ध्वज के रूपों और रंगों का अर्थ
झंडा दो तरह से पढ़ा जाता है: रंग से और आकार से। भारत के राष्ट्रीय ध्वज में तीन बराबर आड़ी पट्टियाँ और बीच में एक चक्र है। लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3 : 2 है।
- केसरिया (ऊपर): साहस, त्याग और निःस्वार्थ सेवा।
- सफ़ेद (बीच में): सत्य, शांति और पवित्रता।
- हरा (नीचे): विश्वास, विकास और उपजाऊ धरती।
- नीला चक्र (अशोक चक्र): धर्म (नियम) और निरंतर आगे बढ़ना। इसमें 24 तीलियाँ हैं।
चक्र सारनाथ के अशोक स्तंभ के सिंह-शीर्ष से लिया गया है, जो राष्ट्रीय प्रतीक भी है और जिस पर "सत्यमेव जयते" (सत्य की ही जीत होती है) लिखा है।
1906 से 1947 तक झंडा कैसे बदला
1906 में कलकत्ता में हरी, पीली और लाल पट्टियों और चिह्नों वाला झंडा दिखाया गया। 1921 में पिंगली वेंकैया ने गांधीजी को चरखे वाला झंडा दिखाया। 1931 तक रंग केसरिया, सफ़ेद और हरा हो गए और बीच में चरखा रहा। 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने चरखे की जगह 24 तीलियों वाले चक्र के साथ तिरंगा अपनाया।
कलाकार और स्वतंत्रता संग्राम
कला उन लोगों तक पहुँची जो पढ़ नहीं सकते थे। अवनींद्रनाथ टैगोर ने "भारत माता" (1905) चित्रित की, जिसमें देश शांत और ममतामयी माँ है। नंदलाल बोस ने हरिपुरा कांग्रेस के पोस्टर (1938) गाँव की शैली की मज़बूत रेखाओं में बनाए, और दांडी यात्रा का लिनोकट भी। चित्तप्रसाद ने बंगाल के अकाल (1943) के चित्र बनाए ताकि दुनिया भूख देख सके। गगनेंद्रनाथ टैगोर ने तीखे कार्टून बनाए जो अन्यायपूर्ण शासन पर हँसते थे।
राष्ट्रीय प्रतीक क्यों ज़रूरी हैं
प्रतीक पूरे देश को एक सेकंड में एक विचार साझा करने देते हैं। अच्छे प्रतीक कम आकार, गहरे रंग और आसानी से समझ आने वाले अर्थ का इस्तेमाल करते हैं। दूसरे राष्ट्रीय प्रतीक (राजचिह्न, गान, राष्ट्रीय पशु या फूल) भी यही सोच अपनाते हैं। अपना प्रतीक बनाते समय पूछिए: मैं लोगों को क्या महसूस कराना चाहता हूँ, और कौन-सा आकार या रंग यह सबसे जल्दी कहता है?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- केसरिया = साहस और त्याग
- सफ़ेद = सत्य और शांति
- हरा = विश्वास और विकास
- अशोक चक्र = 24 तीलियाँ = धर्म और निरंतर गति
- ध्वज का अनुपात, लंबाई : चौड़ाई = 3 : 2
- ध्वज अपनाया गया 22 जुलाई 1947 (संविधान सभा)
- पिंगली वेंकैया: 1921 का चरखा-ध्वज
- भारत माता 1905; हरिपुरा पोस्टर 1938; बंगाल अकाल रेखाचित्र 1943
हल किए गए उदाहरण
1. झंडे की चौड़ाई (छोटी भुजा) 90 सेमी है और लंबाई : चौड़ाई = 3 : 2 है। लंबाई कितनी होगी?
चौड़ाई 90 सेमी = 2 भाग, तो 1 भाग = 45 सेमी। लंबाई = 3 x 45 = 135 सेमी।
2. तिरंगे की हर पट्टी बराबर है और झंडा 60 सेमी ऊँचा है। एक पट्टी कितनी ऊँची होगी?
60 / 3 = 20 सेमी प्रत्येक।
3. चक्र में 24 तीलियाँ हैं। दो पास की तीलियों के बीच कितना कोण होगा?
360 / 24 = 15 अंश।
4. कलाकार को कृति से मिलाइए: नंदलाल बोस, चित्तप्रसाद, अवनींद्रनाथ टैगोर।
नंदलाल बोस: हरिपुरा पोस्टर। चित्तप्रसाद: बंगाल अकाल के रेखाचित्र। अवनींद्रनाथ टैगोर: भारत माता।
आम गलतियाँ
- चक्र को चरखा बता देना। चरखा पुराने झंडे पर था; 1947 के झंडे पर अशोक चक्र है।
- 12 या 20 तीलियाँ लिख देना। अशोक चक्र में 24 तीलियाँ हैं।
- पट्टियों का क्रम उलट देना। केसरिया ऊपर और हरा नीचे है।
- रंगों को धर्मों से जोड़ना। आधिकारिक अर्थ साहस, सत्य-शांति और विश्वास-विकास हैं।