आरक्षण प्रणाली की ज़रूरत क्यों पड़ी?
कंप्यूटर से पहले एयरलाइनें सीटों का हिसाब कार्ड और काग़ज़ पर रखती थीं। एजेंट फ़ोन या टेलेक्स से सीट पूछते थे। काम धीमा था और एक ही सीट दो बार बिक सकती थी।
1960 में अमेरिकन एयरलाइंस और IBM ने SABRE शुरू किया, जो सीटों का हिसाब लाइव रखने वाले शुरुआती कंप्यूटर सिस्टम में से एक था। जल्द ही दूसरी एयरलाइनों ने भी अपने सिस्टम बनाए।
कंप्यूटर आरक्षण प्रणाली (CRS)
CRS वह कंप्यूटर सिस्टम है जिससे कोई एक आपूर्तिकर्ता (एयरलाइन, होटल चेन, कार किराया कंपनी या रेलवे) अपना माल रखता और बेचता है: सीटें, कमरे या कारें, उनकी कीमतों के साथ।
- यह उपलब्धता दिखाता है (हर श्रेणी में कितनी सीटें बचीं)।
- यह किराए और नियम रखता है।
- यह बुकिंग सँभालता है।
भारत का उदाहरण: भारतीय रेल अपनी सीटें अपनी यात्री आरक्षण प्रणाली (PRS) से बेचती है, जिसे CRIS ने बनाया है। यह रेलवे की CRS है।
वैश्विक वितरण प्रणाली (GDS)
GDS सैकड़ों आपूर्तिकर्ताओं की CRS को जोड़ता है और दुनिया भर के विक्रेताओं को एक ही स्क्रीन पर दिखाता है। वितरण का मतलब है उत्पाद को ख़रीदार तक पहुँचाना।
कौन जुड़े हैं?
- आपूर्तिकर्ता: एयरलाइन, होटल, कार किराया, कुछ रेलवे, क्रूज़ और टूर ऑपरेटर।
- विक्रेता: ट्रैवल एजेंट, ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियाँ (OTA), कंपनियों की ट्रैवल डेस्क।
तीन बड़ी कंपनियाँ
Amadeus (यूरोप में शुरू), Sabre (अमेरिका में शुरू) और Travelport (जो Galileo और Worldspan चलाती है)।
GDS क्या-क्या करता है?
- लाइव उपलब्धता दिखाना और एयरलाइनों के किराए की तुलना।
- बुकिंग करना और PNR बनाना।
- ई-टिकट जारी करना।
- उसी यात्रा में होटल, कार, बीमा और सीट की माँग जोड़ना।
PNR, शुल्क और फ़ायदे
PNR (पैसेंजर नेम रिकॉर्ड)
PNR बुकिंग का रिकॉर्ड है। इसे एक छोटा कोड मिलता है, आम तौर पर 6 अक्षर-अंक। इसके पाँच ज़रूरी भाग PRINT बनाते हैं: Phone (संपर्क), Received from (बुकिंग किसने माँगी), Itinerary (यात्रा कार्यक्रम: फ़्लाइट, तारीख़ें), Name (हर यात्री का नाम), Ticketing (टिकट की जानकारी)।
पैसे कौन देता है?
आम तौर पर आपूर्तिकर्ता हर बुक किए गए हिस्से (सेगमेंट) पर GDS को बुकिंग शुल्क देता है। GDS उसका कुछ भाग एजेंट को प्रोत्साहन के रूप में दे सकता है।
फ़ायदे
- एजेंट: बहुत से आपूर्तिकर्ता एक स्क्रीन पर, जल्दी तुलना, तुरंत पुष्टि।
- आपूर्तिकर्ता: हर देश में दफ़्तर खोले बिना विक्रेताओं तक पहुँच।
- यात्री: लाइव कीमतें और ऐसी बुकिंग जो सब देख सकें।
आज
कुछ एयरलाइनें अब नए सीधे कनेक्शन (जैसे NDC) से भी एजेंटों को बेचती हैं। GDS भी इन्हें जोड़ रहे हैं।
करके देखिए: घर पर किसी पुराने फ़्लाइट या ई-टिकट में PNR कोड और यात्रा कार्यक्रम वाला हिस्सा ढूँढिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- CRS: एक आपूर्तिकर्ता की अपनी बुकिंग प्रणाली
- GDS: बहुत-सी CRS को बहुत से विक्रेताओं से जोड़ने वाला नेटवर्क
- PNR: पैसेंजर नेम रिकॉर्ड (बुकिंग रिकॉर्ड)
- PRINT: Phone, Received from, Itinerary, Name, Ticketing
- तीन बड़े GDS: Amadeus, Sabre, Travelport
हल किए गए उदाहरण
1. एक एयरलाइन का सिस्टम सिर्फ़ उसकी अपनी सीटें बेचता है। यह CRS है या GDS?
CRS। इसमें एक आपूर्तिकर्ता का माल है। GDS से जुड़ने पर ही यह दुनिया भर में दिखता है।
2. एजेंट एक ग्राहक के लिए पेरिस की फ़्लाइट, होटल और कार बुक करता है। GDS कैसे मदद करता है?
एजेंट तीनों आपूर्तिकर्ता एक स्क्रीन पर देखता है, साथ में बुक करता है और तीनों एक PNR में जाते हैं।
3. PNR में यात्री का फ़ोन नंबर नहीं है। क्या होगा?
PNR पूरा नहीं होगा। फ़ोन (संपर्क) PRINT के ज़रूरी भागों में है।
4. केरल की कोई होटल चेन GDS से क्यों जुड़े?
तब कई देशों के एजेंट उसके कमरे देख और बुक कर सकेंगे, बिना विदेशी दफ़्तर खोले बिक्री बढ़ेगी।
आम गलतियाँ
- CRS और GDS को एक समझना। CRS एक आपूर्तिकर्ता की है; GDS बहुतों को जोड़ता है।
- यह मानना कि यात्री सीधे GDS शुल्क देता है। आम तौर पर आपूर्तिकर्ता हर बुकिंग पर देता है।
- PNR को टिकट समझना। PNR बुकिंग रिकॉर्ड है; टिकट उसके आधार पर जारी होता है।
- सोचना कि GDS सिर्फ़ फ़्लाइट के लिए है। इसमें होटल, कार, रेल और बहुत कुछ है।