साँस और रक्त संचार
साँस (श्वसन) के विकार जैसे दमा, निमोनिया और सीओपीडी में खाँसी और दम फूलता है। नर्स साँस की दर गिनती है, ऑक्सीजन जाँचती है, व्यक्ति को सीधा बैठाती है, आदेश के अनुसार ऑक्सीजन या इनहेलर देती है और साँस के व्यायाम सिखाती है।
संचार के विकार जैसे उच्च रक्तचाप, हृदय की विफलता और दिल का दौरा हृदय और नसों पर असर डालते हैं। नर्स नाड़ी और रक्तचाप नापती है, सीने के दर्द और सूजन पर नज़र रखती है, नमक कम कराती है और दवा व गतिविधि सिखाती है।
पाचन, पोषण, चयापचय और हार्मोन
पाचन और अवशोषण के विकार (अल्सर, दस्त, कब्ज़, जिगर की बीमारी): नर्स दर्द, उल्टी और मल देखती है, उचित भोजन देती है और पानी की कमी रोकती है।
पोषण और चयापचय के विकार (मधुमेह, मोटापा, कुपोषण): भोजन की योजना, शुगर जाँच, वज़न की देखभाल और लंबे समय की शिक्षा।
हार्मोन (अंतःस्रावी) विकार (थायरॉइड, मधुमेह): समय पर दवा, थकान, वज़न और मूड पर नज़र।
शरीर की रक्षा, तरल संतुलन और पेशाब
रक्षा के विकार (संक्रमण, एलर्जी, प्रतिरक्षा रोग): हाथ धोना, कीटाणुओं से बचाना, बुखार और दाने पर नज़र।
अंदरूनी वातावरण (तरल और नमक संतुलन) के विकार, जैसे गुर्दे की विफलता: अंदर जाने वाला तरल और पेशाब की मात्रा दर्ज करना, रोज़ वज़न लेना, सूजन देखना।
पेशाब के विकार (संक्रमण, रिसाव, रुकावट): गोपनीयता, त्वचा की देखभाल, मूत्राशय की आदतें, तरल की सलाह।
मस्तिष्क, इंद्रियाँ और गति
मस्तिष्क और नसों के विकार (लकवा, मिर्गी, मनोभ्रंश): होश, बोली और अंगों की ताकत जाँचना, सुरक्षित रखना, पुनर्वास में मदद।
इंद्रियों के विकार (कम दिखना या सुनना): साफ़ बोलना, अच्छी रोशनी, चलने में मार्गदर्शन, चोट से बचाव।
गति के विकार (फ्रैक्चर, गठिया, कमज़ोर मांसपेशियाँ): सुरक्षित हिलाना-डुलाना, बार-बार करवट, व्यायाम में सहारा, बिस्तर के घाव रोकना।
प्रजनन और स्तन के विकार
इनमें मासिक धर्म की समस्याएँ, संक्रमण और स्तन में गाँठ आती हैं। नर्स ध्यान से सुनती है, गोपनीयता रखती है, स्वयं जाँच और डॉक्टर के पास कब जाना है, यह सिखाती है और व्यक्ति की भावनाओं को सहारा देती है।
करके देखिए
3D में एक कार्य दबाइए और ज़ोर से बोलिए: क्या बिगड़ा, नर्स क्या देखती है, कैसे राहत देती है, क्या सिखाती है। तीन कार्य कीजिए। घर पर: पता कीजिए कि परिवार के किसी बुज़ुर्ग को 12 में से किस कार्य में दिक्कत है और वे कैसे सँभालते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- 12 कार्य: साँस, संचार, पाचन, पोषण/चयापचय, तरल संतुलन, हार्मोन, रक्षा, मस्तिष्क/नसें, इंद्रियाँ, गति, पेशाब, प्रजनन/स्तन
- नर्सिंग का ढाँचा: देखो → राहत दो → सिखाओ
- तरल संतुलन: अंदर गया − बाहर निकला (दोनों दर्ज कीजिए)
हल किए गए उदाहरण
1. एक आदमी का दम फूल रहा है। नर्सिंग के तीन काम बताइए।
साँस की दर गिनना और ऑक्सीजन जाँचना; बिस्तर का सिरा ऊँचा करना; आदेश के अनुसार ऑक्सीजन या इनहेलर देना। बाद में साँस के व्यायाम सिखाना।
2. गुर्दे की विफलता वाले मरीज़ ने 1200 mL पिया और 800 mL पेशाब हुआ। संतुलन क्या है और दर्ज क्यों करते हैं?
1200 − 800 = +400 mL। बढ़ता धन का अंक बताता है कि शरीर तरल रोक रहा है और सूजन आ सकती है, इसलिए नर्स बताती है।
3. लकवे के बाद महिला का दायाँ पैर कमज़ोर है और बोली अस्पष्ट है। नर्सिंग में क्या आता है?
होश, बोली और ताकत जाँचना; गिरने से बचाव; सुरक्षित हिलाना-डुलाना व करवट; बोलने-चलने का अभ्यास; परिवार को सिखाना।
आम गलतियाँ
- सब मरीज़ों के लिए एक ही दिनचर्या अपनाना। हर कार्य का अलग ध्यान चाहिए।
- गुर्दे के विकार में तरल अंदर-बाहर दर्ज करना भूलना।
- कम दिखने वाले से ज़ोर से बोलना। इसकी जगह साफ़ शब्द और अच्छी रोशनी रखिए।
- सिखाना छोड़ देना। ज़्यादातर कार्य-विकार लंबे चलते हैं।