आकार का प्रोग्रामिंग
आकार (फ़ॉर्मेशन) वह रूप है जो ड्रोन मिलकर बनाते हैं। इसे बनाने के लिए हर ड्रोन को एक निर्देशांक देते हैं: कितना बगल में (x), कितना आगे (y) और कितना ऊँचा। आकार बस निर्देशांकों की सूची है, हर ड्रोन के लिए एक।
प्रोग्राम में आकारों की सूची और हर एक का समय होता है: रेखा 5 सेकंड, घेरा 5 सेकंड, तारा 5 सेकंड। लूप से कुछ पंक्तियों में 12 ड्रोन घेरे में रखे जा सकते हैं, क्योंकि पड़ोसी ड्रोन 360° ÷ 12 = 30° पर होता है।
नेटवर्क से तालमेल
ड्रोन रेडियो नेटवर्क से नियंत्रक (ज़मीन का कंप्यूटर) से बात करते हैं। नियंत्रक तीन काम करता है:
- हर ड्रोन को उसकी जगहों की सूची भेजता है,
- एक शुरुआती संकेत भेजता है ताकि सब साथ शुरू हों (साझा घड़ी),
- हर ड्रोन से उसकी जगह और बैटरी सुनता है।
किसी ड्रोन का लिंक टूटे तो सुरक्षा का नियम है: वहीं रुके या उतर जाए, ताकि किसी से न टकराए।
सुरक्षा और जाँच
पहले स्क्रीन पर (सिमुलेशन) जाँचें। ड्रोन सुरक्षित दूरी पर रखें। नियम और मालिक की अनुमति वाली जगह ही उड़ाएँ और लोगों को उड़ान क्षेत्र से दूर रखें।
undefined
undefinedमुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- जगह = (x, y, ऊँचाई)
- घेरे में ड्रोनों के बीच कोण = 360° ÷ ड्रोनों की संख्या
- एक साझा संकेत = सब साथ चलते हैं
- लिंक टूटा → रुको या उतरो
हल किए गए उदाहरण
1. 12 ड्रोन घेरा बनाते हैं। पड़ोसियों के बीच कोण कितना है?
360° ÷ 12 = 30°।
2. शो में रेखा (5 s), घेरा (8 s), तारा (7 s) है। शो कितना लंबा है?
5 + 8 + 7 = 20 सेकंड।
3. नियंत्रक एक ही संकेत क्यों भेजता है, ड्रोन एक-एक करके क्यों नहीं चलाता?
एक-एक करके चलाने पर सब अलग समय पर चलेंगे और आकार टूट जाएगा। एक संकेत से सब साथ चलते हैं।
आम गलतियाँ
- सोचना कि हर ड्रोन को कोई व्यक्ति उड़ाता है। प्रोग्राम उड़ाता है।
- ऊँचाई भूल जाना। एक ही x, y पर अलग ऊँचाई वाले ड्रोन अलग जगह हैं।
- मानना कि नेटवर्क आकार बनाता है। आकार संख्याएँ बनाती हैं; नेटवर्क समय देता है।
- ड्रोन बहुत पास रखना, तब छोटी भूल से टक्कर हो जाती है।