालों ने काला सागर तट पर इस्ट्रिया बसाया। यह व्यापार का बंदरगाह था: यूनानी शराब और बर्तन बेचते, स्थानीय लोग अनाज, मछली और पशु। इस्ट्रिया दिखाता है कि रोम के आने से बहुत पहले दासी भूमि भूमध्य सागर की दुनिया से जुड़ी थी।
बुरेबिस्ता: कबीलों को जोड़ने वाला राजा
बुरेबिस्ता ने लगभग 82 ई.पू. से 44 ई.पू. तक राज किया। उससे पहले कई अलग कबीले थे। उसने उन्हें एक बड़े राज्य में जोड़ा, मज़बूत पहाड़ी किलों की मदद से। उसकी शक्ति इतनी थी कि रोमन नेता जूलियस सीज़र उससे निपटने की योजना बना रहा था। बुरेबिस्ता लगभग सीज़र के साथ ही (44 ई.पू.) मारा गया और उसका राज्य छोटे हिस्सों में टूट गया।
सीख: एक मज़बूत नेता से जुड़ा राज्य उस नेता के जाने पर बिखर सकता है।
देचेबालस और रोम से दो युद्ध
देचेबालस 87 ई. में राजा बना और दासी लोगों को फिर शक्तिशाली बनाया। रोम उसे अपनी दन्यूब सीमा के पास ख़तरा मानता था। रोमन सम्राट त्राजन ने दो युद्ध लड़े:
- पहला युद्ध, 101-102 ई.: रोमन सेनाओं ने दन्यूब पार की। देचेबालस को रोम की शर्तों पर शांति माननी पड़ी।
- दूसरा युद्ध, 105-106 ई.: देचेबालस ने शांति तोड़ी। त्राजन बड़ी सेना के साथ लौटा। दासी राजधानी सरमिज़ेगेतुसा 106 ई. में गिर गई। देचेबालस ने पकड़े जाने की जगह मृत्यु चुनी।
विजय के बाद रोम ने भूमि के एक हिस्से को दासिया प्रांत बनाया। रोम को वहाँ की सोने-चाँदी की खदानें और सुरक्षित सीमा चाहिए थी।
अध्ययन: सरमिज़ेगेतुसा, ड्रोबेटा पुल, त्राजन स्तंभ, अदामक्लीसी
- सरमिज़ेगेतुसा: दासी पहाड़ी राजधानी, दीवारों, गोल और चौकोर मंदिरों और प्रसिद्ध गोल पूजास्थल के साथ। यह ढलान वाले पहाड़ों पर पत्थर की सीढ़ीनुमा छतें बनाने का कौशल दिखाती है।
- ड्रोबेटा पुल: दन्यूब पर पत्थर के खंभों वाला विशाल पुल, जिसकी योजना वास्तुकार दमिश्क के अपोलोडोरस ने बनाई और जो लगभग 105 ई. में पूरा हुआ। इससे रोमन सैनिक और सामान जल्दी पार हो सके।
- त्राजन स्तंभ: रोम में एक ऊँचा स्तंभ (113 ई.)। उस पर पत्थर की एक पट्टी घूमती है जिसमें युद्ध के दृश्य हैं: कूच, शिविर, पुल और लड़ाइयाँ। यह कहानी का रोमन नज़रिया है।
- अदामक्लीसी स्मारक: दन्यूब के पास दासी मैदान में बड़ा विजय-स्मारक (लगभग 109 ई.), नक्काशीदार दृश्यों से सजा।
ये सब स्रोत हैं: दो भूमि में ही बने, दो रोम में जीत मनाने के लिए। हमेशा पूछिए: इसे किसने बनाया और क्यों?
करके देखिए: अपनी समय-रेखा बनाइए
कागज़ की एक लंबी पट्टी लीजिए। बाईं ओर 800 ई.पू. और दाईं ओर 230 ई. लिखिए। ये निशान लगाइए: इस्ट्रिया (657 ई.पू.), हेरोडोटस (440 ई.पू.), बुरेबिस्ता (82-44 ई.पू.), देचेबालस (87 ई.), युद्ध (101-102, 105-106 ई.), प्रांत (106 ई.), स्तंभ (113 ई.)। ई.पू. के वर्ष नीले और ई. के वर्ष लाल रंग से लिखिए। याद रखिए: ई.पू. में संख्या 1 की ओर घटती है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- गेताई = यूनानी नाम; दासी = रोमन नाम; साथ में: गेतो-दासी
- बुरेबिस्ता: लगभग 82-44 ई.पू., कबीले जोड़े
- देचेबालस: 87 ई. से राजा; युद्ध 101-102 और 105-106 ई.
- 106 ई.: दासिया रोमन प्रांत बना
- स्रोत: हेरोडोटस (लगभग 440 ई.पू.), स्ट्रैबो (लगभग 20 ई.), कैसियस डियो (लगभग 220 ई.)
हल किए गए उदाहरण
1. हेरोडोटस, स्ट्रैबो और कैसियस डियो को 'बाहरी स्रोत' क्यों कहते हैं?
इनमें से कोई दासी नहीं था। ये यूनानी या रोमन लेखक थे। उन्हें दूसरों से सुनी बातें मिली होंगी या वे दासी लोगों को पसंद नहीं करते होंगे, इसलिए हम उनकी बात खंडहरों से मिलाते हैं।
2. बुरेबिस्ता की मृत्यु (44 ई.पू.) और रोमन विजय (106 ई.) के बीच कितने वर्ष बीते?
वर्ष 0 नहीं होता। 44 ई.पू. से 1 ई.पू. तक 43 वर्ष, फिर 1 ई. से 106 ई. तक 106 वर्ष, यानी अंतर लगभग 44 + 106 - 1 = 149 वर्ष। लगभग 150 वर्ष।
3. रोमनों ने ड्रोबेटा में पुल क्यों बनाया?
दन्यूब चौड़ी है और सेना के लिए पार करना कठिन। पुल से सैनिक, घोड़े और खाना जल्दी और सुरक्षित दासिया में पहुँच सके, जिससे त्राजन को दूसरा युद्ध जीतने में मदद मिली।
4. त्राजन स्तंभ रोम में बना। क्या यह दासी लोगों के बारे में निष्पक्ष स्रोत है?
यह उपयोगी है पर एकतरफ़ा। यह युद्ध को वैसे दिखाता है जैसे विजेता याद रखना चाहता था। हमें इसे दासी खंडहरों और दूसरे लेखकों से मिलाना चाहिए।
आम गलतियाँ
- बुरेबिस्ता और देचेबालस को मिला देना। बुरेबिस्ता = ई.पू. पहली सदी, राज्य बनाया; देचेबालस = ई. पहली सदी, रोम से लड़ा।
- सोचना कि एक ही युद्ध था। दो थे: 101-102 ई. और 105-106 ई.।
- ई.पू. के वर्ष ऊपर की ओर गिनना। 82 ई.पू. 44 ई.पू. से पहले है।
- रोमन स्मारकों को निष्पक्ष मान लेना। विजेता कहानी अपने ढंग से कहता है।