China 八年级(初二) Information Technology
अध्याय: 3
1. Module: IoT practice and exploration
Features and applications of the Internet of Things · Sensors and data collection · Networked control and feedback · Building a simple IoT system · IoT security and privacy
- इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT) – इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT) रोज़मर्रा की चीज़ों का ऐसा नेटवर्क है जिनमें सेंसर, छोटा कंप्यूटर और नेटवर्क कनेक्शन होता है, ताकि वे डेटा इकट्ठा करें, इंटरनेट पर भेजें और उस पर काम करें. सेंसर भौतिक बदलाव को डेटा बनाता है, माइक्रोकंट्रोलर उसे संसाधित करता है, नेटवर्क (Wi-Fi, ब्लूटूथ, ज़िगबी, 4G/5G, LoRa) उसे क्लाउड या ऐप तक ले जाता है, और एक्चुएटर आदेश को काम में बदलता है. IoT को तीन परतों में समझते हैं: संवेदन, नेटवर्क और ऐप्लिकेशन. यह सुविधा और ऊर्जा बचत देता है, पर मज़बूत गोपनीयता और सुरक्षा चाहिए.
- सेंसर: मशीनें दुनिया को कैसे महसूस करती हैं – सेंसर किसी भौतिक राशि (प्रकाश, तापमान, दूरी, नमी, ध्वनि, दाब) को विद्युत संकेत में बदलता है। एनालॉग सेंसर लगातार बदलता वोल्टेज देता है; ADC उसे संख्या में बदलता है जिसे कंप्यूटर समझता है। नियंत्रक संख्या को थ्रेशोल्ड (सीमा) से मिलाकर एक्चुएटर को, अक्सर रिले के ज़रिए, चालू-बंद करता है। तय समय पर बार-बार पढ़ना डेटा लॉगिंग है। अच्छे सेंसर की सही रेंज, संवेदनशीलता, शुद्धता और प्रतिक्रिया-समय होता है।
- नियंत्रण प्रणाली और फ़ीडबैक (Control Systems) – नियंत्रण प्रणाली किसी मशीन या प्रक्रम को हमारी इच्छा के अनुसार चलाती है। हर प्रणाली में इनपुट → प्रक्रम (नियंत्रक) → आउटपुट होता है। खुले लूप (open loop) में नियंत्रक परिणाम नहीं जाँचता (टाइमर वाला टोस्टर)। बंद लूप (closed loop) में सेंसर आउटपुट मापकर वापस भेजता है; नियंत्रक उसकी तुलना निर्धारित मान (set point) से करता है और त्रुटि ठीक करता है (थर्मोस्टैट, क्रूज़ कंट्रोल)। असली प्रणालियाँ सेंसर, नियंत्रक (इलेक्ट्रॉनिक परिपथ, माइक्रोकंट्रोलर या PLC) और एक्चुएटर (मोटर, हीटर, वाल्व, हवा वाले सिलिंडर) से बनती हैं। कई अब नेटवर्क से जुड़ी हैं (IoT, SCADA), ताकि दूर से देखी और चलाई जा सकें।
- साइबर सुरक्षा: ख़तरे और उनसे बचाव – साइबर सुरक्षा कंप्यूटर, नेटवर्क और डेटा की रक्षा करती है। इसके लक्ष्य हैं गोपनीयता, अखंडता और उपलब्धता (CIA त्रिक)। आम ख़तरे: मालवेयर, फ़िशिंग व सोशल इंजीनियरिंग, ब्रूट फ़ोर्स और डिनायल ऑफ़ सर्विस। बचाव: मज़बूत प्रमाणीकरण, कूटलेखन, फ़ायरवॉल, एंटी-मालवेयर, अपडेट, पहुँच नियंत्रण और बैकअप।
2. Module: Internet applications and innovation (review/extension)
Internet protocols and services · Data security and backup; passwords, encryption
- नेटवर्क प्रोटोकॉल और TCP/IP मॉडल – प्रोटोकॉल नियमों का एक तय सेट है, जिसे मानकर डिवाइस आपस में बात करते हैं। नेटवर्क का काम चार परतों (TCP/IP मॉडल) में बँटा है। एप्लिकेशन परत में ऐप के प्रोटोकॉल होते हैं: वेब पेज के लिए HTTP और HTTPS, ईमेल भेजने के लिए SMTP और सर्वर पर रखी ईमेल पढ़ने के लिए IMAP। ट्रांसपोर्ट परत (TCP) डेटा को नंबर वाले पैकेटों में तोड़ती है, जाँचती है और खोए पैकेट दोबारा भेजती है। इंटरनेट परत (IP) पता जोड़ती है और रास्ता चुनती है। लिंक परत बिट्स को तार (Ethernet) या रेडियो (Wi-Fi) से भेजती है। नीचे जाते समय हर परत एक हेडर जोड़ती है, ऊपर आते समय हटाती है। परतों से नेटवर्क बनाना और बदलना आसान होता है।
- साइबर सुरक्षा: ख़तरे और उनसे बचाव – साइबर सुरक्षा कंप्यूटर, नेटवर्क और डेटा की रक्षा करती है। इसके लक्ष्य हैं गोपनीयता, अखंडता और उपलब्धता (CIA त्रिक)। आम ख़तरे: मालवेयर, फ़िशिंग व सोशल इंजीनियरिंग, ब्रूट फ़ोर्स और डिनायल ऑफ़ सर्विस। बचाव: मज़बूत प्रमाणीकरण, कूटलेखन, फ़ायरवॉल, एंटी-मालवेयर, अपडेट, पहुँच नियंत्रण और बैकअप।
3. Cross-disciplinary theme: Internet-smart design
Online digital weather station · Networked drone show · Introducing my school to the world
- ऑनलाइन डिजिटल मौसम केंद्र – डिजिटल मौसम केंद्र में सेंसर (तापमान, हवा, वर्षा), एक छोटा बोर्ड, वाई-फाई और क्लाउड सर्वर होते हैं। बोर्ड सेंसर को संख्या में बदलता है, वाई-फाई से सर्वर को भेजता है और वेब पेज उसे सबको दिखाता है। क्रम: नापो, पढ़ो, भेजो, दिखाओ।
- नेटवर्क वाला ड्रोन शो – ड्रोन शो में कई छोटे ड्रोन आसमान में चित्र बनाते हैं। प्रोग्राम हर ड्रोन को समय के साथ जगहों (x, y, ऊँचाई) की सूची देता है। नेटवर्क से नियंत्रक सबको एक ही शुरुआती संकेत भेजता है, इसलिए सब साथ चलते हैं। किसी का लिंक टूटे तो वह रुक जाता है या सुरक्षित उतरता है।
- दुनिया को अपने स्कूल से मिलवाएँ – स्कूल को ऑनलाइन दिखाने के लिए पेज की योजना (नाम, फ़ोटो, छोटा लेख, मेन्यू) बनाएँ, वेबसाइट टूल या मीडिया पोस्ट से बनाएँ, प्रकाशित करें और लिंक साझा करें। सिर्फ़ सुरक्षित चीज़ें साझा करें। पासवर्ड, घर का पता और निजी फ़ोटो कभी साझा न करें, और किसी का चेहरा या नाम दिखाने से पहले अनुमति लें।