मध्य पूर्व कहाँ है और ज़मीन कैसी है?
मध्य पूर्व (जिसे पश्चिम एशिया भी कहते हैं) पूर्वी भूमध्य सागर, अरब प्रायद्वीप, मेसोपोटामिया और ईरान के आसपास का क्षेत्र है। यह भूमध्य सागर, लाल सागर और फ़ारस की खाड़ी को छूता है। ज़्यादातर हिस्सा गर्म मरुस्थल है जहाँ बारिश बहुत कम होती है। उत्तर और पूर्व में पहाड़ हैं। पानी कम होने से लोग दजला और फरात नदियों के किनारे, मरुद्यानों में और तटों पर रहते हैं, और कई देश समुद्र के पानी से मीठा पानी बनाते हैं, जिसे विलवणीकरण कहते हैं।
सांस्कृतिक विशेषताएँ: लोगों का चौराहा
यहाँ अफ़्रीका, एशिया और यूरोप मिलते हैं। व्यापारी, तीर्थयात्री और सेनाएँ हज़ारों साल से इस क्षेत्र से गुज़रे हैं, और लेखन, खेती और शहर यहाँ नदी-घाटियों में जल्दी उभरे। यहाँ कई भाषाएँ बोली जाती हैं: अरबी सबसे ज़्यादा फैली है, और फ़ारसी, तुर्की, हिब्रू व कुर्दी भी हैं। इस्लाम सबसे बड़ा धर्म है, जिसकी सुन्नी और शिया शाखाएँ हैं। यहूदी और ईसाई धर्म भी यहीं शुरू हुए और इन तीनों धर्मों के पवित्र स्थान यहाँ हैं। खान-पान, संगीत, दस्तकारी और मेहमाननवाज़ी की परंपराएँ सीमाओं के पार साझा हैं। हर देश का अपना मेल है, इसलिए एक वर्णन सब पर लागू नहीं होता।
तेल संसाधन और विकास का स्तर
मध्य पूर्व में दुनिया के ज्ञात तेल भंडार का लगभग आधा है, ज़्यादातर फ़ारस की खाड़ी के आसपास। तेल की कमाई से कई खाड़ी देशों में सड़कें, स्कूल, अस्पताल और आधुनिक शहर बने और उनकी प्रति व्यक्ति आय ऊँची है। पर विकास का स्तर बहुत अलग है: कुछ देशों की आय कम है और कुछ को युद्ध ने नुकसान पहुँचाया है।
तेल में एक जोखिम है: उसकी कीमत बहुत बदलती है। जो देश लगभग सारी कमाई तेल से करता है, कीमत गिरने पर उसे बड़ा झटका लगता है। इसलिए कई तेल-संपन्न देश अब सौर ऊर्जा, व्यापार, वित्त, पर्यटन और दूसरे उद्योगों में निवेश करते हैं। इसे विविधीकरण कहते हैं।
सशस्त्र संघर्ष: स्थान, कारण और असर (तटस्थ परिचय)
पिछले दशकों में इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों में कई सशस्त्र संघर्ष हुए हैं, जैसे लेवेंट में, इराक और सीरिया में, यमन में और खाड़ी के आसपास। हर संघर्ष अलग है और लोगों की उनके बारे में अलग राय है, इसलिए यहाँ हम सिर्फ़ कारणों के आम प्रकार और असर देखते हैं।
कारण जो अक्सर मिलकर काम करते हैं: पानी और खेती की ज़मीन की कमी; तेल और दूसरे संसाधनों की होड़; ज़मीन, सीमाओं और इतिहास के विवाद; समूहों के बीच डर और अविश्वास, जिसे कभी-कभी नेता बढ़ाते हैं; और बाहरी ताकतों का दखल।
असर: बहुत से लोग मारे या घायल होते हैं; परिवारों को शरणार्थी बनकर घर छोड़ना पड़ता है; घर, स्कूल और अस्पताल टूटते हैं; व्यापार और खेती रुकती है; और तेल व खाने के दाम दुनिया भर में उछलते हैं।
आगे का रास्ता: बातचीत, पानी बाँटने के समझौते, पुनर्निर्माण में मदद और ऐसा व्यापार जिससे पड़ोसी एक-दूसरे पर निर्भर रहें।
करके देखें: क्षेत्र का एक-पन्ने का परिचय
एक पन्ना लें। बीच में मरुस्थल और दो नदियों का मोटा आकार बनाएँ (सीमाएँ नहीं चाहिए)। निशान लगाएँ: बस्तियाँ कहाँ होंगी, एक व्यापार मार्ग, और समुद्र के पास एक तेल क्षेत्र। जलवायु, संस्कृति, तेल और तनाव के एक कारण पर एक-एक वाक्य लिखें। 3D में हर बटन दबाने से पहले तनाव की पट्टी का अंदाज़ा लगाएँ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ज़्यादातर गर्म मरुस्थल; लोग नदियों, मरुद्यानों और तटों पर
- नदियाँ: दजला और फरात; सागर: भूमध्य, लाल सागर, फ़ारस की खाड़ी
- अफ़्रीका, एशिया और यूरोप का चौराहा: कई भाषाएँ और धर्म
- तेल: दुनिया के ज्ञात भंडार का लगभग आधा, ज़्यादातर फ़ारस की खाड़ी के पास
- विविधीकरण = एक ही उत्पाद पर निर्भरता घटाना
- संघर्ष के कारण: पानी, संसाधन, इतिहास और सीमाएँ, अविश्वास, बाहरी ताकतें
हल किए गए उदाहरण
1. मध्य पूर्व में ज़्यादातर लोग नदियों और तटों के पास क्यों रहते हैं?
ज़्यादातर ज़मीन गर्म मरुस्थल है जहाँ बारिश कम होती है। नदियाँ, मरुद्यान और तट पीने और खेती के लिए पानी देते हैं, इसलिए लोग वहाँ बसते हैं।
2. तेल की कीमत 100% होने पर केवल-तेल वाला देश 100 इकाई कमाता है। कीमत 60% होने पर वह कितना कमाएगा? और मिली-जुली अर्थव्यवस्था, जो 50 इकाई दूसरे स्रोतों से और 50 इकाई तेल (100% कीमत पर) से कमाती है?
केवल-तेल: 100 × 0.6 = 60 इकाई। मिली-जुली: 50 + 50 × 0.6 = 80 इकाई। मिली-जुली को कम नुकसान होता है।
3. इस क्षेत्र को चौराहा कहने के दो कारण बताएँ।
यह अफ़्रीका, एशिया और यूरोप को जोड़ता है, इसलिए व्यापार मार्ग यहाँ से गुज़रते हैं; कई जगहों के लोग यहाँ आकर बसे, इसलिए कई भाषाएँ और धर्म साथ रहते हैं।
4. सशस्त्र संघर्ष के आम लोगों पर दो असर बताएँ।
परिवारों को शरणार्थी बनकर भागना पड़ सकता है, और घर, स्कूल व अस्पताल टूट सकते हैं, जिससे रोज़ का जीवन और खेती बिगड़ती है।
आम गलतियाँ
- पूरे क्षेत्र को एक देश, एक भाषा या एक धर्म का मान लेना। यहाँ कई हैं।
- सोचना कि यह सिर्फ़ मरुस्थल है। यहाँ पहाड़, उपजाऊ नदी-घाटियाँ और हरे तट भी हैं।
- कहना कि तेल ने वहाँ के हर देश को अमीर बना दिया। संपदा बराबर नहीं है; कुछ देश गरीब हैं या युद्ध से टूटे हैं।
- संघर्षों का एक ही कारण बताना। आम तौर पर कई कारण मिलते हैं और हर संघर्ष अलग होता है।