टारगेट-टाइप खेल क्या है?
टारगेट-टाइप खेल वह खेल है जिसमें आप किसी चीज़ को निशाने की ओर भेजते हैं। चीज़ गेंद, पत्थर या तीर हो सकती है। अंक इस पर मिलते हैं कि वह निशाने के कितना पास रुकी या निशाने पर लगी या नहीं।
दोनों टीमें एक-दूसरे को छूती नहीं। सब बारी-बारी से खेलते हैं। उदाहरण: गोल्फ, बाउल्स, कर्लिंग, टेन-पिन बोलिंग, तीरंदाज़ी, बोची और क्रोके।
कौशल: निशाना, ताकत और दिशा
निशाना (Aim)
निशाने को देखो और तय करो कि चीज़ को कहाँ रोकना है।
ताकत (Power)
कम ताकत: चीज़ पहले रुक जाती है। ज़्यादा ताकत: आगे निकल जाती है। अभ्यास करो ताकि सही ताकत का अंदाज़ा हो जाए।
दिशा (Direction)
शुरू में ज़रा सा मुड़ना, अंत में बड़ी चूक बन जाता है। शरीर को निशाने की सीध में रखो।
और क्या देखें
ज़मीन का ढलान, हवा, और सतह कितनी खुरदरी या चिकनी है। इनसे चीज़ की दूरी और सीधाई बदल जाती है।
रणनीति: गार्ड और टेक-आउट
खिलाड़ी आगे की सोचते हैं। गार्ड वह चीज़ है जो निशाने के सामने रखी जाती है ताकि दूसरी टीम सीधा न फेंक सके। कर्ल या ड्रॉ चीज़ को गार्ड के पास से घुमाकर ले जाता है। टेक-आउट तेज़ थ्रो है जो दूसरी टीम की चीज़ को हटा देता है। आगे हो तो सुरक्षित शॉट खेलो, पीछे हो तो साहसी शॉट।
खेल में भाग लेने के कई तरीके
- खेलो: मज़े के लिए या टीम में, अपने स्तर पर।
- योजना बनाओ: ज़मीन देखो और शॉट चुनो, जैसे कप्तान या स्किप।
- स्कोर और नाप: स्कोर-शीट भरो और नापो कि कौन सी चीज़ सबसे पास है।
- रेफरी बनो: नियम जानो और निष्पक्ष रहो।
- कोच और समर्थन: सुझाव दो और अपनी टीम का हौसला बढ़ाओ।
- देखो और सीखो: मैच देखो और रणनीति पहचानो।
- आयोजन में मदद: जगह तैयार करो और उसे सुरक्षित रखो।
हर किसी के लिए कोई न कोई भूमिका है, चाहे उम्र या शरीर कैसा भी हो। बोची जैसे कई खेल सब क्षमताओं के लिए बने हैं।
करके देखो
घर या स्कूल में: चॉक से निशाना बनाओ: छोटा केंद्र और दो घेरे। 3 कदम दूर खड़े होकर गेंद लुढ़काओ या बीन बैग फेंको, पाँच बार। अंक गिनो। फिर सिर्फ़ एक चीज़ बदलो (ताकत या दिशा) और पाँच बार और करो। किस बदलाव से ज़्यादा फ़ायदा हुआ?
3D में: चरण 6 पर जाओ, पहले अपने अंक का अनुमान लगाओ, फिर "फेंको" दबाकर जाँचो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य बात: निशाने के जितना पास, उतने ज़्यादा अंक
- A-P-D: निशाना (Aim), ताकत (Power), दिशा (Direction)
- गार्ड = सीधा रास्ता रोकता है; कर्ल/ड्रॉ = उसके पास से जाता है; टेक-आउट = उसे हटा देता है
- उदाहरण: गोल्फ, बाउल्स, कर्लिंग, बोलिंग, तीरंदाज़ी, बोची, क्रोके
- भाग लेने के तरीके: खेलना, योजना, स्कोर, रेफरी, कोच, समर्थन, देखना, आयोजन
हल किए गए उदाहरण
1. 3D के निशाने में घेरों के अंक 10, 5, 3 और 1 हैं। गेंद 5 अंक वाले घेरे में रुकी। कितने अंक मिले?
5 अंक।
2. तुमने 3 बार फेंका और 10, 3 और 0 अंक मिले। कुल कितने अंक हुए?
10 + 3 + 0 = 13 अंक।
3. दोस्त की गेंद बार-बार निशाने से पहले रुक जाती है। उसे सबसे पहले क्या बदलना चाहिए?
ताकत। पहले रुकने का मतलब कम ताकत है, इसलिए थोड़ा तेज़ फेंको।
4. एक गार्ड निशाने का सीधा रास्ता रोक रहा है। इससे निपटने के दो तरीके बताओ।
गेंद को घुमाकर (कर्ल या ड्रॉ) गार्ड के पास से निकालो, या तेज़ टेक-आउट से गार्ड को हटा दो।
5. जो खेलता नहीं, वह भी टारगेट गेम में किन तीन तरीकों से भाग ले सकता है?
स्कोर रखकर, रेफरी या कोच बनकर, टीम का समर्थन करके, या मैच के आयोजन में मदद करके।
6. दो गेंदें केंद्र से 20 सेमी और 35 सेमी दूर रुकीं। कौन अंक पाएगी?
20 सेमी वाली, क्योंकि वह केंद्र के ज़्यादा पास है।
आम गलतियाँ
- हर बार एक जैसी ताकत लगाना। दूरी और सतह बदलती है, इसलिए ताकत भी बदलो।
- निशाना साधते समय गेंद को देखना, निशाने को नहीं।
- यह सोचना कि सिर्फ़ खिलाड़ी ही खेल में भाग लेते हैं। स्कोरर, रेफरी, कोच और दर्शक भी ज़रूरी हैं।
- हमेशा साहसी टेक-आउट खेलना। कभी-कभी सुरक्षित ड्रॉ से ज़्यादा अंक मिलते हैं।