काम के लिए जानकारी जुटाना
हर नर्सिंग काम तथ्यों से शुरू होता है। स्रोत ये हैं: मरीज़ (पूछो और सुनो), अपनी आँखें और माप (देखो, तापमान लो), परिवार, रिकॉर्ड और दूसरे स्टाफ़। एक से ज़्यादा स्रोत इस्तेमाल करो। मरीज़ कह सकता है "मैं ठीक हूँ" जबकि चार्ट कहता है उसने कुछ नहीं खाया।
सिर्फ़ वही देखो जो देखने की इजाज़त है। मरीज़ के रिकॉर्ड निजी होते हैं। उतना ही देखो जितना काम के लिए चाहिए।
तथ्य छाँटना: काम के या बेकार
विश्लेषण (analysis) यानी तथ्य देखकर पूछना कि इस समस्या के लिए कौन-से मायने रखते हैं। हर तथ्य को दो समूहों में रखो: काम का या बेकार। जाँचो: क्या यह सच है? क्या नया है? क्या इसी मरीज़ के बारे में है? पिछले साल की बात पुरानी हो सकती है। अफ़वाह तथ्य नहीं है।
पैटर्न खोजो। आधा खाना बचा, दाँत में दर्द और उदास चेहरा, ये साथ मिलकर एक कारण की ओर इशारा करते हैं।
तथ्यों से हल तक
अब सोचो: कारण क्या हो सकता है और हम क्या कर सकते हैं? एक-दो संभव हल लिखो, फिर तथ्यों से मेल खाता सबसे सुरक्षित हल चुनो। हमारे उदाहरण में हल है "डॉक्टर से दाँत की जाँच कराओ और तब तक नरम खाना दो"। हमेशा बताओ कौन क्या करेगा और दोबारा कब जाँचेंगे। पक्का न हो तो काम करने से पहले वरिष्ठ नर्स या डॉक्टर से पूछो।
जानकारी भेजने के तरीक़े
अच्छा हल तब बेकार है जब कोई समझे ही नहीं। जानकारी ऐसे भेजो कि वह साफ़, छोटी, सही और निजी रहे।
- आमने-सामने या फ़ोन जल्दी की ख़बर के लिए। अपना नाम, मरीज़, समस्या, तुमने क्या किया और क्या मदद चाहिए, यह बताओ।
- लिखे नोट और चार्ट उन बातों के लिए जो दूसरे बाद में पढ़ेंगे। तथ्य, तारीख़-समय लिखो और दस्तख़त करो।
- डिजिटल रिकॉर्ड पूरी टीम के लिए। अपना ही लॉगिन इस्तेमाल करो। पासवर्ड कभी साझा मत करो।
एक आसान क्रम काम आता है: कौन? क्या? क्यों? कौन-सी मदद? व्यक्ति और ज़रूरी गति के हिसाब से तरीक़ा चुनो। मरीज़ के नाम या फ़ोटो निजी चैट ऐप पर कभी न भेजो।
करके देखो: छोटी समस्या हल करो
घर की कोई समस्या लो, जैसे "दादाजी शाम की सैर छोड़ देते हैं"। छह तथ्य लिखो। काम के तथ्यों पर निशान लगाओ। हल एक वाक्य में और परिवार के लिए दो पंक्ति का संदेश लिखो। फिर 3D ट्रे से अपनी छँटाई जाँचो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- जुटाओ → छाँटो → हल → भेजो
- संदेश का क्रम: कौन? क्या? क्यों? कौन-सी मदद?
- मुख्य शब्द: विश्लेषण = तथ्य छाँटकर कारण खोजना
- मुख्य शब्द: निजता = मरीज़ की बातें सिर्फ़ उन्हें बताना जिन्हें ज़रूरत है
हल किए गए उदाहरण
1. खड़े होने पर मरीज़ को चक्कर आता है। तथ्य: रक्तचाप गिरा, नाश्ता नहीं किया, टीवी तेज़ है, कल नई गोली शुरू हुई, नर्स का बैग नीला है। छाँटो।
काम के: रक्तचाप गिरा, नाश्ता नहीं किया, नई गोली। बेकार: तेज़ टीवी, बैग का रंग। काम के तथ्य कम रक्तचाप की ओर इशारा करते हैं, इसलिए उसे बिठाओ, रक्तचाप फिर नापो और डॉक्टर को नई गोली के बारे में बताओ।
2. दादी के बारे में डॉक्टर को चार पंक्तियों का संदेश लिखो।
कौन: "नर्स आशा, वार्ड 2, श्रीमती देवी के बारे में।" क्या: "दो दिन से आधा खाना छोड़ रही हैं।" क्यों: "दाँत में दर्द है और गोली बदली गई है।" मदद: "कृपया आज दाँत और गोली देख लें।"
3. काम करने से पहले एक से ज़्यादा स्रोत क्यों जाँचें?
एक स्रोत ग़लत या पुराना हो सकता है। मरीज़ कहे "खाया" और चार्ट ख़ाली हो तो कोई एक ग़लत है। दो स्रोत मेल खाएँ तो फ़ैसला ज़्यादा सुरक्षित होता है।
आम गलतियाँ
- पहला तथ्य देखकर ही काम कर देना, और तथ्य जुटाए बिना।
- सारे तथ्य रख लेना, जिससे असली कारण शोर में खो जाता है।
- लंबा, उलझा संदेश भेजना जिसमें साफ़ माँग न हो।
- मरीज़ की जानकारी निजी चैट ऐप पर भेजना या किसी और का लॉगिन इस्तेमाल करना।