स्थिर-चित्र की सजावट
- वस्तुएँ चुनिए: ज्यामितीय आकृतियाँ (घन, बेलन, शंकु, गोला: डिब्बा, बोतल, कीप, गेंद) और प्राकृतिक आकृतियाँ (फल, पत्ते, सीप) मिलाइए। कपड़ा (ड्रेपरी) नरम सलवटें जोड़ता है।
- सजाइए: कुछ वस्तुएँ एक-दूसरे के आगे रखिए, ऊँचाई अलग रखिए, और बीच की जगहें अलग-अलग नाप की छोड़िए। सबको एक लाइन में मत रखिए।
- एक रोशनी: एक ओर से, थोड़ा ऊपर से लैंप या खिड़की। एक रोशनी से साफ़ प्रकाश और छाया बनती है।
- एक दृष्टि-बिंदु: हर बार एक ही जगह बैठिए। हिलेंगे तो आकार बदल जाएँगे।
ब्लॉक करना और नापना
- बहुत हल्की रेखाएँ बनाइए। हर वस्तु को एक सादे डिब्बे या अंडाकार में बिठाइए।
- आँख से नाप: पेंसिल को हाथ पूरा सीधा करके पकड़िए, एक आँख बंद। अँगूठे से एक वस्तु की ऊँचाई चिह्नित कीजिए, फिर देखिए वह दूसरी में कितनी बार आती है। उदाहरण: बोतल डिब्बे की 1.6 गुना है।
- पेंसिल को सीधा खड़ा या लेटा रखकर किनारों के कोण मिलाइए।
- गोल ऊपरी और निचले भाग के लिए दीर्घवृत्त (एलिप्स) बनाइए; ऊपर से देखने पर निचला एलिप्स ऊपर वाले से ज़्यादा गोल होता है।
- जब आकार और नाप सही हों, तभी शेडिंग शुरू कीजिए।
प्रकाश और छाया: टोन की सीढ़ी
- हाइलाइट: सबसे चमकीला बिंदु, ठीक रोशनी के सामने। काग़ज़ सफ़ेद छोड़िए।
- प्रकाश: वस्तु का रोशन भाग।
- मध्य-छाया (हाफ़-टोन): जहाँ आकार रोशनी से मुड़ता है; बीच का स्लेटी।
- कोर छाया: वस्तु पर सबसे गहरी पट्टी, मुड़ते किनारे के ठीक बाद।
- परावर्तित प्रकाश: मेज़ से छाया वाले भाग पर लौटी थोड़ी रोशनी। यह कोर छाया से हल्का पर मध्य-छाया से गहरा है।
- पड़ने वाली छाया (परछाईं): वस्तु की मेज़ पर पड़ी छाया। यह रोशनी से उलटी ओर जाती है, जहाँ वस्तु मेज़ छूती है वहाँ सबसे गहरी और साफ़ (संपर्क छाया) होती है, और दूर जाकर हल्की।
घन पर सपाट तल दिखते हैं: एक हल्का, एक मध्यम, एक गहरा। बेलन पर टोन खड़ी पट्टियों में, गोले पर गोल पट्टियों में।
पेंसिलें
H पेंसिलें (2H, H) कठोर और हल्की हैं; B पेंसिलें (2B, 4B, 6B) नरम और गहरी। टोन को परतों में बनाइए: हैचिंग, क्रॉस-हैचिंग या चिकनी शेडिंग। कपड़े की सलवटों को बारी-बारी हल्की धार और गहरी घाटी से बनाइए।
घर पर करके देखिए
कमरे की बत्ती बुझाकर खिड़की या टेबल लैंप के पास मेज़ पर एक सफ़ेद कप, एक अंडा और एक डिब्बा रखिए। 20 मिनट में बनाइए: ब्लॉक (5 मिनट), रोशनी ढूँढना (2 मिनट), पहले सबसे गहरे भाग (8 मिनट), फिर मध्य-छाया और हाइलाइट (5 मिनट)। फिर लैंप नीचा करके दोबारा बनाइए: छायाएँ लंबी हो जाएँगी। पूरे रंग में भी यही सीढ़ी रखिए: हाइलाइट हल्के और गर्म, छायाएँ गहरी, ठंडी और कम चटक।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- स्थिर-चित्र = न हिलने वाली वस्तुएँ + एक रोशनी + एक दृष्टि-बिंदु
- काम का क्रम: सजाना → ब्लॉक → नाप → प्रकाश-छाया → बारीकियाँ
- टोन सीढ़ी: हाइलाइट → प्रकाश → मध्य-छाया → कोर छाया → परावर्तित प्रकाश → पड़ने वाली छाया
- छाया रोशनी से उलटी ओर; रोशनी नीची = छाया लंबी
- पेंसिल: H = कठोर/हल्की, B = नरम/गहरी (2H, HB, 2B, 4B, 6B)
- कपड़े की सलवट = हल्की धार + गहरी घाटी
हल किए गए उदाहरण
1. लैंप बाईं ओर है। गेंद की छाया किस ओर पड़ेगी?
दाईं ओर, लैंप से दूर। प्रकाश सीधी रेखा में चलता है, इसलिए गेंद उसे दूसरी ओर रोक देती है।
2. एक छात्र गोले के पूरे छाया वाले भाग को एक ही सपाट गहरे टोन से भर देता है। क्या छूटा?
कोर छाया और परावर्तित प्रकाश। सबसे गहरी पट्टी मुड़ते किनारे के ठीक बाद होनी चाहिए, और नीचे के किनारे पर मेज़ से लौटी रोशनी से थोड़ा हल्का भाग।
3. हाथ सीधा करके अँगूठे से कप 3 सेमी और बोतल 7.5 सेमी नपती है। बोतल कितने कप ऊँची है?
7.5 ÷ 3 = 2.5। बोतल ढाई कप ऊँची है, इसलिए उसे कप की 2.5 गुना ऊँचाई में बनाइए।
आम गलतियाँ
- हर वस्तु के चारों ओर एक गहरी, कड़ी रेखा खींचना। असली वस्तुओं के किनारे टोन के बदलाव से दिखते हैं, काली रेखा से नहीं।
- छाया को रोशनी वाली ओर ही बनाना। छाया हमेशा रोशनी से उलटी ओर पड़ती है।
- परावर्तित प्रकाश को रोशन भाग जितना चमकीला बनाना। यह कोर छाया से बस थोड़ा हल्का है।
- आकार और नाप सही होने से पहले शेडिंग शुरू करना। पहले ब्लॉक और नाप।