📘 CodingMarble Learn

भू-उद्यान (जियोपार्क): जो भू-दृश्य पृथ्वी की कहानी सुनाते हैं

जियोपार्क एक जुड़ा हुआ इलाक़ा है जिसकी चट्टानें और भू-आकृतियाँ बहुत ख़ास हैं। इसके तीन काम हैं: भूवैज्ञानिक विरासत को बचाना, लोगों को पृथ्वी के बारे में सिखाना, और स्थानीय लोगों की कमाई में मदद करना। अंदर के ख़ास स्थानों को जियोसाइट कहते हैं। प्रसिद्ध उदाहरण हैं कोरिया का जेजू द्वीप (ज्वालामुखी) और हंतांगगांग नदी की बेसाल्ट घाटी।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. यह एक भू-दृश्य है: पहाड़ियाँ, नदी और समुद्र। यहाँ हर चट्टान की एक कहानी है, पर अभी वह दिखती नहीं।
  2. समुद्र की चट्टानी दीवार में परतें दिखीं। सबसे नीचे की परत सबसे पुरानी है, सबसे ऊपर की सबसे नई। परतें बीते समय की किताब हैं।
  3. एक ज्वालामुखी खड़ा हुआ। कभी इससे गर्म लावा बहा, जमकर चट्टान बना, और बारिश से गड्ढे (क्रेटर) में झील भर गई।
  4. जो लावा धीरे-धीरे ठंडा हुआ, वह नदी किनारे छह कोनों वाले स्तंभों में फट गया। ऐसी ख़ास चट्टानी बनावट अच्छा जियोसाइट होती है।
  5. अब गाँव और पाठशाला भी जुड़ गए, और पूरे इलाक़े के चारों ओर बाड़ लग गई। यही पूरा इलाक़ा जियोपार्क है। इसके तीन काम: बचाना, सीखना और गाँव की मदद।
  6. अब आप खेलिए। कोई भी स्थल चुनिए और पढ़िए कि वह हमें क्या सिखाता है।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

परतों में उम्र का क्रम क्यों होता है?

नई मिट्टी पुरानी मिट्टी के ऊपर ही जम सकती है, इसलिए नीचे की परत पहले बनी। क़दम 1 में ढेर देखिए।

ज्वालामुखी के ऊपर झील कैसे बनती है?

विस्फोट के बाद क्रेटर एक कटोरा बन जाता है। बारिश और बर्फ़ का पानी उसे भरकर क्रेटर झील बना देता है।

लावा के स्तंभ छह कोनों वाले क्यों होते हैं?

ठंडा होता लावा सिकुड़कर फटता है। दरारें अक्सर ऐसी जुड़ती हैं कि छह कोनों वाले टुकड़े बनते हैं।

क्या जियोपार्क और राष्ट्रीय उद्यान एक ही हैं?

नहीं। जियोपार्क चट्टानों व भू-आकृतियों का है और वहाँ रहने वाले लोगों का भी। राष्ट्रीय उद्यान ज़्यादातर प्रकृति और जानवरों के लिए होता है।

जियोपार्क किसके लिए है?

सीखने वाले पर्यटकों के लिए, कमाने वाले गाँव वालों के लिए, और चट्टानें विरासत में पाने वाले भविष्य के लिए। तीनों लेबल देखिए।

जियोपार्क क्या है?

जियोपार्क (भू-उद्यान) एक ही इलाक़ा है, जिसकी साफ़ सीमा होती है, और जहाँ की चट्टानें व भू-आकृतियाँ विज्ञान, पढ़ाई या सुंदरता के लिए ख़ास हैं। वहाँ लोग रहते और काम करते हैं। यह लोगों से कटा हुआ इलाक़ा नहीं है।

उसके भीतर का कोई ख़ास स्थान, जैसे चट्टानी दीवार, गुफ़ा या लावा के स्तंभ, जियोसाइट (geosite) कहलाता है। जियोपार्क कई जियोसाइट को सड़क, बोर्ड, संग्रहालय और गाइड से जोड़ता है। भू-विरासत (geoheritage) का मतलब वे चट्टानें और भू-आकृतियाँ हैं जिन्हें हम पुरानी इमारतों की तरह भविष्य के लिए बचाना चाहते हैं।

भू-दृश्य हमें क्या सिखाता है?

चट्टानी परतें। हज़ारों साल में मिट्टी और रेत एक के ऊपर एक जमती है। बाद में वह दबकर पत्थर बन जाती है। सबसे पुरानी परत सबसे नीचे होती है। अंदर के जीवाश्म बताते हैं कि तब कौन-से जीव रहते थे।

ज्वालामुखी आकृतियाँ। लावा शंकु और बहाव बनाता है। जल्दी ठंडा होने पर महीन दानों वाली चट्टान बनती है, जिसे बेसाल्ट कहते हैं। क्रेटर में बारिश भरकर क्रेटर झील बन सकती है।

स्तंभ। मोटा लावा ठंडा होकर सिकुड़ता है और छह कोनों वाले स्तंभों में फट जाता है, जैसे सूखी मिट्टी की दरारें, पर ऊँची। प्रसिद्ध जगहें हैं जेजू का जुसांगजेओल्ली, कोरिया की हंतांगगांग नदी घाटी और उत्तरी आयरलैंड का जायंट्स कॉज़वे।

अंतरिक्ष से बने गड्ढे। भारत की लोनार झील उस कटोरे में है जो अंतरिक्ष की चट्टान के कठोर बेसाल्ट से टकराने पर बना।

जियोपार्क के तीन काम

  1. बचाना (Protect): चट्टानों और भू-आकृतियों को सुरक्षित रखना। चट्टान ले जाना और नुक़सान करना मना।
  2. सीखना (Learn): स्कूल, संग्रहालय, पगडंडियाँ और बोर्ड जो बताएँ कि जगह कैसे बनी।
  3. स्थानीय लोगों की मदद: गाइड, होमस्टे, खाना और दस्तकारी से आमदनी होती है, इसलिए लोग जगह को बचाना चाहते हैं।

यह तीसरा काम जियोपार्क को कड़े प्रकृति-आरक्षित क्षेत्र से अलग बनाता है।

कोरिया के जियोपार्क और यूनेस्को का दर्जा

यूनेस्को उन जगहों को यूनेस्को ग्लोबल जियोपार्क का दर्जा देता है जो ऊँचे मानक पूरे करती हैं और जिनकी हर कुछ साल में दोबारा जाँच होती है। कोरिया में कई हैं, जैसे जेजू द्वीप (ज्वालामुखी द्वीप, हल्लासान की क्रेटर झील, लावा की दीवारें), चेओंगसोंग (परतदार चट्टानें और पुरानी ज्वालामुखी चट्टानें), मुदेउंगसान (पहाड़ पर ऊँचे चट्टानी स्तंभ) और हंतांगगांग नदी (बेसाल्ट को काटती घाटी, झरने और स्तंभ)।

कोरिया राष्ट्रीय जियोपार्क भी रखता है। कई देश ऐसा ही करते हैं। एशिया, यूरोप और अफ़्रीका में भी उदाहरण हैं; हर एक चट्टान की अपनी कहानी सुनाता है।

करके देखिए

3D में: हर स्थल पर दबाइए। कौन-सा सबसे पुराने समय की बात बताता है? कौन-सा लावा के तेज़ ठंडा होने को दिखाता है?

घर पर: अगली बार सड़क की कटाई, खदान या नदी का किनारा दिखे तो परतें खोजिए। चित्र बनाइए और बताइए कि कौन-सी परत सबसे पुरानी है। अपने आस-पास ऐसी जगह सोचिए जहाँ आने वाले लोग चट्टानों की कहानी सीख सकें, और बताइए कि गाइड कौन हो सकता है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. जियोपार्क की समुद्री दीवार में 6 परतें हैं, हर एक 40 cm मोटी। परतदार भाग कितना ऊँचा है?

6 × 40 cm = 240 cm = 2.4 m। सबसे नीचे की परत सबसे पुरानी है।

2. मिट्टी लगभग 2 mm प्रति वर्ष जमती है। 1 m मोटी परत बनने में कितना समय लगेगा?

1 m = 1000 mm। समय = 1000 / 2 = 500 वर्ष।

3. जियोपार्क के तीन काम बताइए और हर एक का एक स्थानीय उदाहरण दीजिए।

बचाना: जुसांगजेओल्ली की दीवार से चट्टान न ले जाना। सीखना: लावा स्तंभों को समझाने वाला संग्रहालय या बोर्ड। स्थानीय लोगों की मदद: गाँव वालों का गाइड बनना या स्थानीय खाना बेचना।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. जियोपार्क मुख्य रूप से किसे बचाता है?
2. जियोपार्क के भीतर के एक ख़ास स्थान को क्या कहते हैं?
3. इनमें से तीन कामों में कौन-सा नहीं है?
4. छह कोनों वाले चट्टानी स्तंभ कैसे बनते हैं?
5. बिना छेड़ी परतों में सबसे पुरानी परत कहाँ होती है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जियोपार्क आसान शब्दों में क्या है?

यह ख़ास चट्टानों और भू-आकृतियों वाला इलाक़ा है जहाँ लोग चट्टानों को बचाते हैं, उनके बारे में सिखाते हैं और सावधानी से आने वाले पर्यटकों से कमाते हैं।

जियोसाइट क्या होता है?

जियोसाइट जियोपार्क के भीतर एक ख़ास जगह है, जैसे परतों वाली दीवार, गुफ़ा या लावा स्तंभों का समूह।

कोरिया में कौन-से जियोपार्क हैं?

कोरिया में जेजू द्वीप, चेओंगसोंग, मुदेउंगसान और हंतांगगांग नदी जैसे यूनेस्को ग्लोबल जियोपार्क हैं, और राष्ट्रीय जियोपार्क भी हैं।

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी भूगोल पाठ