France Première History-Geography, Geopolitics and Political Science
अध्याय: 5
1. Understanding democracy
Direct and representative democracy · Advances and setbacks of democracy · Conclusion: the EU and democracy
- लोकतंत्र – लोकतंत्र का मतलब है जनता का शासन। लोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में अपने शासक चुनते हैं, हर वयस्क का एक वोट होता है जिसका मूल्य बराबर है, और सरकार को कानून मानना और अधिकारों का सम्मान करना होता है। लोकतंत्र प्रत्यक्ष या प्रतिनिधि हो सकता है। भारत में लोकतंत्र की जड़ें पुरानी हैं; आज यहाँ संसदीय प्रणाली है, जबकि अमेरिका में अध्यक्षात्मक। गरीबी, निरक्षरता, भ्रष्टाचार और असमानता इसकी मुख्य चुनौतियाँ हैं।
- लोकतंत्र के परिणाम – लोकतंत्र को उसके नतीजों से परखते हैं। यह जवाबदेह, उत्तरदायी और वैध सरकार देता है और गरिमा व आज़ादी की रक्षा में सबसे अच्छा है। आर्थिक वृद्धि में यह तानाशाही जितना ही है। असमानता और गरीबी घटाने में इसने काफ़ी नहीं किया। जब बहुमत और अल्पमत बदलते रहें, तो यह सामाजिक मतभेद अच्छे से सँभालता है।
- यूरोपीय संघ – यूरोपीय संघ (EU) 27 यूरोपीय देशों का समूह है जो कुछ फ़ैसले और क़ानून साझा करते हैं। इसकी शुरुआत 1951 में हुई, जब छह देशों ने कोयला और इस्पात साझा किया ताकि उनके बीच युद्ध असंभव हो जाए। धीरे-धीरे यह एकल बाज़ार बना जहाँ सामान, लोग, सेवाएँ और पैसा आज़ादी से चलते हैं। आयोग क़ानून का प्रस्ताव रखता है, संसद और परिषद उसे पारित करते हैं, और न्यायालय देखता है कि उसका पालन हो। 21 सदस्य यूरो चलाते हैं। यूनाइटेड किंगडम 2020 में बाहर हो गया।
2. Dynamics of world powers
Rise and fall of powers · Soft power and indirect power · Conclusion: US power today
- भू-राजनीति: जगह से कैसे बनती है शक्ति – भू-राजनीति यह पढ़ती है कि भूगोल (स्थान, आकार, संसाधन, समुद्री मार्ग) देशों की शक्ति, उनकी होड़ और गठबंधनों को कैसे आकार देता है। शक्ति यानी दूसरों से अपनी बात मनवाने की क्षमता। हार्ड पावर बल या पैसे से काम करती है (सेना, अर्थव्यवस्था); सॉफ़्ट पावर आकर्षित करती है (संस्कृति, भाषा, विश्वविद्यालय, तकनीक)। शक्तियाँ उठती और गिरती हैं, जैसे ऑटोमन साम्राज्य, और 1991 के बाद रूस ने दोबारा खड़ा होने की कोशिश की। देश संसाधनों, क्षेत्र और रास्तों (जलडमरूमध्य, नए रेशम मार्ग) के लिए होड़ करते हैं, पर संधियों, गठबंधनों, अनन्य आर्थिक क्षेत्र, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन और खुले समुद्र की रक्षा में सहयोग भी करते हैं।
3. Political divisions: borders
Drawing borders: a geopolitical approach · Borders under debate · Conclusion: internal and external borders of the EU
- भू-राजनीति में सीमाएँ: रेखाएँ खींचना और उन पर बहस – सीमा वह रेखा है जो दो राज्यों की ज़मीन और अधिकारों को अलग करती है। साम्राज्य टूटने और नए देश बनने से सीमाएँ बढ़ी हैं। कुछ सीमाएँ नदी जैसी प्राकृतिक चीज़ों पर चलती हैं, कुछ काग़ज़ पर खींची सीधी रेखाएँ होती हैं। पुराने उदाहरण अलग मक़सद दिखाते हैं: राइन के किनारे रोमन लाइम्स साम्राज्य की रक्षा करता था; 1884 से 1885 के बर्लिन सम्मेलन ने बाहरी शक्तियों के बीच अफ्रीका के बँटवारे के नियम बनाए; कोरिया की सीमा 1953 में बनी भारी निगरानी वाली पट्टी है। सीमाओं पर बहस भी होती है: जर्मन-पोलिश सीमा आख़िर में संधियों से मानी गई, और समुद्र 12 मील के प्रादेशिक सागर, 200 मील के विशेष आर्थिक क्षेत्र और खुले समुद्र में बँटा है। सीमाएँ सीमा-पार जगहें भी बनाती हैं जहाँ लोग व्यापार, काम और सहयोग करते हैं।
- यूरोपीय संघ – यूरोपीय संघ (EU) 27 यूरोपीय देशों का समूह है जो कुछ फ़ैसले और क़ानून साझा करते हैं। इसकी शुरुआत 1951 में हुई, जब छह देशों ने कोयला और इस्पात साझा किया ताकि उनके बीच युद्ध असंभव हो जाए। धीरे-धीरे यह एकल बाज़ार बना जहाँ सामान, लोग, सेवाएँ और पैसा आज़ादी से चलते हैं। आयोग क़ानून का प्रस्ताव रखता है, संसद और परिषद उसे पारित करते हैं, और न्यायालय देखता है कि उसका पालन हो। 21 सदस्य यूरो चलाते हैं। यूनाइटेड किंगडम 2020 में बाहर हो गया।
4. Information and the media
Information revolutions · Freedom or control of information · Conclusion: getting informed in the internet age
- मीडिया साक्षरता (Media Literacy) – मीडिया साक्षरता मीडिया को पढ़ने, उस पर सवाल करने और खुद बनाने का हुनर है: समाचार, विज्ञापन, वीडियो, पोस्ट, फ़िल्म और गेम। हर मीडिया पाठ किसी ने, किसी उद्देश्य से, किसी दर्शक के लिए बनाया है, और उसमें ऐसे रूप, परिपाटियाँ और तकनीकें हैं जो हमारी भावना बदलती हैं। मीडिया-साक्षर व्यक्ति मानने या शेयर करने से पहले स्रोत, सबूत, दूसरे स्रोत और मूल जाँचता है, पूर्वाग्रह और फ़िल्टर बबल पहचानता है, और ज़िम्मेदारी से अपना मीडिया बनाता है।
5. States and religions
Power and religion in history · Uneven secularisation · Conclusion: state and religions in India
- धर्मनिरपेक्षता: सबका बराबर सम्मान, कोई वर्चस्व नहीं – धर्मनिरपेक्षता दो तरह के धार्मिक वर्चस्व का विरोध करती है: अंतर-धार्मिक वर्चस्व (एक धार्मिक समूह का दूसरे पर हावी होना) और अंतः-धार्मिक वर्चस्व (एक ही धर्म के अंदर कुछ सदस्यों का दूसरों पर हावी होना, जैसे जाति या लिंग के नियमों से)। धर्मनिरपेक्ष राज्य किसी धर्म से नहीं चलता, उसका कोई राजकीय धर्म नहीं और वह किसी धर्म का पक्ष नहीं लेता। पश्चिमी मॉडल, ख़ासकर अमेरिका में, कड़ी अलगाव की दीवार है और ध्यान व्यक्ति की आज़ादी पर है। भारतीय धर्मनिरपेक्षता सैद्धांतिक दूरी रखती है: राज्य धर्म से दूर रहता है पर छुआछूत जैसे अन्याय को ख़त्म करने के लिए दख़ल दे सकता है और सब धर्मों की बराबर मदद कर सकता है; यह व्यक्ति और अल्पसंख्यक समुदाय दोनों के अधिकार बचाती है। आलोचक इसे धर्म-विरोधी, पश्चिमी आयात, अल्पसंख्यकवाद, हस्तक्षेपकारी और वोट बैंक राजनीति कहते हैं; हर आलोचना का उत्तर है।