आर्थिक संस्थाएँ क्या हैं?
संस्था (institution) एक नियम है (लिखा या अलिखित) जो लोगों के व्यवहार को दिशा देता है, साथ में वे संगठन जो उस नियम को चलाते हैं। आर्थिक संस्थाएँ उत्पादन, ख़रीद-बिक्री, बचत और उधार के खेल के नियम हैं।
- औपचारिक संस्थाएँ: लिखित क़ानून और संगठन, जैसे संपत्ति क़ानून, अनुबंध क़ानून, अदालतें, केंद्रीय बैंक, बैंक, शेयर बाज़ार, कर नियम और नियामक।
- अनौपचारिक संस्थाएँ: अलिखित रीति-रिवाज, मानदंड और भरोसा, जैसे स्थानीय बाज़ार में ज़ुबान का पक्का होना, या पानी बाँटने के समुदाय के नियम।
संस्थाएँ प्रोत्साहन (incentives) बदलती हैं, यानी लोगों को मिलने वाले अपेक्षित इनाम और लागत। इसीलिए एक जैसी ज़मीन और लोगों वाली दो जगहों की आमदनी बहुत अलग हो सकती है।
संपत्ति अधिकार: मालिक निवेश क्यों करते हैं
संपत्ति अधिकार किसी चीज़ का इस्तेमाल करने, उससे कमाई करने और उसे बेचने या देने का माना हुआ अधिकार है। अधिकार साफ़ (सबको पता कि क्या किसका है), सुरक्षित (अन्याय से छीने न जा सकें) और हस्तांतरणीय (बेचे या किराए पर दिए जा सकें) होने चाहिए।
अगर किसान को डर हो कि कोई ज़मीन या फ़सल छीन लेगा, तो वह फल के पेड़ नहीं लगाएगी जो सालों में बड़े होते हैं। पक्के काग़ज़ के साथ भविष्य का फल उसका है, तो वह निवेश करती है। काग़ज़ को कर्ज़ की ज़मानत (collateral) भी बनाया जा सकता है।
संपत्ति अधिकार में बौद्धिक संपदा भी आती है, जैसे पेटेंट और कॉपीराइट, जो आविष्कारकों और लेखकों को कुछ समय के लिए इनाम देते हैं।
अनुबंध, अदालत, मुद्रा और बैंक
अनुबंध (contract) वह वादा है जिसे क़ानून लागू करवाता है: "मैं शुक्रवार को 18 बोरी गेहूँ दूँगा; तुम पहुँचने पर पैसे दोगे।" कोई पक्ष वादा तोड़े, तो अदालत भुगतान का आदेश दे सकती है। जब विधि का शासन (rule of law) मज़बूत हो (नियम सब पर बराबर और निष्पक्ष रूप से लागू हों), तो अजनबी भी सुरक्षित व्यापार कर सकते हैं, और बाज़ार परिवार-दोस्तों से आगे बढ़ता है।
मुद्रा व्यापार आसान बनाती है: यह विनिमय का माध्यम, लेखे की इकाई और मूल्य का भंडार है। भरोसेमंद केंद्रीय बैंक इसका मूल्य स्थिर रखता है। बैंक बचत इकट्ठा करके उन्हें उधार देते हैं जो निवेश करना चाहते हैं, और बचत करने वालों को ब्याज देते हैं। स्थिर मुद्रा और बैंक छोटी बचतों को ट्रैक्टर, कारख़ाने और घर बना देते हैं।
साझा संसाधन, कमज़ोर संस्थाएँ और करके देखो
कुछ संसाधन, जैसे साझा चरागाह, मछली वाली झील या भूजल, सबके हैं और इन्हें घेरना कठिन है। कोई नियम न हो तो हर उपयोगकर्ता को थोड़ा ज़्यादा लेने में फ़ायदा है, पर सब मिलकर उसे ख़त्म कर देते हैं। इसे साझा संसाधनों की त्रासदी (tragedy of the commons) कहते हैं। उपाय: समुदाय के नियम और कोटा, परमिट, या साफ़ अधिकार।
सरकार कई संस्थाएँ बनाती और लागू करती है: संपत्ति का पंजीकरण, अदालतें, बैंकों का नियमन और प्रतियोगिता की रक्षा। कमज़ोर संस्थाएँ भ्रष्टाचार, बहुत धीमी अदालतें, असुरक्षित ज़मीन रिकॉर्ड या तेज़ महँगाई के रूप में दिखती हैं, और निवेश घटाती हैं।
करके देखो: 4 दोस्तों के साथ 20 टॉफ़ियों का कटोरा लो; हर दौर के बाद जितनी बचें उसकी आधी और "उग" आती हैं। एक बार बिना नियम खेलो, फिर "हर व्यक्ति हर दौर 2 टॉफ़ी" के नियम से। गिनो कि दोनों बार कटोरा कितने दौर चला।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- संस्था = खेल के नियम + उन्हें लागू करने वाले संगठन
- सुरक्षित संपत्ति अधिकार → ज़्यादा अपेक्षित इनाम → ज़्यादा निवेश
- लागू होने वाले अनुबंध → भरोसा → अजनबियों से ज़्यादा व्यापार
- बैंक: बचत → कर्ज़ → निवेश
- साझा संसाधन पर कोई नियम नहीं → ज़्यादा इस्तेमाल (साझा संसाधनों की त्रासदी)
हल किए गए उदाहरण
1. दो औपचारिक और दो अनौपचारिक आर्थिक संस्थाओं के नाम बताओ।
औपचारिक: अनुबंध क़ानून, केंद्रीय बैंक (अदालतें, भूमि रजिस्ट्री भी)। अनौपचारिक: बाज़ार में ज़ुबान का पक्का होना, कुएँ के पानी बाँटने के समुदाय के नियम।
2. बिना पक्के पट्टे वाला बटाईदार किसान कुआँ बनाने से क्यों बचेगा?
कुएँ का फ़ायदा कई सालों में मिलता है। पक्का पट्टा न हो तो मालिक बटाई ख़त्म कर सकता है और फ़ायदा चला जाएगा, इसलिए अपेक्षित इनाम बहुत कम है।
3. ज़मीन का काग़ज़ परिवार को कर्ज़ लेने में कैसे मदद करता है?
काग़ज़ मालिकाना साबित करता है। बैंक ज़मीन को ज़मानत मान सकता है, तो जोखिम कम और कर्ज़ सस्ता हो सकता है।
4. एक व्यापारी माल मिलने के बाद पैसे देने से मना करता है। विक्रेता की मदद कौन-सी संस्था करती है?
अदालतों (या मध्यस्थता) से लागू होने वाला अनुबंध क़ानून। अदालत भुगतान का आदेश दे सकती है।
5. एक झील सभी मछुआरों के लिए खुली है और हर साल मछलियाँ घट रही हैं। समझाओ और उपाय बताओ।
हर मछुआरे को ज़्यादा पकड़ने में फ़ायदा है, पर नुक़सान (अगले साल कम मछली) सबमें बँट जाता है, तो झील का ज़्यादा इस्तेमाल होता है। उपाय: पकड़ का कोटा, मौसम या लाइसेंस, जो समुदाय या सरकार लागू करे।
6. दो क्षेत्रों की मिट्टी और मौसम एक जैसे हैं, पर एक में तेज़ अदालतें और पक्के ज़मीन रिकॉर्ड हैं। अंतर का अनुमान लगाओ।
मज़बूत संस्थाओं वाले क्षेत्र में शायद ज़्यादा निवेश, ज़्यादा व्यापार और ज़्यादा उपज होगी, क्योंकि लोगों को इनाम रखने का भरोसा है और सौदे सुरक्षित हैं।
आम गलतियाँ
- संस्थाओं को सिर्फ़ इमारतें या दफ़्तर समझना। ये मुख्य रूप से व्यवहार को दिशा देने वाले नियम (और मानदंड) हैं।
- कहना कि संपत्ति अधिकार सिर्फ़ अमीरों की मदद करते हैं। साफ़ अधिकार छोटे किसानों और घर मालिकों की भी रक्षा करते हैं और कर्ज़ दिलाते हैं।
- मानना कि ज़्यादा नियम हमेशा बेहतर हैं। नियम साफ़, निष्पक्ष और लागू होने चाहिए; धीमे या भ्रष्ट नियम व्यापार को नुक़सान पहुँचाते हैं।
- सोचना कि साझा संसाधनों की त्रासदी का मतलब लोग बुरे हैं। यह इसलिए होती है क्योंकि प्रोत्साहन हर व्यक्ति को ज़्यादा लेने के लिए धकेलते हैं।