संवर्धन क्या है?
संवर्धन (promotion) विपणन का वह हिस्सा है जो ग्राहकों को जानकारी देता है, ख़रीदने के लिए मनाता है, और बाद में याद दिलाता है। कंपनी जिन औज़ारों का मेल इस्तेमाल करती है उसे संवर्धन मिश्रण कहते हैं।
चार मुख्य औज़ार: विज्ञापन, व्यक्तिगत विक्रय, विक्रय संवर्धन, और प्रचार / जनसंपर्क।
विज्ञापन और विज्ञापन के माध्यम
विज्ञापन एक पहचाने हुए प्रायोजक का पैसे देकर दिया गया, अव्यक्तिगत संदेश है, जो जन-माध्यमों से जाता है।
मुख्य माध्यम
| माध्यम | किसके लिए अच्छा | कमी |
|---|---|---|
| अख़बार | स्थानीय पहुँच, जल्दी छपता है | छोटा जीवन, छपाई साधारण |
| पत्रिका | ख़ास पाठक, अच्छे रंग | धीमी, महँगी |
| टेलीविज़न | देखना + सुनना, बहुत बड़ी पहुँच | बहुत महँगा |
| रेडियो | सस्ता, गाँवों तक | सिर्फ़ आवाज़ |
| बाहरी (होर्डिंग, बसें) | बार-बार दिखता है | छोटा संदेश ही |
| डिजिटल (वेबसाइट, सोशल मीडिया, सर्च) | ख़ास समूह तक, नतीजे नापे जा सकते हैं | ऐड-ब्लॉक, भीड़ |
फ़ायदे: बहुत लोगों तक, प्रति व्यक्ति कम ख़र्च, ब्रांड छवि बनती है। कमियाँ: कुल ख़र्च ज़्यादा, सीधी प्रतिक्रिया नहीं, लोग अनदेखा कर सकते हैं।
व्यक्तिगत विक्रय
व्यक्तिगत विक्रय यानी विक्रेता और ग्राहक के बीच आमने-सामने (या एक-से-एक) बातचीत, बिक्री के लिए।
कदम
- संभावित ग्राहक ढूँढना
- तैयारी (ग्राहक के बारे में जानना)
- संपर्क करना
- प्रस्तुति और प्रदर्शन
- सवालों और शंकाओं का जवाब
- बिक्री पक्की करना
- बाद में हालचाल लेना
फ़ायदे: लचीला, तुरंत प्रतिक्रिया, भरोसा बनता है, महँगी या जटिल चीज़ों के लिए अच्छा (कार, बीमा, मशीनें)। कमियाँ: प्रति ग्राहक महँगा, कम लोगों तक।
अच्छे विक्रेता के गुण
अच्छा व्यवहार, उत्पाद की जानकारी, धैर्य, ईमानदारी और ध्यान से सुनना।
विक्रय संवर्धन
विक्रय संवर्धन यानी थोड़े समय के ऑफ़र जो लोगों को अभी ख़रीदने को प्रेरित करें।
- छूट और कैशबैक
- कूपन
- "एक के साथ एक मुफ़्त" और मात्रा वाले सौदे
- मुफ़्त नमूने और उपहार
- प्रतियोगिताएँ और लकी ड्रॉ
- पुराने के बदले नया (एक्सचेंज)
- लॉयल्टी पॉइंट
फ़ायदे: बिक्री में तुरंत उछाल, नया उत्पाद शुरू करने और पुराना माल निकालने में मदद। कमियाँ: असर थोड़े समय का; बहुत ज़्यादा ऑफ़र से ग्राहक गुणवत्ता पर शक करें या अगले ऑफ़र का इंतज़ार करें।
प्रचार और जनसंपर्क
प्रचार (publicity) यानी मीडिया में उत्पाद या कंपनी की ख़बर, जिसके लिए कंपनी पैसे नहीं देती। जैसे साफ़ पानी की मशीन बनाने वाले स्टार्ट-अप पर समाचार।
जनसंपर्क (PR) जनता के साथ साख बनाने की योजनाबद्ध कोशिश है: प्रेस विज्ञप्ति, कार्यक्रम, सामाजिक काम, बुरी ख़बर को ठीक से संभालना।
| विज्ञापन | प्रचार | |
|---|---|---|
| पैसे लगते हैं? | हाँ | नहीं |
| संदेश पर नियंत्रण | पूरा | नहीं |
| भरोसा | कम | ज़्यादा |
| नकारात्मक हो सकता है? | नहीं | हाँ |
सही मिश्रण चुनना
सबसे अच्छा मिश्रण इन पर निर्भर करता है:
- उत्पाद: सस्ती रोज़ की चीज़ें → विज्ञापन + विक्रय संवर्धन; महँगी तकनीकी चीज़ें → व्यक्तिगत विक्रय।
- बाज़ार: दूर-दूर फैले बहुत ग्राहक → विज्ञापन; कुछ बड़े ग्राहक → व्यक्तिगत विक्रय।
- बजट: छोटी कंपनियाँ प्रचार और डिजिटल विज्ञापन पर निर्भर रह सकती हैं।
- जीवन चक्र की अवस्था: शुरुआत में जागरूकता; परिपक्वता में याद दिलाना और ऑफ़र।
खुद करो
छठे कदम में पहले पूरे 100 विज्ञापन पर रखो, फिर पूरे 100 व्यक्तिगत विक्रय पर। पहुँच और गहराई की तुलना करो। फिर ऐसा मेल ढूँढो जिसमें दोनों 40% से ऊपर हों। आख़िर में आज अपने आसपास के तीन विज्ञापन देखो और बताओ हर एक कौन-सा औज़ार है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- संवर्धन मिश्रण = विज्ञापन + व्यक्तिगत विक्रय + विक्रय संवर्धन + प्रचार/जनसंपर्क
- विज्ञापन = पैसे से, अव्यक्तिगत, जन-माध्यम, पहचाना प्रायोजक
- व्यक्तिगत विक्रय = आमने-सामने, दो-तरफ़ा, कम ग्राहक
- विक्रय संवर्धन = अभी ख़रीदने के लिए थोड़े समय के ऑफ़र
- प्रचार = बिना पैसे की मीडिया ख़बर; जनसंपर्क = योजना से साख बनाना
- प्रति व्यक्ति ख़र्च = कुल विज्ञापन ख़र्च ÷ पहुँचे लोग
हल किए गए उदाहरण
1. एक बीमा कंपनी एजेंटों को परिवारों के घर जाकर पॉलिसी समझाने का प्रशिक्षण देती है। कौन-सा औज़ार?
व्यक्तिगत विक्रय: जटिल उत्पाद को एक-से-एक समझाना।
2. एक शैंपू ब्रांड एक हफ़्ते तक अख़बार के साथ 10 ml का मुफ़्त पाउच देता है। कौन-सा औज़ार?
विक्रय संवर्धन (मुफ़्त नमूना)।
3. एक टीवी विज्ञापन ₹50,00,000 का है और 2,00,00,000 लोगों तक पहुँचता है। प्रति व्यक्ति ख़र्च?
50,00,000 ÷ 2,00,00,000 = ₹0.25 प्रति व्यक्ति (25 पैसे)।
4. अख़बार ने 10,000 पेड़ लगाने वाली स्थानीय कंपनी की तारीफ़ में ख़बर छापी। कंपनी ने पैसे नहीं दिए। कौन-सा औज़ार?
प्रचार (जनसंपर्क का हिस्सा)।
आम गलतियाँ
- हर संवर्धन को "विज्ञापन" कहना। विज्ञापन सिर्फ़ पैसे वाला जन-माध्यम औज़ार है।
- यह सोचना कि प्रचार हमेशा अच्छा होता है। यह नकारात्मक भी हो सकता है और कंपनी के हाथ में नहीं।
- यह सोचना कि विक्रय संवर्धन लंबी वफ़ादारी बनाता है। इसका असर ज़्यादातर थोड़े समय का है।
- सस्ती रोज़ की चीज़ों के लिए व्यक्तिगत विक्रय चुनना। प्रति ग्राहक बहुत महँगा पड़ता है।