Germany Jahrgangsstufe 10 Physics
अध्याय: 5
1. Electromagnetism
Electromagnetism
- विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव – जिस तार में विद्युत धारा बहती है, उसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र बन जाता है। सीधे तार के चारों ओर यह वृत्तों में होता है, वृत्ताकार लूप के केंद्र पर लगभग सीधा होता है, और परिनालिका के अंदर एकसमान होता है, जिससे परिनालिका छड़ चुंबक जैसी बन जाती है।
2. Conservation of momentum in mechanics
Conservation of momentum
- तीसरा नियम, संवेग संरक्षण और बलों का संतुलन – बल हमेशा जोड़े में होते हैं: A ने B पर बल लगाया तो उसी पल B भी A पर बराबर और उलटा बल लगाता है (तीसरा नियम)। यह जोड़ा अलग-अलग वस्तुओं पर लगता है। जिस निकाय पर कोई नेट बाहरी बल न हो, उसका कुल रैखिक संवेग स्थिर रहता है; इससे प्रतिक्षेप, रॉकेट और टक्करें समझ आती हैं। कोई कण संतुलन में है जब उस पर सारे बलों का योग शून्य हो; संतुलन वाले तीन संगामी बल एक बंद त्रिभुज बनाते हैं।
3. Modelling motion in physics
Describing and modelling motion
- सरल रेखा में गति (कक्षा 11) – गति बताने के लिए पहले संदर्भ तंत्र चुनते हैं: एक मूल बिंदु, एक दिशा और एक घड़ी। स्थिति x समय t के साथ बदलती है। वेग v = dx/dt, यानी x–t ग्राफ की ढाल; त्वरण a = dv/dt, यानी v–t ग्राफ की ढाल। v–t ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल = विस्थापन। a स्थिर हो तो: v = u + at, x = ut + ½at², v² = u² + 2as।
4. Nuclear physics
Nuclear physics and radioactivity
- रेडियोधर्मिता: अल्फ़ा, बीटा, गामा और अर्ध-आयु – कुछ परमाणुओं के नाभिक अस्थायी होते हैं। वे स्थायी बनने के लिए अपने आप, यादृच्छिक ढंग से विकिरण छोड़ते हैं। इसे रेडियोधर्मी क्षय कहते हैं। अल्फ़ा (2 प्रोटॉन + 2 न्यूट्रॉन), बीटा (तेज़ इलेक्ट्रॉन) और गामा (ऊर्जा की तरंग) मुख्य तीन प्रकार हैं। अर्ध-आयु वह समय है जिसमें आधे अस्थायी नाभिक क्षय हो जाते हैं।
5. Profile area (science-technology school)
Semiconductor components · Physics extension projects
- अर्धचालक और p-n संधि डायोड – अर्धचालक में ऊर्जा अंतराल छोटा (लगभग 1 eV) होता है, इसलिए थोड़ी गर्मी से कुछ इलेक्ट्रॉन मुक्त हो जाते हैं। शुद्ध सिलिकॉन नैज है (इलेक्ट्रॉन = होल)। 5 संयोजकता वाला परमाणु मिलाने से n-प्रकार, 3 वाला मिलाने से p-प्रकार बनता है। p और n जोड़ने पर ह्रास परत और लगभग 0.7 V का विभव प्राचीर बनता है। डायोड अग्र बायस में धारा चलाता है, पश्च में लगभग नहीं, इसलिए यह AC को DC में बदल सकता है।